Modi in Wuhan: जिनपिंग ने मोदी के साथ मीटिंग में आतंकवाद को बताया खतरा, कहा मिलकर करेंगे इसे खत्म
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन दौरे का आज दूसरा दिन है। शनिवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अनौपचारिक मुलाकात की शुरुआत ईस्ट लेक के किनारे मॉर्निंग वॉक के साथ हुई। शनिवार को विदेश सचिव विजय गोखले और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक प्रेस कांफ्रेंस की।
वुहान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन दौरे का आज दूसरा दिन है। शनिवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अनौपचारिक मुलाकात की शुरुआत ईस्ट लेक के किनारे मॉर्निंग वॉक के साथ हुई। शनिवार को विदेश सचिव विजय गोखले और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक प्रेस कांफ्रेंस की। इस प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जब पीएम मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग मिले तो उनके बीच किन-किन मुद्दों पर बात हुई। गौरतलब है कि जिनपिंग की ओर से पीएम मोदी को वुहान में 'अनौपचारिक मुलाकात' का इनवाइट दिया गया था। मोदी के वुहान दौरे के पहले दिन जिनपिंग ने वुहान के गेस्ट हाउस में प्रोटोकॉल तोड़कर उनका स्वागत किया।

जिनपिंग ने समझा आतंकवाद का खतरा
विदेश सचिव गोखले ने जानकारी दी कि जिनपिंग ने आतंकवाद के समान खतरे को महसूस किया और उन्होंने इसके सभी तरह के स्वरूपों की निंदा की है। इसके साथ ही जिनपिंग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विदेश सचिव ने बताया कि मोदी और जिनपिंग दोनों ने एक स्वर से कहा कि भारत-चीन दोनों ही आतंकवाद का सामना कर रहे हैं।

सीमा विवाद का निकले तार्किक हल
आतंकवाद के अलावा मोदी-जिनपिंग के बीच भारत-चीन के बीच स्थित सीमा विवाद पर भी बात हुई। जिनपिंग और मोदी दोनों ने इस बात का समर्थन किया है कि एक विशेष प्रतिनिधि के जरिए इस विवाद को एक तार्किक आपसी हल तलाशना चाहिए। आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को हल करने के लिए अब तक 20 दौर की वार्ता हो चुकी है।पिछले वर्ष जून में हुए डोकलाम विवाद के बाद दोनों नेता पहली बार इस तरह से मिल रहे हैं।

सेनाओं के बीच बढ़ाया जाए भरोसा
दोनों नेताओं ने माना कि बॉर्डर के आसपास के क्षेत्र में शांति कायम रखना बहुत जरूरी है। मोदी और जिनपिंग ने शांति बरकरार रखने के लिए और सेनाओं के बीच संपर्क को मजबूत करने, भरोसे और आपसी समझ को बढ़ाने के लिए रणनीतिक निर्देश जारी करने का फैसला किया है।

फिल्मों पर भी हुई बात
विदेश सचिव ने जानकारी दी कि पीएम मोदी ने मनोरंजन जिसमें फिल्म क्षेत्र भी शामिल है, उसमें सहयोग बढ़ाने के लिए तरीकों की तलाश करने का प्रस्ताव दिया। इस पर जिनपिंग ने कहा कि उन्होंने कई भारतीय फिल्में देखी हैं और ऐसे में मोदी का इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का ख्याल काफी अच्छा है। विदेश सचिव विजय गोखले के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा भारतीय फिल्मों को चीन तक आना चाहिए और इसी तरह से भारत तक चीन की फिल्में पहुंचनी चाहिए।












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