बातचीत से टूटा रूसी राष्ट्रपति का भरोसा, पुतिन के करीबी की चेतावनी, प्रतिबंध नहीं घोंट पाएंगे रूस का गला

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मारियुपोल के नजदीक काला सागर में रूसी युद्धपोत के डूबने के बाद रूसी राष्ट्रपति आग-बबूला हो गये थे।

मॉस्को/कीव, अप्रैल 25: समाचार वेबसाइट फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के डिप्लोमेटिक कोशिशों को लेकर अपना भरोसा खो दिया है और अब रूसी राष्ट्रपति का मकसद यूक्रेन में ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों पर कब्जा करना है। फाइनेंशियल टाइम्स ने ये दावा उस वक्त किया है, जब अमेरिका के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री यूक्रेन के दौरे पर पहुंचे हैं।

पुतिन का बातचीत से उठा विश्वास

पुतिन का बातचीत से उठा विश्वास

फाइनेंशियल टाइम्स ने कहा है कि, पिछले महीने जब रूसी सेना को यूक्रेन में भारी नुकसान हो रहा था, उस वक्त रूसी राष्ट्रपति कथित तौर पर यूक्रेन के साथ शांति समझौते की मांग कर रहे थे, लेकिन अब इस शांति समझौते में शामिल अपने लोगों से रूसी राष्ट्रपति ने कहा है कि, अब यूक्रेन और रूस के बीच समझौते की कोई संभावना नहीं है। फाइनेंशियल टाइम्स ने रूसी राष्ट्रपति और उनके अधिकारियों के बीच हुई बातचीत को लेकर ये खबक दी है, जिसमें समचारा वेबसाइट ने दावा किया है कि, ‘पुतिन पूरी तरह से उस बहस पर विश्वास कर रहे हैं, जो रूस के सरकारी टीवी चैनल पर किया जाता है, जिसे सरकार नियंत्रित करती है और पुतिन का मानना है, कि उन्हें यूक्रेन में बहुत बड़ी जीत मिलेगी'। आपको बता दें कि, बूचा में रूसी सैनिकों पर नरसंहार का आरोप लगाने के बाद रूस और यूक्रेन के बीच की बातचीत करीब करीब बंद है और जेलेंस्की ने कहा था, कि अब बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है।

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    युद्धपोत डूबने से पुतिन आग-बबूला

    युद्धपोत डूबने से पुतिन आग-बबूला

    फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मारियुपोल के नजदीक काला सागर में रूसी युद्धपोत के डूबने के बाद रूसी राष्ट्रपति आग-बबूला हो गये थे। इस रूसी युद्धपोत मोस्कवा को यूक्रेनी सेना ने मिसाइल हमले में डूबो दिया है, जिसको लेकर रूसी राष्ट्रपति ने कहा है कि, अब शांति का प्रयास दम तोड़ने के आखिरी पलों में हैं। आपको बता दें कि, शुक्रवार को रूस ने पहली बार माना है कि, मिसाइल क्रूजर युद्धपोत के डूबने से चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई और 27 लापता हैं। रूसी क्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि, ‘13 अप्रैल को आग लगने के परिणामस्वरूप, गोला-बारूद के विस्फोट के कारण मोस्कवा मिसाइल क्रूजर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था'। हालांकि, पेंटागन ने दावा किया है कि, यूक्रेन से दागी गई दो मिसाइलों की चपेट में आने के बाद रूसी युद्धपोत काला सागर में डूबा है।

    2 महीने से चल रही लड़ाई

    आपको बता दें कि, यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए अब तीसरा महीना शुरू हो गया है और ना ही बर्बाद होने के बाद यूक्रेन ने अपने घुटने टेके हैं, और ना ही अपने सैन्य अभियान से रूस को ही कामयाबी मिली है। वहीं, यूनाइटेड नेशंस ने अनुमान लगाया है कि, यूक्रेन युद्ध की वजह से दुनिया में बहुत बड़ा शरणार्थी संकट पैदा हो गया है और अभी तक करीब 50 लाख यूक्रेनी नागरिकों ने पलायन किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षा सचिव ने रविवार को कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ बातचीत की है। रायटर्स की रिपोर्ट है कि, ज़ेलेंस्की ने दक्षिण और पूर्व में रूसी आक्रमण का विरोध करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका से अधिक शक्तिशाली हथियार देने के लिए कहा है।

