उत्तर प्रदेश चुनाव पर पाकिस्तानी मीडिया में क्या छप रहा है? योगी आदित्यनाथ को क्यों बता रहा अगला पीएम?
7 फरवरी को पाकिस्तानी अखबार ने 'योगी आदित्यनाथ- भारत के मुस्लिम विरोधी पुजारी और संभावित भविष्य के पीएम' शीर्षक के साथ खबर छापी है, जिसमें योगी आदित्यनाथ को भारत का संभावित प्रधानमंत्री बताया गया है।
इस्लामाबाद/नई दिल्ली, फरवरी 11: उत्तर प्रदेश में चुनाव चल रहा है और पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को खत्म हो चुका है। उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर पाकिस्तान में सियासी पारा तो गर्म ही है, इसके साथ साथ पाकिस्तानी मीडिया में भी उत्तर प्रदेश में हो रही विधानसभा चुनाव को लेकर काफी दिलचस्पी ली जा रही है। पाकिस्तानी अखबारों में उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर तो दिलचस्पी है ही, इसके अलावा योगी आदित्यनाथ को भी संभावित प्रधानमंत्री बताया जा रहा है।

भारत का सबसे बड़ा राज्य चुनाव
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने 'भारत के सबसे बड़े राज्य में चुनाव, पीएम मोदी की लोकप्रियता की परीक्षा' हेडलाइंस के साथ खबर छापी है, जिसमें कहा गया है कि, भारत के सबसे बड़े जनसंख्या वाले राज्य में चुनाव हो रहे हैं और ये भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता और उनकी पार्टी, बीजेपी की प्रसिद्धि की परीक्षा है। डॉन ने लिखा है कि, उत्तर प्रदेश की आबादी ब्राजील की आबादी से भी ज्यादा है और अगर भारतीय जनता पार्टी को चुनाव में जीत मिलती है, तो 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लगातार तीसरी जीत हासिल करने के लिए बीजेपी मजबूती से कदम बढ़ा देगी। वहीं, डॉन ने लिखा है कि, ''उत्तर प्रदेश में हार या अन्य तीन राज्यों में से किसी एक में भी अगर बीजेपी को हार मिलती है, तो यह माना जाएगा कि, उच्च बेरोजगारी दर और कोविड -19 महामारी से निपटने के बीच हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी पर दबाव बढ़ेगा।

उत्तर प्रदेश चुनाव पर नजर
पाकिस्तानी अखबार ने नई दिल्ली स्थिति थिंक टैंक, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के फेलो राहुल वर्मा को कोट करते हुए लिखा है कि, ''अगर बीजेपी हारती है, खासकर यूपी में, तो यह एक बड़ा झटका होगा।" राहुल वर्मा ने कहा कि, ''लेकिन आप इसे सेमीफाइनल कह सकते हैं। 2024 में खेल बहुत अलग होगा।" नेहरू-गांधी वंश के नेतृत्व वाली मुख्य विपक्षी कांग्रेस पार्टी के लिए एक और काफी कठिन चुनाव है। इस महीने जिन पांच राज्यों में मतदान हो रहे हैं, उनमें उत्तर पश्चिम में केवल पंजाब है। वर्मा ने कहा कि, ''कांग्रेस किसी भी हाल में चुनाव जीतना चाहेगी, भले ही वो कोई छोटा राज्य ही क्यों ना हो, कांग्रेस की कोशिश जीतने की आदत में वापस आने चाहेगी, अन्यथा, कांग्रेस के लिए ये काफी मुश्किल स्थिति होगी''। डॉन ने लिखा है कि, 'अगर कांग्रेस हारती है, तो फिर राहुल गांधी के नेतृत्व पर और भी सवाल खड़े होंगे, उनके पिता, दादी और परदादा भारत के प्रधानमंत्री रह चुके हैं और वो पीएम मोदी की रेटिंग गिराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।'

