20 साल में मुंह से नहीं निकले थे एक शब्द, AI और न्यूरो साइंस का कमाल, बोलने लगी महिला

पिछले 20 साल से लगवाग्रस्त 47 वर्षीय एक महिला ने जब पहली बार अपनी आवाज सुनी तो वो एक बड़ा भावुक पल था। जिसके लिए साइंटिस्ट्स की टीम ने बेहद कड़ी मेहनत की थी।

कैलिफोर्निया के साइंटिस्ट्स ने मेडिकल के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करते हुए एक नई खोज की है। जिसके जरिए लकवाग्रस्त महिला अब बोलने में सक्षम हो पाई है। महिला नाम ऐन है, जिसे पिछले 20 साल से लकवाग्रस्त थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रेनस्टेम स्ट्रोक (brainstem stroke) का अनुभव हुआ था, जिससे उनकी बोलने की क्षमता खत्म हो चुकी थी। लेकिन एआई के इस्तेमाल और मेडिकल की टीम के मेहनत का परिणाम जो हुआ वो वाकई चौंकाने वाला था।

AI इनेबल सिस्टम को दी गई खास ट्रेनिंग
कैलिफोर्निया का साइंटिस्ट्स लिटिलजॉन की टीम ने इसके लिए कई हफ्तों तक काम किया था। इसके लिए ब्रेन साइन को पहचानने के लिए 1,024 शब्दों की कन्वर्सेशनल वोकैबलरी के लिए तैयार किया गया था। साइंटिस्ट लिटिलजॉन ने मरीज ऐन को लेकर कहा वो एक अच्छी और हिम्मती महिला हैं। उन्होंने कहा, "वह बेहद समर्पित और मेहनती हैं, न्यूरो चिकित्सा के दौरान जब तक जरूरत होती थी तब तक वो उपलब्ध रहती थीं। उन्हें भी इस बात की अच्छी तरह समझ है कि इस खास रिसर्च के प्रयोग से हजारों लाखों का भला हो सकता है।" लिटिलजॉन ने आगे कहा कि ये प्रयास एक स्पीच न्यूरोप्रोस्थेसिस बनाने की दिशा में काफी अहम है। जिससे स्ट्रो के बाद विकलांगता की समस्या से जूझ रहे मरीजों की मदद हो सकती है।

Stroke patient got voice AI neuro science

एआई इनेबल सिस्टम को दी गई खास ट्रेनिंग
कैलिफोर्निया का साइंटिस्ट्स लिटिलजॉन की टीम ने इसके लिए कई हफ्तों तक काम किया था। इसके लिए ब्रेन साइन को पहचानने के लिए 1,024 शब्दों की कन्वर्सेशनल वोकैबलरी के लिए तैयार किया गया था। साइंटिस्ट लिटिलजॉन ने मरीज ऐन को लेकर कहा वो एक अच्छी और हिम्मती महिला हैं। उन्होंने कहा, "वह बेहद समर्पित और मेहनती हैं, न्यूरो चिकित्सा के दौरान जब तक जरूरत होती थी तब तक वो उपलब्ध रहती थीं। उन्हें भी इस बात की अच्छी तरह समझ है कि इस खास रिसर्च के प्रयोग से हजारों लाखों का भला हो सकता है।" लिटिलजॉन ने आगे कहा कि ये प्रयास एक स्पीच न्यूरोप्रोस्थेसिस बनाने की दिशा में काफी अहम है। जिससे स्ट्रो के बाद विकलांगता की समस्या से जूझ रहे मरीजों की मदद हो सकती है।

कैसे हुआ लेडी का इलाज?
लकवाग्रस्त महिला ऐना अब 47 साल की हैं। जब उन्हें ये बीमारी हुई तो 25 साल की थी। उन्हें 18 साल पहले ब्रेनस्टेम स्ट्रोक (brainstem stroke) की समस्या हुई। जिसके बाद धीरे धीरे उनके बोलने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई। उनका इलाज करवाकर परिवार थक चुका था। लेकिन कैलिफोर्नियां के साइंटिस्ट्स की एक टीम ने लेडी के इलाज के लिए खास रिसर्च शुरू की। ऐना के लिए 253 इलेक्ट्रोड्स तैयार किए गए। ये बेहद पतले इलेक्ट्रोड हैं, जिन्हें क्रेडिट कार्ड के साइज के आकार में सेट करके ऐना के ब्रेन में इंप्लांट किया गया। इस इलेक्ट्रोड में ऐना के जबड़े, चीभ, लैरिंक्स और चेहरे के एक्स्प्रेशन को ट्रैक करने के लिए सक्षम बनाया गया है। इन इलेक्ट्रड्स के जरिए ऐना के चेहरे पर आने वाले एक्प्रेशन्स को भी ट्रैक किया गया है। इन इलेक्ट्रोड्स को एआई इनेबल सिस्टम से जोड़ा गया। इसके लिए साइंटिस्ट्स की टीम ऐना के सिर में लगे इलेक्ट्रोड्स और कंप्यूटर सिस्टम को एक केबल के जरिए जोड़ा दिया।

जिसके बाद ऐना की जाने बात सारा उत्तर वॉयस के जरिए कंप्यूटर से सुना गया है। दरअसल, अपने आप में ब्रेन और चेहरे के भाव को पढ़कर निकाला गया ये पहला रिस्पॉन्स है, जिसमें दो दशक से बेड पर पड़ी महिला के मन की पूरी बात वॉयस के जरिए सुनी गई।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+