पाकिस्तान बोला- अफगानिस्तान की सहायता से हमारे CPEC प्रोजेक्ट को नाकाम करने में जुटा भारत
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि अफगानिस्तान की सहायत से भारत उनके सीपीईसी (चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कोरिडॉर) में अड़चन डालने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के गृहमंत्री ने कहा पाकिस्तान का दुश्मन 50 बिलियन डॉलर वाले सीपीईसी प्रोजेक्ट को नाकाम करने के लिए कई प्रकार के प्रोपेगेंडा और रणनीति रच रहा है। सीपीईसी प्रोजेक्ट के तहत चीन और पाकिस्तान संयुक्त रूप से आर्थिक कॉरिडोर बनाने में जुटे हैं।

पाकिस्तान के गृहमंत्री एशान इकबाल ने अपने ऑफिस क्वेटा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि सीपीईसी के खिलाफ भारत कई प्रकार के षड़यंत्र रचने में लगा है, लेकिन पाकिस्तान लोगों के सपोर्ट से इसे हम भारत की कोशिशों को नाकाम कर देंगे। उन्होंने कहा कि सीपीईसी के खिलाफ षड़यंत्र रचने के लिए भारत इसके लिए अफगानिस्तान की जमीन का प्रयोग कर रहा है।
हालांकि, उन्होंने आशा जताते हुए कहा कि सीपीईसी प्रोजेक्ट को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने साथ में अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वो पाकिस्तान को धमकी देना बंद करें और आतंकवाद के खिलाफ हमारे बलिदान को ना भूलें। बता दें कि चीन अपने सीपीईसी प्रोजेक्ट के तहत अफगानिस्तान को भी आमंत्रित कर चुका है।
क्या है सीपीईसी प्रोजेक्ट?
1- इस कॉरिडोर से कई बिलियन डॉलर के इन्वेस्टमेंट की उम्मीद है। सीपीईसी के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं के जरिए 46 अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद है।
2- इस प्रोजेक्ट की शुरूआत 2015 में हुई थी। अगर ये पूरा होता है तो इसके जरिए तीन हजार किलोमीटर के सड़क नेटवर्क तैयार के साथ-साथ रेलवे और पाइपलाइन लिंक भी पश्चिमी चीन से दक्षिणी पाकिस्तान को जोड़ेगा।
3- सीपीईसी, चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के सिल्क रोड इकोनॉमिक बेल्ट और 21वें मेरीटाइम सिल्क रोड प्रोजेक्ट का हिस्सा है। चीन की योजना इन दोनों विकास योजनाओं को एशिया और यूरोप के देशों के साथ मिलकर आगे बढ़ाने की है।
4- चीन द्वारा बनाया जा रहा ये कॉरिडोर बलूचिस्तान प्रांत से होकर गुजरेगा, जहां दशकों से लगातार अलगाववादी आंदोलन चल रहे हैं। इसके साथ-साथ गिलगिट-बल्टिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का इलाका भी शामिल है।












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