    अज़ोवस्टल हमले की तैयारी में रूस

    अज़ोवस्टल हमले की तैयारी में रूस

    वहीं, अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अब रूसी सैनिकों ने मारियुपोल के अज़ोवस्टल स्टील प्लांट में जान बचाने के लिए छिपे यूक्रेनी सैनिकों पर गोलाबारी शुरू कर दी है। इससे पहले रूसी राष्ट्रपति ने अपने सैनिकों से कहा था, कि उनपर अब हमला करने की जरूरत नहीं है, लेकिन स्टील प्लांट को इस तरह से घेर दिया जाए, कि एक मक्खी भी बाहर नहीं विकल सके। लेकिन, अब रिपोर्ट है कि, स्टील प्लांट पर रूसी सैनिकों ने गोलीबारी की है, जिसमें भारी संख्या में सैनिकों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। पिछले हफ्ते आई एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि, कम से कम एक हजार यूक्रेनी सैनिक स्टील प्लांट क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनके पास हथियार और खाद्य सामग्री खत्म हो चुके हैं।, इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर ने अपने विश्लेषण में भारी संख्या में यूक्रेनी सैनिकों के मारे जाने की आशंका जताई है।

    प्रतिबंध नहीं घोंट पाएंगे गला

    प्रतिबंध नहीं घोंट पाएंगे गला

    वहीं, रूसी राष्ट्रपति के एक नजदीकी सीनेटर ने चेतावनी देते हुए कहा है कि, रूस के खिलाफ जो भी मौजूदा प्रतिबंध लगाए गये हैं, वो मास्को की अर्थव्यवस्था का "गला घोंटने" में सक्षम नहीं होंगे और यूरोपीय संघ ने रूस के जीवाश्म ईंधन के बिना कार्य करने में असमर्थता का खुलासा किया है। पुतिन के करीबी सीनेटर अलेक्सी पुष्कोव ने समाचार पत्र इज़वेस्टिया को दिए इंटरव्यू में कहा है, कि 2027 तक रूसी जीवाश्म ईंधन को समाप्त करने की यूरोपीय संघ की योजना "रूस से आपूर्ति के बिना जर्मनी और कई अन्य यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था के कामकाज को असंभव बना देगा"। यानि, रूस का मानना है कि, यूरोपीय संघ किसी भी हाल में रूसी ऊर्जा के बिना नहीं रह पाएगा। पुतिन के करीबी सीनेटर ने कहा कि. प्रतिबंध दो कारणों से रूस की अर्थव्यवस्था का गला घोंटने में असमर्थ होंगे। "पहला हाइड्रोकार्बन की कीमतों में वृद्धि है, जो रूस को रिकॉर्ड बजट सरप्लस प्रदान करेगा। दूसरा प्रतिबंधों की दीर्घकालिक प्रकृति है, जो रूस को नई परिस्थितियों के अनुकूल होने के लिए पर्याप्त समय देती है। यह सब रूसी अर्थव्यवस्था के पतन को असंभव बनाता है'।

    ‘प्रतिबंधों का नहीं होगा असर’

    ‘प्रतिबंधों का नहीं होगा असर’

    वहीं, यूक्रेन ने भी कहा है कि, रूसी सैनिकों द्वारा लगातार यूक्रेन में बर्बरता किया जाना, बेगुनाह लोगों और मासूम बच्चों और औरतों को मारा जाना, साफ करता है कि, रूस के खिलाफ जो मौजूदा प्रतिबंध लगाए गये हं, उससे रूस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति के कार्यालय के प्रमुख एंड्री यरमक ने कहा कि, यूक्रेन में युद्ध की निरंतरता और लोगों और बच्चों की हत्या "यह स्पष्ट करती है कि मौजूदा प्रतिबंध नीति अपर्याप्त है'। उन्होंने कहा कि, ‘इसे मजबूत करने की जरूरत है। इसे लगातार अपडेट करने की आवश्यकता है, नए प्रतिबंधों को लगातार विकसित करने की आवश्यकता है'। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने फ्रेंच टीवी पर एर इंटरव्यू के दौरान ये बातें कही हैं।

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