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Earthquake Alert: भूकंप के जोरदार झटकों से दहला फिलीपिंस - Tsunami Warning जारी, देखें तबाही का मंजर

Philippines Earthquake: फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप के पास बुधवार, 7 जनवरी 2026 को 6.4 तीव्रता के तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए दर्ज किया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इसका केंद्र सैंटियागो शहर से 27 किमी दूर समुद्र में 58.5 किलोमीटर की गहराई पर था।

हालांकि शुरुआती तीव्रता 6.7 बताई गई थी, लेकिन बाद में इसे संशोधित किया गया। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी बड़े नुकसान या सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

Philippines Earthquake
(AI Image)

कंपन लगभग 5 सेकंड तक रहा

भूकंप के झटके पूर्वी प्रांत दावाओ ओरिएंटल में महसूस किए गए। स्थानीय राहत कर्मी नैश परागास के अनुसार, यह कंपन लगभग 5 सेकंड तक रहा, जिससे खड़ी कारें हिलने लगीं। हालांकि झटके तेज थे, लेकिन अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। विशेषज्ञ समुद्र में आए इस भूकंप के बाद होने वाली हलचल पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अनहोनी से निपटा जा सके।

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रिंग ऑफ फायर का खतरा

फिलीपींस भौगोलिक रूप से प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है। यह दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र है जो जापान से लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैला हुआ है। इस बेल्ट में टेक्टोनिक प्लेटों की निरंतर हलचल के कारण फिलीपींस में भूकंप आना एक सामान्य प्रक्रिया है। यही कारण है कि यहाँ के लोग और प्रशासन अक्सर आने वाले इन प्राकृतिक झटकों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

अतीत की भयावह यादें

मिंडानाओ क्षेत्र के लिए भूकंप का यह खतरा नया नहीं है। इससे पहले अक्टूबर में आए 7.4 और 6.7 तीव्रता के दोहरे भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 8 लोगों की मृत्यु हुई थी। वहीं, सेबू प्रांत में आए 6.9 तीव्रता के एक अन्य भूकंप में 76 लोगों की जान गई थी और हजारों घर नष्ट हो गए थे। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि इस क्षेत्र में छोटे झटके भी कभी-कभी बड़ी तबाही का संकेत हो सकते हैं।

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क्यों आता है बार-बार भूकंप?

पृथ्वी की ऊपरी परत, जिसे लिथोस्फियर कहते हैं, कई टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती हैं, तो जमीन के भीतर भारी ऊर्जा जमा हो जाती है। जब चट्टानें इस दबाव को नहीं झेल पातीं, तो वे अचानक टूटती या खिसकती हैं, जिससे कंपन पैदा होता है। यही कंपन तरंगों के रूप में सतह पर आता है, जिसे हम भूकंप कहते हैं। इसकी गहराई और तीव्रता नुकसान का पैमाना तय करती है।

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