रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने क्रीमिया ब्रिज पर चलाई मर्सिडीज कार, यूक्रेन ने विस्फोट कर उड़ाया था पुल
क्रीमिया ब्रिज वही पुल है जिस पर अक्टूबर महीने में यूक्रेन ने हमला किया था। इस पुल के टूटने के बाद से रूस और क्रीमिया के बीच जमीनी संपर्क लगभग खत्म हो चुका था। इसके बाद से ही इसे ठीक करने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू था।

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हाल ही में पश्चिमी मीडिया से ये खबर फैली कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने घर में ही सीढ़ियों पर से गिर गए हैं जिसमें उन्हें काफी चोटें लगी हैं। इस दौरान यह भी बताया गया कि पुतिन के रीढ़ की हड्डी के पास में चोट लग गई है और वह ठीक से बैठ नहीं पा रहे हैं। लेकिन इस खबर के आने के कुछ ही घंटे बाद पुतिन ने क्रीमिया ब्रिज पर खुद मर्सिडीज कार ड्राइव कर सभी अटकलों को खामोश कर दिया है।

क्रीमिया ब्रिज पर बिल्डरों से भी की बात
पुतिन के क्रीमिया ब्रिज दौरे में उनके साथ रूसी उप्र प्रधानमंत्री दिमित्री रोगोजिन भी थे। क्रीमिया ब्रिज वही पुल है जिस पर अक्टूबर महीने में यूक्रेन ने हमला किया था। इस पुल के टूटने के बाद से रूस और क्रीमिया के बीच जमीनी संपर्क लगभग खत्म हो चुका था। इसके बाद से ही इसे ठीक करने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा था। इसी पुल का सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दौरा किया है। ये वही पुल है जो रूस और क्रीमिया को जोड़ता है। बताया जा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति ने केर्च ब्रिज या क्रीमिया ब्रिज पर बिल्डरों से भी बात की।

रूसी ताकत का प्रतीक है क्रीमिया ब्रिज
यूक्रेन ने इस पुल को अक्टूबर में तबाह कर दिया गया था। 19 किलोमीटर लंबा ये पुल रूस के लिए बेहद अहम है। रूस को यूक्रेन के कई इलाकों पर कब्जा करने में यह पुल बेहद मददगार साबित हुआ था। इस ब्रिज को रूसी ताकत का प्रतीक माना जाता था। अरबों की लागत वाले इस पुल को रूस की शान के रूप में देखा जाता था। यूं ही नहीं इस पुल के टूटने से रूसी राष्ट्रपति इतने नाराज हो गए कि उन्होंने इसे एक आंतकी कृत्य करार दिया।

ट्रक में विस्फोट कर गिराया ब्रिज
क्रीमियन ब्रिज वास्तव में दो पुल हैं- एक सड़क के लिए और दूसरा रेल के लिए है। सड़क ब्रिज के अपने आप में दो स्वतंत्र पुल संरचनाएं हैं, जबकि रेल पुल एक एकल पुल संरचना है, जिसपर दो गिट्टी वाली रेल पटरियां हैं। जानकारी के मुताबिक इस पुल पर ऐसे हमला किया गया कि इसके दोनों हिस्सों को नुकसान पहुंचे। सबसे पहले ब्रिज पर एक ट्रक बम से हमला हुआ जिसके कारण ब्रिज का एक हिस्सा ढह गया। ठीक इसी दौरान दूसरे हिस्से में ईंधन ले जा रहे रेलवे के सात डिब्बों में भी आग लग गई। इस हमले के कारण पुल के दो खंड आंशिक रूप से धराशायी हो गए।

पुतिन ने ट्रक चलाकर किया था उद्घाटन
लगभग तीन सालों बाद 2019 में 19 किलोमीटर लंबा यह पुल बनकर तैयार हुआ। शानदार इंजीनियरिंग का नमूना रहा यह पुल ब्लैक सी और अजोव सी को जोड़ता है। इस पुल को बनाने में रूस को 3.7 बिलियन डॉलर खर्च हुए थे। क्रीमिया को ईंधन, भोजन और कई अन्य महत्वपूर्ण चीजों की सप्लाई के लिए ये पुल महत्वपूर्ण है। पहली बार साल 2018 में पहली बार यह ब्रिज दुनिया की नजरों में आया था। पुतिन ने स्वयं ट्रक चलाकर बड़े जोश से इस ब्रिज का उद्घाटन किया था। अब जब पुतिन ने स्वंय इस पुल का दौरा किया है तो वह शायद यह संकेत देना चाहते हैं कि इस पुल की मरम्मत का काम अब पुरा हो चुका है या होने वाला है। यानी कि यूक्रेन की परेशानी अभी और बढ़ने वाली है।
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