पाकिस्तान के मौलाना बने 'बजरंगी भाईजान', कराची में बेची गई भारतीय महिला को घर पहुंचाने की छेड़ी मुहिम
महिला के बेटे को नहीं पता है, कि भारत में वो अपनी मां के परिवार को कैसे खोजे? लेकिन महिला के बेटे ने कहा कि, उनके परिवार ने "लगभग 10 साल पहले भारत सरकार को डाक के माध्यम से एक पत्र लिखा था...
Pakistan News: राजस्थान के अजमेर शरीफ दरगाह की रहने वाली एक महिला पाकिस्तान में पिछले 40 सालों से फंसी हुई है और वापस भारत आने के लिए परेशान है। महिला जब महज 16 साल की थी, तभी उसका कथित तौर पर अजमेर में अपहरण किया गया था और फिर उसे 40 साल पहले पाकिस्तान के कराची शहर ले जाया गया। लेकिन, अब उस महिला का बेटा अपनी मां को भारत में रहने वाले अपने घर को खोजने में मदद कर रहा है। महिला का बेटा पाकिस्तान के खानेवाल में रहता है और अपनी मां के परिवार को भारत में खोज रहा है।

भारत में परिवार की तलाश
पाकिस्तान के कराची की रहने वाले एक सोशल मीडिया यूजर वलीउल्लाह मारूफ ने 4 नवंबर को अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें उन्होंने बताया है, कि कैसे महिला अब भारत में अपने परिवार की तलाश कर रही है। मारूफ कराची में एक इमाम हैं, जो सोशल मीडिया का उपयोग पाकिस्तान में अलग हुई महिला को पड़ोसी देशों में अपने परिवारों के साथ फिर से जुड़ने में मदद करने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि, यूट्यूब के जरिए वो अब तक 40 से ज्यादा महिलाओं को उनके परिवार से मिला चुके हैं अजमेर की रहने वाली महिला को भी वो उसके परिवार से मिलाना चाहते हैं।

26 साल का है महिला का बेटा
द प्रिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, महिला का बेटा अब 26 साल का हो चुका है और उसने अपनी मां का पाकिस्तानी पहचान पत्र भी शेयर किया है, जिसके मुताबिक अब महिला 52 साल की हो चुकी है और वो फिलहाल पाकिस्तान के खानेवाल में रहती है। हालांकि, महिला के वास्तविक उम्र को लेकर ये जानकारी सही नहीं है और पाकिस्तान में उसके पहचान पत्र पर अपने मन से उसका उम्र दर्ज करवा दिया गया। महिला को अभी भी भारत में रहने वाले अपने परिवार के बारे में सबकुछ याद है और वो अभी भी भारत आना चाहती है।

अजमेर से हुई थी अगवा
महिला के 26 साल के बेटे ने बताया कि, "मेरी मां ने हमें बताया कि, अजमेर शरीफ दरगाह पर किसी ने उन्हें बताया कि, उनके पिता उन्हें बुला रहे हैं। फिर उनका अपहरण कर लिया गया और कराची ले जाया गया।" महिला के बेटे के मुताहिक, वह अपने माता-पिता का नाम मुहम्मद आमिर और रशीदा खातून बताती है, जबकि अपने दादा का नाम मुहम्मद शरीफ बताती है। उसके भाइयों के नाम मुहम्मद फिरोज, मुहम्मद सिराज, मुहम्मद शेराज, शम्सुद्दीन, और कमरुद्दीन हैं, जबकि बहन का नाम फरीदा खातून और चाचा का नाम मुहम्मद असलम और मुहम्मद करीम है। महिला को अब अपने घर का पता याद नहीं है, लेकिन वो कहती है, कि वो हावड़ा स्टेशन, राजा बाजार, मौलाली मजार और अटली बाजार जैसे जगहों को जानती है, जो कोलकाता में है। महिला को ये याद है, कि वो एक मुस्लिम बाहुल्य मोहल्ले में रहती थी और उसने अपने बेटे से दिल्ली का भी जिक्र किया है। महिला के बेटे ने कहा कि, अब वो अपनी मातृभाषा भूल चुकी है और अब वो पाकिस्तानी पंजाबी बोलती है, जो खानेवाल क्षेत्र में बोली जाती है। महिला को याद है कि उसके पिता जेम सिनेमा नाम के एक मूवी हॉल में काम करते थे और उसके परिवार के पास एक कार थी।

पाकिस्तान में कैसी रही जिंदगी?
महिला के बेटे के मुताबिक, तस्करी कर जब महिला को पाकिस्तान लाया गया, तो फिर वहां कराची में उसे बेच दिया गया और फिर उसका जीवन गरीबी में ही गुजरा। महिला के बेटे ने कहा कि, उसकी मां को बेचने वाले शख्स का नाम मुहम्मद सुल्तान था और कराची में बेचने से पहले उसकी मां को पहले कुछ महीनों के लिए कराची में अन्य महिलाओं के साथ रखा गया, जिन्हें भी बेचा जाना था। फिर उसे बेच दिया गया और फिर महिला की शादी करा दी गई, जिसके बाद उसके आठ बच्चे हुए, जिनमें से दो की मृत्यु हो गई। अब महिला की अब तीन बेटियां और तीन बेटे हैं। महिला के बेटे ने बताया कि,"मेरी मां को मेरे पिता को बेच दिया गया था, जिन्होंने शायद 1981 में उनसे शादी की थी। मेरे पिता एक मजदूर के रूप में काम करते थे और पिछले साल उनका निधन हो गया। हम छह भाई-बहन हैं। मेरी मां हमें कहानियां सुनाती रहती हैं, कि कैसे उनका अपहरण किया गया और फिर पाकिस्तान ले जाया गया।

भारत में कैसे मिलेगा परिवार?
महिला के बेटे को नहीं पता है, कि भारत में वो अपनी मां के परिवार को कैसे खोजे? लेकिन महिला के बेटे ने कहा कि, उनके परिवार ने "लगभग 10 साल पहले भारत सरकार को डाक के माध्यम से एक पत्र लिखा था, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।" इसके बाद उन्हें वलीउल्लाह मारूफ का फेसबुक अकाउंट मिला, जिसने कराची की पैंसठ साल की हमीदा बानो को उसकी बेटी यास्मीन से सोशल मीडिया के जरिए बात करने में मदद की थी। महिला के दूसरे नंबर के बेटे शाहरूख ने कहा कि, "मैं भारत सरकार से मेरी मां को उनके परिवार से मिलाने में मदद करने की अपील करता हूं।" उन्होंने कहा कि, यह पहली बार है कि उन्होंने भारत में अपने परिवार को खोजने के लिए सोशल मीडिया की कोशिश की है। उन्होंने फेसबुक पर वलीउल्लाह मरूफ से संपर्क किया और अपनी कहानी साझा की, जिसके बाद उन्होंने यूट्यूब पर एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें भारत में महिला को उनके परिवार से मिलाने में मदद करने की अपील की गई। वहीं, मारूफ ने कहा कि, अभी तक उन्हें भारत में महिला के घर और उसके परिवार के बारे में कोई जरूरी जानकारी नहीं मिल पाई है।












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