PM Modi Speech Highlights: SCO समिट में PM मोदी ने रखा भारत का विजन, तियानजिन से आतंकवाद पर दिया कड़ा संदेश
PM Modi SCO Summit Speech Highlights: चीन के तियानजिन शहर में सोमवार का दिन भारतीय कूटनीति के लिए बेहद अहम साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे, जहां उनकी मौजूदगी और मुलाकातों ने सबका ध्यान खींच लिया। इस यात्रा को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि यह ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक असंतुलन गहराता जा रहा है और भारत के सामने कई कूटनीतिक चुनौतियां भी खड़ी हैं।
पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने पिछले कुछ महीनों में रिश्तों में आई सकारात्मक प्रगति की सराहना की और सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने पर जोर दिया। यह मुलाकात BRICS शिखर सम्मेलन (कज़ान, अक्टूबर 2024) के बाद पहली सीधी बातचीत रही।

पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग परिषद (एससीओ) के सदस्यों के सत्र में भारत का वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा, "मुझे एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेकर खुशी हो रही है। मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग को हमारे भव्य स्वागत के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ। आज उज़्बेकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस है, मैं उन्हें भी बधाई देता हूँ..."
- पीएम मोदी ने कहा, एससीओ के सदस्य के रूप में भारत ने बहुत सकारात्मक भूमिका निभाई है। एससीओ के लिए भारत का दृष्टिकोण और नीति तीन महत्वपूर्ण स्तंभों पर आधारित है- एस - सुरक्षा, सी - संपर्क और ओ - अवसर
- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। हाल ही में, हमने पहलगाम में आतंकवाद का सबसे बुरा रूप देखा। मैं उस मित्र देश के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ जो इस दुख की घड़ी में हमारे साथ खड़ा रहा।"
- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह का दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है।"
एससीओ में भारत की भूमिका
एससीओ के पूर्ण सत्र में पीएम मोदी क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने और साझा चुनौतियों से निपटने पर भारत की दृष्टि प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद उनकी पुतिन के साथ औपचारिक बैठक होगी, जिसके बाद पीएम मोदी भारत लौटेंगे।












Click it and Unblock the Notifications