फिलीस्तीन के प्रधानमंत्री मोहम्मद शतायेह ने दिया इस्तीफा, इजराइल-हमास युद्ध के बीच पद छोड़ने का ऐलान
फिलिस्तीनी के प्रधानमंत्री मोहम्मद शतायेह ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोमवार को अपनी सरकार के इस्तीफे की घोषणा की। मोहम्मद शतायेह ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति महमूद अब्बास को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
फिलिस्तीनी सरकार वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों पर शासन करती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कब्जे वाले वेस्ट बैंक में बढ़ती हिंसा और गाजा पर युद्ध के कारण फिलिस्तीनी प्रधानमंत्री मोहम्मद शतायेह ने इस्तीफे की घोषणा की है।

शतायेह ने कहा कि लोग गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी भूख से तड़प रहे हैं। वहां लगातार इजराइली हमले हो रहे हैं। वेस्ट बैंक और यरूशलेम में भी तनाव की स्थिति है। इसे देखते हुए मैंने इस्तीफा राष्ट्रपति महमूद अब्बास को सौंपा है। राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने फिलहाल शतायेह और उनकी सरकार इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।
इससे पहले मोहम्मद शतायेह ने गाजा को 'ब्लड वैली' करार दिया था। उन्होंने दावा था किया कि 7 अक्टूबर को शुरू हुए इजराइली हमले के बाद से गाजा में शवों को दफनाने की अब जगह नहीं बची है।
आपको बता दें कि फिलिस्तीन अथॉरिटी का राष्ट्रपति ही राज्य प्रमुख होता है। फिलिस्तीनी अथॉरिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिलिस्तीनी क्षेत्रों में गवर्निंग बॉडी के रूप में मान्यता हासिल है। इसका नेतृत्व फिलिस्तीनी राष्ट्रपति करते हैं और इसकी एक लेजिस्लेटिव बॉडी है जिसे फिलिस्तीन लेजिस्लेटिव काउंसिल कहा जाता है।
फिलिस्तीन में राष्ट्रपति का चुनाव वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में लोकतांत्रिक रूप से चुना जाता है। मौजूदा राष्ट्रपति महमूद अब्बास हैं। वह 2005 से फिलिस्तीन अथॉरिटी की अगुवाई कर रहे हैं। राष्ट्रपति ही प्रधानमंत्री की नियुक्ति करता है, जो सरकार बनाने के लिए जिम्मेदार होता है। हालांकि इसके लिए संसद की सहमति की जरूरत होती है।
आपको बता दें कि फिलिस्तीन में दो बड़ी राजनीतिक पार्टियां हैं, जिनमें एक हमास और दूसरा फतह है। हमास एक हथियारबंद संगठन है और 2007 से हमास गाजा पट्टी में शासन कर रहा है। वहीं, फतह की अगुवाई वाले फिलिस्तीन अथॉरिटी का वेस्ट बैंक और यरुशलम में शासन है। इसे ही अतंरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन हासिल है।
फिलिस्तीन अथॉरिटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिलिस्तीनियों का प्रतिनिधित्व करता है। फिलिस्तीन में राजनीतिक व्यवस्था फिलिस्तीनी अथॉरिटी के तहत चलती है। फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (PLO) और इजराइल के बीच ओस्लो समझौते के बाद 1994 में फिलिस्तीन अथॉरिटी को एक अंतरिम प्रशासनिक निकाय के रूप में स्थापित किया गया था।
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