पाकिस्तान में प्रसिद्ध हिंदू मंदिर राष्ट्रीय धरोहर घोषित, इमरान सरकार ने किया ऐलान
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की प्रांतीय खैबर पंख्तूनख्वा सरकार ने पेशावर में स्थित हिंदू मंदिर पंज तीरथ को राष्ट्रीय विरासत के रूप में घोषित कर दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने प्रांत के आर्कियोलॉजी और म्यूजियम डायरेक्टोरेट के नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए कहा कि खैबर पख्तूनख्वा एंटिक्विटीज एक्ट 2016 के तहत हिंदू तीर्थ स्थल को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया गया है। पाकिस्तान की सरकार ने तीन जनवरी को प्रसिद्ध हिंदू मंदिर को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में घोषित किया है।

क्या कहा गया नोटिफिकेशन में
पंज तीरथ को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करते डायरेक्टोरेट ने प्रांतीय अधिकारियों को आदेश देते हुए इसके आसपास के अतिक्रमण को हटाने और चारो तरफ दीवार खड़ी करने के लिए कहा है। खैबर पंख्तूनख्वा की सरकार ने पंज तीरथ धरोहर को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपी के लिए 20 लाख रुपये का जुर्माना और पांच साल की सजा का ऐलान किया है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इसके पुन: निर्माण के लिए आर्कियोलॉजिस्ट को इसका काम सौंप दिया जाना चाहिए।
क्या है पंज तीरथ
पाकिस्तान के पेशावर में स्थित पंज तीरथ हिंदुओं का एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। पंज तीरथ मंदिर और एक बगीचे के साथ-साथ पानी के पांच तालाबों की वजह से प्रसिद्ध है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास में महाभारत के दौरान हस्तीनापुर के राजा पांडू ने यहां स्नान किया था और दो दिन तक पेड़ों के नीचे बैठकर पूजा-अर्चना की थी। यह धरोहर अब चाचा यूनुस पार्क और खैबर पख्तूनख्वा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अंतर्गत आएगा।

1747 में तोड़ा 1800 में फिर उठ खड़ा पंज तीरथ
इस खूबसूरत हिंदू तीर्थ स्थल को 1747 में अफगान दुर्रानी वंशज ने ध्वस्त कर दिया था। हालांकि, उसके बाद सिखों के राज में स्थानीय हिंदुओं ने 1800 में इसका पून:निर्माण करवाया था। इस धरोहर को फिर से खड़ा करने के बाद कई सालों तक यह जगह हिंदुओं के लिए पूजा अर्चना का एक प्रमुख केंद्र भी था। ऐसा माना जाता है कि कार्तिक महीने के दौरान कई सालों तक पंज तीरथ के तालाब में हिंदू अक्सर स्नान करने आते थे और पेड़ों के नीचे बैठकर पूजा करते थे।












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