'धार्मिक आधार पर चुनाव'
पाकिस्तानी अखबार ने लिखा है कि, ''भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हिंदू बहुमत से अपील की है।'' डॉन ने लिखा है कि, 'उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड प्रसिद्ध हिंदू धर्मस्थानों के घर हैं और इन जगहों पर हिंदू और मुस्लिमों में कई धार्मिक स्थलों पर विवाद चलता रहता है और कई जगह हिंदू और मुसलमानों के लिए विवादित हैं। जनमत सर्वेक्षणों से पता चलता है कि भारतीय जनता पार्टी दोनों ही राज्यों में जीत हासिल कर सकती है, इसके बावजूद कुछ विपक्षी दल 'हिंदू फर्स्ट' एजेंडे के सहारे ही समर्थन और आधार पाने की कोशिश कर रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ पर पाकिस्तानी अखबार
7 फरवरी को पाकिस्तानी अखबार ने 'योगी आदित्यनाथ- भारत के मुस्लिम विरोधी पुजारी और संभावित भविष्य के पीएम' शीर्षक के साथ खबर छापी है, जिसमें योगी आदित्यनाथ को भारत का संभावित प्रधानमंत्री बताया गया है। पाकिस्तानी अखबार ने लिखा है कि, 'योगी आदित्यनाथ को मुस्लिम विरोधी बयानों के लिए जाना जाना है और अगर वो उत्तर प्रदेश चुनाव में मजबूत जीत हासिल करते हैं, तो वो नरेद्र मोदी के उत्तराधिकारी हो सकते हैं'। पाकिस्तानी अखबार ने लिखा है कि, 49 वर्षीय योगी आदित्यनाथ ने 2017 में उत्तर प्रदेश में आश्चर्यजनक तरीके से मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल की थी और उत्तर प्रदेश में 20 करोड़ से ज्यादा की आबादी रहती है, लिहाजा अगर योगी चुनाव जीतते हैं, तो वो भारत के अगले प्रधानमंत्री पद के लिए एक मजबूत दावेदार हो जाएंगे।

'हिंदुत्व के आधार पर चुनाव'
पाकिस्तानी अखबार ने लिखा है कि, 'योगी आदित्यनाथ पीएम मोदी के कट्टर समर्थक हैं और अपनी मुस्लिम विरोधी बयानबाजी की वजह से अपने प्रदेश में लोकप्रियता काफी बढ़ा चुके हैं। योगी आदित्यनाथ हिंदू मतदाताओं का वोट बीजेपी की तरफ लाने के लिए जोर-शोर से प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, जबकि, उत्तर प्रदेश की कुल आबादी में मुस्लिम मतदाता करीब 20 फीसदी हैं।' डॉन ने अपने लेख में पत्रकार और राजनीतिक टिप्पणीकार सुनीता एरोन को कोट किया है, जिसमें सुनीता एरोन नमे कहा कि, "वह (योगी आदित्यनाथ) अपनी हिंदू राजनीति और विचारधारा पर खुलेआम बोलते हैं।... उन्होंने खुद को एक हिंदू नेता के रूप में पेश किया है और यही उनके लिए भीड़ और वोट लाता है।" पाकिस्तानी अखबार ने लिखा है कि, 'हिंदू तपस्वी योगी की रैलियों में कोरोना प्रतिबंधों के बाद भी भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ती है और लोग उनका जय-जयकार करते हैं।'

प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराधिकारी?
डॉन अखबार ने योगी आदित्यनाथ के बारे में लिखा है कि, ''उनकी राजनीतिक शैली उनकी पार्टी (बीजेपी) के साथ मजबूती से मेल खाती है, जिस पर चुनावी लाभ के लिए धार्मिक असहिष्णुता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है, जो भारत की लंबे समय से पोषित धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक साख पर सवाल उठाती है। योगी आदित्यनाथ भी मोदी के नक्शे-कदम पर ही चलते दिखाई देते हैं और अपनी पार्टी के हिंदू बहुसंख्यक एजेंडे को 'क्रूरता' के साथ चला रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री कुछ हद तक अपने कार्यालय के दायित्वों ती वजह से विवश हैं। पार्टी के भीतर, उन्हें मोदी के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है, जो उनसे 20 साल वरिष्ठ हैं।

अगर बीजेपी जीतती है तो...
पाकिस्तानी अखबार में उत्तर प्रदेश में अगर बीजेपी को जीत मिलती है, तो आगे क्या होगा, इसको लेकर आंकलन किया गया है और कहा गया है कि, उत्तर प्रदेश चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं और अगले महीने चुनाव के परिणाम घोषित होंगे और अगर बीजेपी जीतती है, तो फिर योगी आदित्यनाथ एक 'शक्तिशाली' नेता बनकर उभरेंगे। डॉन ने एक ओपिनियन पोल का हवाला देते हुए लिखा है कि, चुनाव में भाजपा को लगभग 43 प्रतिशत पर वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है, जो उसे सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी से काफी आगे रखने के लिए और अपनी सरकार बनाने के लिए पर्याप्त है।

योगी...पीएम पद के संभावित उम्मीदवार?
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता (नाम नहीं छापने की शर्त पर) ने कहा कि, 'योगी आदित्यनाथ के भविष्य और उनकी भूमिका के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन अभी यह साफ है कि, वो पीएम मोदी के बाद पार्टी में दूसरे सबसे लोकप्रिय नेता हैं।' उन्होंने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा कि, 'यह समय से पहले कही गई बात हो सकती है, लेकिन निश्चित तौर पर वो आने वाले वक्त में प्रधानमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं।'












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