मिलिए, MeToo शुरू करने वाली महिला से, जानें मीटू की पहली कहानी
नई दिल्ली। #MeToo इंडिया जोर पकड़ रहा है। तनुश्री दत्ता, संध्या मदुल, कंगना रनौत और न जाने कितनी महिलाएं, सेलेब्रिटी इस मूवमेंट के तहत अपनी कहानियां दुनिया के सामने रख चुकी हैं। #MeToo अभियान का जिक्र आते ही सबसे पहले जो नाम जेहन में आता है, वो है- हॉलवुड प्रोड्यूसर हार्वी वाइंस्टाइन। 2017 में जब हार्वी वाइंस्टाइन का नाम सामने आया, तबसे #MeToo ग्लोबली चर्चा में आ गया। ज्यादातर लोग ऐसा मानते भी हैं कि #MeToo की शुरुआत 2017 में हुई, लेकिन इसकी शुरुआत काफी पहले 2006 में हुई थी। #MeToo की शुरुआत जिस महिला ने की, उनका नाम है- टराना बर्क। वह महिलाओं की आवाज उठाने के लिए जानी जाती हैं। टराना बर्क एक्टिविस्ट होने के साथ ही वकील भी हैं।

6 साल की उम्र में यौनशोषण की शिकार हुई थीं टराना बर्क
#MeToo की शुरुआत करने वाली टराना बर्क खुद भी यौनशोषण की शिकार हो चुकी हैं। वह जब 6 साल की थीं, तब उन्हें इस दर्दनाक अनुभव का सामना करना पड़ा। टराना बर्क का यौनशोषण उनके पड़ोसी ने किया था। युवा अवस्था में उन्हें रेप की भयावहता से भी गुजरना पड़ा। वह इस दर्द को जानती हैं। उस पीड़ा से गुजरी हैं टराना बर्क।

पहली बार इस तरह सामने आया #MeToo
अफ्रीकी मूल अमेरिकी नागरिक टराना बर्क ने 2006 में महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए हैशटैग मीटू बनाया। टराना बर्क कहती हैं कि वह अश्वेत महिलाओं के यौनशोषण की घटनाओं से बेहद आहत थीं। वह उनके लिए कुछ करना चाहती थीं। उस समय मायस्पेस नाम से एक सोशल मीडिया पेज एक्टिव था। यौनशोषणा की शिकार महिलाओं को आवाज देने के लिए इसी प्लेटफॉर्म पर टराना बर्क बर्क ने पहली बार हैशटैग MeToo का प्रयोग किया था।

ज्यादातर लोग मानते हैं एलिसा मिलानो ने शुरू किया #MeToo
साल 2017 में अभिनेत्री एलिसा मिलानो ने हैशटैग MeToo के साथ महिलाओं को यौनशोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया था। एलिसा मिलाने ने 15 अक्टूबर 2017 की दोपहर को हैशटैग मीटू यूज किया था। इसी दिन रात होते-होते 20 हजार से ज्यादा महिलाओं ने इसे यूज किया। देखते ही देखते #MeToo सुर्खियों में आने लगा।

एलिसा मिलानो ने भी माना कि #MeToo की शुरुआत टराना बर्क ने की
एलिसा मिलानो के ट्वीट के बाद टराना बर्क ने वीडियो पोस्ट कर बताया कि पहली बार उन्होंने मीटू का इस्तेमाल किया था। हालांकि, बाद में एलिसा मिलानो ने भी माना कि #MeToo टराना बर्क की ही देन है। टराना बर्क का कहना है कि उन्हें इस बात की खुशी है कि एलिसा मिलानो की वजह से #MeToo की चर्चा दुनिया भर में होने लगी। उन्होंने वीडियो पोस्ट करके दुनिया को यह बात इसलिए बताई, ताकि उन्हें पता चले कि इसके पीछे और लोगों की भी मेहनत है।
#MeToo के तहत पहली बार सामने आई थी यह घटना
#MeToo के तहत सबसे पहले एक बच्ची के यौनशोषण की कहानी सामने आई थी। टराना ने बताया कि वह एक कैंप में लोगों से मिलने के लिए गई थीं। इस दौरान उन्हें एक बच्ची का बर्ताव बेहद अजीब लगा। टराना बर्क ने बच्ची से इस बारे में बात की तो पता चला कि उसकी मां का बॉयफ्रेंड उसका यौनशोषण कर रहा था। इस बच्ची की कहानी सुनकर टराना बर्क के जेहन में दो शब्द आए MeToo जो बाद में पूरी दुनिया की महिलाओं के लिए दर्द बयां करने वाला हैशटैग बन गया और अब यह मूवमेंट बन चुका है।












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