सर तन से जुदा.. अरबी शब्दों को आयत समझ महिला की मॉब लिचिंग की कोशिश.. जान बचाने भिड़ गई महिला पुलिस अधिकारी
Pakistan News: पाकिस्तान के लाहौर में एक महिला को अरबी प्रिंट वाली पोशाक पहनने के कारण जान जाते-जाते बची है। इस घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा रहा है, की महिला को मारने के लिए सैकड़ों लोगों को भीड़ पहुंच गई थी।
लेकिन, एक महिला पुलिस अधिकारी उस भीड़ से भिड़ गई और अकेले ही उस लड़की को बचाकर बाहर निकल गई। जबकि, इस दौरान भीड़ इस्लामिक नारे लगा रही थी और काफी उग्र नजर आ रही थी। भीड़ से 'सर तन से जुदा' वाले नारे भी लगाए जा रहे थे। ये वाकया उस वक्त हुआ है, जब लड़की एक रेस्टोरेंट में बैठी थी और फिर उसे भीड़ ने घेर लिया था।

लड़की की मॉब लिचिंग की कोशिश
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में महिला को पाकिस्तान के एक रेस्टोरेंट में बैठा जा रहा है और बाहर लोगों की भीड़ देखी जा रही है। वीडियो से पता चल रहा है, कि लड़की ने अरबी में प्रिंटेट कपड़े पहन रखे हैं, लेकिन अरबी में लिखे शब्दों को वहां मौजूद भीड़ इस्लामिक आयात मानती हैं और फिर लड़की को धमकाने लगती है।
लोग उस ड्रेस को इस्लाम और अल्लाह की बेअदबी बता रहे होते हैं। वीडियो में लड़की को काफी डरा हुआ देखा जा सकता है, वहीं एक लड़का उसे बचाने के लिए फोन कॉल करते हुए देखा जा सकता है। लेकिन, इसी बीच वहां एक महिला पुलिस अधिकारी को देखा जा रहा है, जो लड़की के लिए भीड़ से उलझ जाती है और फिर लड़की को लेकर भीड़ के बीच से निकल जाती है।
पंजाब (पाकिस्तान) पुलिस ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया है और लिखा है, कि "ASP सईदा शहरबानो ने बहादुरी दिखाते हुए लाहौर के गुलबर्ग में, अपनी जान जोखिम में डालकर एक महिला की जान को बचाया। इस बहादुरी के लिए उन्हें पंजाब पुलिस उनका नाम प्रतिष्ठित कायद-ए-आज़म पुलिस पदक (क्यूपीएम) के लिए सिफारिश करती है।"
क्यूपीएम पुरस्कार, पाकिस्तान में पुलिस महकमे को दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है।
इस बीच, घटना के बारे में बात करते हुए महिला पुलिस अधिकारी ने एक अन्य वीडियो में कहा, "महिला अपने पति के साथ खरीदारी के लिए गई थी। उन्होंने एक कुर्ता पहना था, जिस पर अरबी में कुछ शब्द लिखे थे। जब कुछ लोगों ने देखा, तो उन्होंने उससे कुर्ता उतारने को कहा। लोगों में कनफ्युजन था...।"
जब महिला पुलिस अधिकारी उस लड़की को लेकर भीड़ से निकल रही थी, उस वक्त भीड़ 'सर तन से जुदा' के नारे लगा रही थी।
वहीं, महिला ने भी बाद में इस घटना के लिए माफी भी मांगी है। ऑनलाइन शेयर किए गए एक वीडियो में महिला को यह कहते हुए सुना गया, "मैंने कुर्ता इसलिए खरीदा, क्योंकि उसका डिजाइन अच्छा था... मैंने नहीं सोचा था, कि लोग इस तरह सोचेंगे... मेरा कुरान का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था... मैं इस घटना के लिए माफी मांगती हूं।"
लेकिन, पाकिस्तान का इतिहास काफी खौफनाक रहा है और ईशनिंदा के नाम पर दर्जनों लोगों की हत्याएं की जा चुकी है। दो साल पहले श्रीलंकन मैनेजर की भीड़ ने कुरान का अपमान करने के नाम पर जिंदा जलाकर मार दिया था। उस खौफनाक वीडियो ने पूरी दुनिया में पाकिस्तान के असली चेहरे को सार्वजनिक कर दिया था।
लिहाजा, कुछ पाकिस्तानी नागरिक उस महिला पुलिस अधिकारी की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं।
एक शख्स ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "लाहौर... एक और ड्रामा। महिला लोगों से घिरी हुई थी, क्योंकि उसके कपड़ों पर अरबी में कुछ नाम लिखे हुए थे, कुछ लोग कह रहे थे, कि वो कुरान की आयतें हैं। जबकि, ऐसा नहीं था। यह केवल साधारण अरबी शब्द हैं, धर्म के संबंध में नहीं।"
उन्होंने कहा, कि "अरबी में जो शब्द लिखे थे, उसके मतलब हैं, सुंदर।"
उन्होंने लिखा है, कि "पूरे देश में धार्मिक कार्ड खतरनाक होता जा रहा है। देश में मॉब लिंचिंग का कहर जारी है। सवाल यह है, कि ऐसी बातों को बढ़ावा कौन दे रहा है? क्या यह जनादेश चुराने के बाद ऐसी घटनाओं पर व्यस्त जनता का ध्यान भटकाने की तकनीक है। ताकि नकली सरकारें बनने तक ऐसी चीजें आयोजित कर लोगों को भटकाया जा सके। क्या यह काम करेगा?"
वहीं, एक और सोशल मीडिया यूजर ने पुलिस अधिकारी को बहादुर बताते हुए लिखा है, कि "सिर्फ अरबी में लिखे शब्दों वाला ड्रेस पहनने पर एक महिला के खिलाफ 'सर तन से जुदा' की मांग। उसका अपराध? उसने अरबी शब्दों वाली पोशाक पहनी थी और इस्लामवादियों ने सोचा कि ये कुरान की आयतें हैं।"












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