Pakistan: चुनाव आयोग ने एक झटके में 271 सांसदों-विधायकों को किया सस्पेंड, बड़ा राजनीतिक बवाल शुरू
चुनाव आयोग ने कहा है कि सांसदों-विधायकों की को हर साल 31 दिसंबर तक संपत्ति का ब्यौरा देना होता है। सोमवार तक संपत्ति और देनदारियों का ब्यौरा नहीं दे पाने की वजह से उनकी सदस्यता निलंबित कर दी गई है।

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पाकिस्तान के शीर्ष चुनाव निकाय ने संपत्ति और देनदारियों का विवरण जमा नहीं करने पर देश भर के 271 सांसदों और विधायकों की सदस्यता निलंबित कर दी है। पाकिस्तान के चुनाव आयोग द्वारा सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि जिन पर कार्रवाई की गई है, उनमें नेशनल असेंबली के 136 सदस्य, 21 सीनेटर और 114 प्रांतीय असेंबली के सदस्य हैं।
31 दिसंबर तक देना होता है संपत्ति का ब्यौरा
चुनाव आयोग ने कहा है कि सांसदों-विधायकों की को हर साल 31 दिसंबर तक संपत्ति का ब्यौरा देना होता है। ऐसा न करने वाले सांसदों-विधायकों को चुनाव आयोग ने निर्देशित किया गया था कि वे 30 जून, 2022 तक का अपना वित्तीय विवरण 16 जनवरी, 2023 तक जमा करें। सोमवार तक संपत्ति और देनदारियों का ब्यौरा नहीं दे पाने की वजह से उनकी सदस्यता निलंबित कर दी गई है।
इन लोगों की सदस्यता हुई रद्द
चुनाव आयोग ने नेशनल असेंबली सदस्यों व सीनेटरों के अलावा सिंध से 48, खैबर पख्तूनख्वा से 54 और बलूचिस्तान से 12 सदस्यों को निलंबित किया है। इसमें पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट सदस्य अहसान इकबाल और ख्वाजा आसिफ शामिल हैं। इसके साथ ही लोक लेखा समिति के अध्यक्ष नूर आलम खान भी उन लोगों में शामिल हैं, जिनकी सदस्यता निलंबित कर दी गई है। इस सूची में शामिल अन्य संघीय मंत्रियों में साजिद तुरी, मुफ्ती अब्दुल शकूर, चौधरी तारिक बशीर चीमा और मोहम्मद इसरार तरीन शामिल हैं।
लिस्ट में पंजाब से कोई भी सदस्य नहीं
इसके साथ ही निलंबित किए गए 21 सीनेटरों में पूर्व वित्त मंत्री और पीटीआई के सीनेटर शौकत तरीन शामिल हैं। चुनाव आयोग द्वारा निलंबित सांसद-विधायकों की सूची में पंजाब प्रांत की विधानसभा का कोई भी सदस्य शामिल नहीं है। आयोग ने कहा है कि प्रांतीय विधानसभा को पहले ही भंग कर दिया गया है।












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