Pakistan Terrorist Attack: कराची में आतंकी हमला, पुलिस हेडक्वार्टर में घुसे आतंकी, अंधाधुंध गोलीबारी
Pakistan Terrorist Attack के कारण सुर्खियों में है। कराची पुलिस के मुख्यालय में 8-10 आतंकियों के घुसने की खबर है।

Pakistan Terrorist Attack की मार एक बार फिर झेल रहा है। शुक्रवार को कराची पुलिस प्रमुख के कार्यालय पर आतंकी हमला हुआ। शरिया फैसल मुख्य मार्ग पर स्थित पुलिस हेडक्वार्टर पर अटैक के बारे में अधिकारियों ने जियो न्यूज से पुष्टि की कि भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने हमला किया है। अंधाधुंध गोलीबारी की खबरें हैं।
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पुलिस मुख्यालय में 8-10 आतंकी
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध रेंजर्स के एक प्रवक्ता ने कहा कि शुरुआती अनुमान बताते हैं कि आठ से दस "सशस्त्र आतंकवादी" हेडक्वार्टर में घुस गए हैं।पाकिस्तान में आतंकी हमले के बारे में समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया मीडिया ग्रुप के एडिटर-इन-चीफ कामरान खान ने ट्वीट किया, "कराची पुलिस मुख्यालय पर आतंकवादी हमला।"
अंधाधुंध गोलीबारी की खबरें
कामरान ने पुलिस अधिकारी के बयान के हवाले से कहा, कराची पुलिस प्रमुख जावेद ओधो ने दावा किया कि कम से कम छह आतंकवादियों ने उनके कार्यालय में अंधाधुंध गोलीबारी की। अंधाधुंध गोलीबारी जारी है।
चार मंजिला इमारत में घुसे आतंकी
जियो न्यूज ने बताया, पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सशस्त्र संदिग्धों ने सदर पुलिस स्टेशन से सटे मुख्य कार्यालय पर कई राउंड फायरिंग की। उन्होंने कहा कि कम से कम 8-10 आतंकवादी पुलिस कार्यालय के अंदर हैं, आधे घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद गोलीबारी जारी है। हमलावरों ने पुलिस मुख्यालय के पिछवाड़े से हथगोले फेंके और बाद में वे उसी रास्ते से चार मंजिला इमारत में घुस गए।
पुलिस अधिकारी को लगी गोली
एरी न्यूज ने बताया, कराची पुलिस ने कहा कि जब हमलावरों ने विस्फोट और गोलियां चलाईं, तब भी कर्मचारी पुलिस प्रमुख के कार्यालय में मौजूद थे। गोली लगने के बाद एक बचाव अधिकारी घायल हो गया। अस्पताल के सूत्रों ने पुष्टि की, उसे जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया। पता चला है कि जिस व्यक्ति को दो गोलियां लगी हैं, वह खतरे से बाहर है।
नागरिकों को सुरक्षित रखने के प्रयास
जियो न्यूज ने बताया, पुलिस ने आतंकवादियों को नेस्तनाबूंद करने के लिए पाकिस्तान के रेंजरों को बुलाया। नागरिक सुरक्षित रहें इस मकसद से पुलिस कार्यालय की ओर जाने वाली सड़कों पर पुलिस तैनात की गई है। भारी पुलिस बल मुख्यालय पहुंचा। थानाध्यक्ष कार्यालय की बत्ती गुल कर दी गयी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे हमलावरों की संख्या और उनके ठिकाने की जांच कर रहे हैं।
पुलिस पर भारी हथियारों से अटैक
एरी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, आतंकियों से घिरे पुलिस अधिकारी ने साथी अधिकारियों को संदेश भेजा कि पुलिस प्रमुख के कार्यालय में 10 से अधिक हमलावर घुसे हैं और समूहों में बंटे हुए हैं। हमलावर कराची पुलिस कार्यालय (केपीओ) के पिछवाड़े से भारी हथियारों का इस्तेमाल करते हुए पुलिस दल पर गोलीबारी कर रहे हैं।
CM ने रिपोर्ट मांगी, कहा- पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं
सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने अतिरिक्त महानिरीक्षक के कार्यालय पर हमले की जानकारी ली। उन्होंने कई पुलिस उपमहानिरीक्षकों (डीआईजी) को साइट पर पुलिस बल भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारी से तुरंत प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी और कहा, "कराची पुलिस कार्यालय पर हमला किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।"
किन परेशानियों से घिरा है पाकिस्तान
गौरतलब है कि कराची टेरर अटैक से पहले पेशावर में पुख्ता सुरक्षा और किलेबंद पुलिस परिसर के बावजूद कैंपस की मस्जिद में पिछले महीने आत्मघाती बम विस्फोट हुआ था। इसके बाद पाकिस्तान में आर्थिक अशांति, गिरती मुद्रा, राजनीतिक ध्रुवीकरण और इस्लामवादी उग्रवाद जैसी परेशानियां और जटिल हो गई हैं।
जहां हमला हुआ यहां कबायली रहते थे
पेशावर का हमला - पाकिस्तान में गत कई वर्षों में सबसे घातक कहा गया। जहां हमला हुआ वह पूर्व कबायली इलाकों के पास का शहर है और अफगानिस्तान की सीमा से बेहद करीब भी है। ANI की रिपोर्ट के अनुसार हिंसा और जवाबी सैन्य कार्रवाई से डरा-सहमा पेशावर आतंकी वारदात के बाद 10 साल पीछे धकेल दिया गया।
30 जनवरी का आतंकी हमला विद्रोह की नई शुरुआत
पाकिस्तान में विगत 30 जनवरी की आतंकी वारदात के बारे में अरब न्यूज ने रिपोर्ट किया कि पेशावर में अधिकारियों का मानना है कि 30 जनवरी का हमला अफगानिस्तान में सीमा पार तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से विद्रोह की नई शुरुआत जैसा है। पाकिस्तान में लड़ाई की अग्रिम पंक्ति पर मुस्तैद पुलिस बल की भूमिका के प्रतिशोध में अटैक किया गया।
पेशावर में आतंकी हमला, 100 लोगों की मौत
आतंकवादी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने नवंबर में पाकिस्तान सरकार के साथ अपने संघर्ष विराम समझौते को वापस लिया। इसके बाद से देश भर में सुरक्षा कर्मियों को टारगेट कर आत्मघाती बम विस्फोट किए गए हैं। पेशावर का अटैक नवीनतम था। बता दें कि पेशावर में आत्मघाती बम विस्फोट में कम से कम 100 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकांश पुलिसकर्मी थे और 250 से अधिक घायल हुए थे।












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