कोरोना कंट्रोल करने में कमाल कर दिया, चीन से तुलना कर बाइडेन ने थपथपाई पीएम मोदी की पीठ

द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि, हम हिंद-प्रशांत पर द्विपक्षीय स्तर पर और समान विचारधारा वाले देशों के साथ समान विचार साझा करते हैं ताकि हमारी साझा चिंताओं की रक्षा के लिए काम किया

टोक्यो, मई 24: जापान की राजधानी टोक्यो में चल रहे क्वाड सम्मेलन से अलग भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच द्विपक्षीय मुलाकात हुई है और इस दौरान एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कोरोना को बेहतर तरीके से कंट्रोल करने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री की तारीफ की है।

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    बाइडेन ने की मोदी की तारीफ

    बाइडेन ने की मोदी की तारीफ

    एएनआई ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है, कि भारतीय प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान जो बाइडेन ने लोकतांत्रित तरीके से कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन से भारत की तुलना की है और कहा है कि, दोनों देशों की आबादी करीब करीब बराबर है, लेकिन भारत ने लोकतांत्रिक तरीके से कोरोना को कंट्रोल करने के लिए काम किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि पीएम मोदी की कोरोना को कंट्रोल करने की सफलता ने दुनिया को दिखाया है कि, लोकतंत्र कितनी सफलता से काम कर सकता है, और उन्होंने इस मिथक का भंडाफोड़ किया कि चीन और रूस जैसे निरंकुश शासन तेजी से बदलती दुनिया को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं क्योंकि उनका नेतृत्व लंबी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से गुजरे बिना निर्णय लेते हैं और उस फैसले को अलोकतांत्रिक तरीके से लागू करवाते हैं।

    बाइडेन-पीएम मोदी की मुलाकात

    बाइडेन-पीएम मोदी की मुलाकात

    रिपोर्ट के मुताबिक, द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि, हम हिंद-प्रशांत पर द्विपक्षीय स्तर पर और समान विचारधारा वाले देशों के साथ समान विचार साझा करते हैं ताकि हमारी साझा चिंताओं की रक्षा के लिए काम किया जा सके। आज की हमारी चर्चा इस सकारात्मक गति को गति देगी। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की ये बैठक पिछले महीने 11 अप्रैल को वर्चुअल मोड में हुई बातचीत करने के बाद नियमित संवाद की निरंतरता का प्रतीक है। उम्मीद है कि दोनों नेता भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे और सितंबर 2021 में राष्ट्रपति बाइडेन के साथ पीएम की द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुई चर्चाओं पर आगे की कार्रवाई करेंगे। वे साझा हित के क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, क्वाड समिट ने दोनों नेताओं को हिंद-प्रशांत क्षेत्र के विकास और पारस्परिक हित के समकालीन वैश्विक मुद्दों के बारे में विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान किया। क्वाड समिट ने समुद्री क्षेत्र, अंतरिक्ष, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा में निरंतर सहयोग के लिए एक नई पहल की शुरुआत देखी।

    छात्रों के लिए क्वाड फेलोशिप प्रोग्राम

    छात्रों के लिए क्वाड फेलोशिप प्रोग्राम

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि, भारतीय छात्रों को क्वाड फेलोशिप कार्यक्रम ने बेहतर भविष्य का निर्माण करने वाले एसटीईएम नेताओं और इनोवेटर्स की अगली पीढ़ी में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया है। आपको बता दें कि, ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका के नेताओं ने आज टोक्यो में क्वाड फेलोशिप की शुरुआत की है, जिसमें सदस्य देशों के 100 छात्रों को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) में स्नातक डिग्री के लिए अमेरिका में अध्ययन के लिए प्रायोजित किया जाएगा। यह अपनी तरह का पहला छात्रवृत्ति कार्यक्रम है जो एसटीईएम में ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के शीर्ष दिमागों को एक साथ लाएगा। क्वाड फेलोशिप पर पीएम मोदी ने कहा कि, ‘क्वाड फेलोशिप कार्यक्रम एक अद्भुत और अनूठी पहल है। यह प्रतिष्ठित फेलोशिप हमारे छात्रों को स्नातक और डॉक्टरेट कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के महान अवसर प्रदान करेगी।"

    क्वाड फेलोशिप प्रोग्राम में क्या है?

    क्वाड फेलोशिप प्रोग्राम में क्या है?

    भारतीय छात्रों के लिए क्वाड की बैठक ने इनोवेशन के क्षेत्र में एक बड़ा दरवाजा खोला है और प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, क्वाड फैलोशिप प्रोग्राम क्वाड देशों के छात्रों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ावा देगा। वहीं, व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा है कि, ‘क्वाड लीडर्स को क्वाड फेलोशिप के लिए आवेदन खोलने पर गर्व महसूस हो रहा है, जो साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) क्षेत्र में स्नातक डिग्री के लिए हर साल संयुक्त राज्य अमेरिका में अध्ययन करने के लिए 100 अमेरिकी, ऑस्ट्रेलियाई, भारतीय और जापानी छात्रों को फंड करेगा। व्हाइट हाउस ने कहा कि, "क्वाड फैलोशिप असाधारण एसटीईएम ग्रेजुएट छात्रं को पॉजिटिव सोशल इम्पैक्ट के साथ अपने करियर में रिसर्च और इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत करता है और इसके जरिए छात्र आपस में सांस्कृतिक तौर पर भी एक दूसरे से जुड़ पाएंगे।

    कब शुरू होगा क्वाड फेलोशिप प्रोग्राम?

    कब शुरू होगा क्वाड फेलोशिप प्रोग्राम?

    आपको बता दें कि, क्वाड फेलोशिप प्रोग्राम के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना शुरू हो गये हैं और क्वाड देशों के छात्र 30 जून तक क्वाड फेलोशिप प्रोग्राम के लिए आवेदन कर सकते हैं और इस प्रोग्राम का पहला सेशन 2023 में शुरू होगा। इस कार्यक्रम को पिछले साल सितंबर में घोषित किया गया था और इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को सार्वजनिक और शैक्षणिक क्षेत्रों के अलावा इनोवेशन और कॉपरेशन के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए साइंस और टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञों के द्वारा शिक्षा दी जाएगी। वहीं, क्वाड फेलोशिप प्रोग्राम के जरिए एक नेटवर्क का विकास किया जाएगा, जिसका मकसद क्वाड देशों की भलाई के लिए काम करना होगा।

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