Papua New Guinea Violence:पापुआ न्यू गिनी में 50 से अधिक खनिकों की मौत, UN ने जताई चिंता
Papua New Guinea Violence: पापुआ न्यू गिनी में अवैध खनिकों के बीच हुई हिंसा के कारण 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सलाहकार मैट बागोसी के अनुसार, यह संघर्ष एंगा प्रांत के पोर्गेरा घाटी में हुआ, जहां पहले मई में हुए भूस्खलन से हजारों लोग मारे गए थे।
यह हिंसा अवैध खनिकों और स्थानीय समुदायों के बीच बढ़ती सुरक्षा समस्या का परिणाम है, जिसमें पारंपरिक भूमि मालिकों को निशाना बनाया जा रहा है। आइए हिंसा से जुड़ी 5 अहम बातें जानें...

मृतकों की संख्या: 15 सितंबर 2024 तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बागोसी ने बताया कि मरने वालों की संख्या 50 तक पहुंच सकती है। स्थानीय अधिकारियों और समुदायों से मिली जानकारी के आधार पर यह आंकड़ा सामने आया है।
आपातकाल की स्थिति: हिंसा के बढ़ते स्तर को देखते हुए पापुआ न्यू गिनी के राष्ट्रीय पुलिस आयुक्त डेविड मैनिंग ने 14 सितंबर को आपातकाल की घोषणा की। पुलिस और सेना को तैनात कर दिया गया है ताकि निवासियों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की जा सके।
न्यू पोर्गेरा सोने की खदान पर असर: हिंसा के कारण न्यू पोर्गेरा सोने की खदान ने अपने अधिकांश ऑपरेशन बंद कर दिए हैं। खदान के महाप्रबंधक जेम्स मैकटियरन ने कहा कि इस हिंसा से कई घर नष्ट हो गए हैं और लोग डर के कारण सो नहीं पा रहे हैं।
आदिवासी हिंसा और भूस्खलन: पापुआ न्यू गिनी में आदिवासी युद्ध एक बढ़ती सुरक्षा समस्या है, विशेष रूप से एंगा प्रांत में। मई 2024 में हुए भूस्खलन में हजारों लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोग दफन हो गए थे। इस क्षेत्र में आदिवासी हिंसा ने आपातकालीन राहत कार्यों को और जटिल बना दिया है।
पोप फ्रांसिस का शांति का आह्वान: पापुआ न्यू गिनी की हालिया यात्रा के दौरान पोप फ्रांसिस ने आदिवासी हिंसा को समाप्त करने का आह्वान किया था। उन्होंने शांति और सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि इस हिंसा से देश में विकास और स्थिरता प्रभावित हो रही है।
पापुआ न्यू गिनी में हो रही इस हिंसा ने न केवल स्थानीय समुदायों को प्रभावित किया है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को भी गहरा धक्का दिया है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठन इस संकट पर नजर रखे हुए हैं और शांति स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।












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