सऊदी अरब 5 सालों में करेगा 25 अरब डॉलर निवेश.. पाकिस्तानी केयरटेकर PM का दावा, रियाद से नहीं मिला रिस्पांस
Pakistan Saudi Arab News: अगर एक देश, किसी दूसरे देश में भारी-भरकम निवेश की घोषणा करता है, तो वो पूरी दुनिया के अखबारों का हेडलाइंस बनता है, लेकिन सऊदी अरब, पाकिस्तान में 25 अरब डॉलर का निवेश करने वाला है और इस बाबत खबर, सऊदी अरब के अखबारों में भी नहीं छपी है।
तो क्या पाकिस्तान के एक और प्रधानमंत्री ने झूठ बोलकर..पाकिस्तानी प्रधानमंत्रियों की मक्कारी करने की परंपरा को जारी रखा है?

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने बोला झूठ?
पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधान मंत्री अनवर-उल-हक काकर ने सोमवार को दावा किया है, कि सऊदी अरब और मध्य पूर्व दो से पांच वर्षों की अवधि में 25 अरब डॉलर की परियोजनाओं में निवेश करेंगे।
प्रधान मंत्री काकर ने अपने कार्यालय में विदेशी पत्रकारों से बात करते हुए कहा, कि उनकी सरकार "सरकारी ढांचे को नया स्वरूप दिए बिना" ज्यादातर "आर्थिक पुनरुद्धार के लिए एक इमारत बनाने के लिए राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों को पुनर्व्यवस्थित करने" पर केंद्रित है।
लेकिन, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का ये दावा, कि सऊदी अरब पाकिस्तान में 25 अरब डॉलर का निवेश करने वाला है, ये दावा एकतरफा है। इस दावे के 40 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी, सऊदी अरब की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने दावा उस वक्त किया है, जब सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पाकिस्तान की अपनी यात्रा रद्द कर दी है।
लिहाजा, जानकारों का कहना है, कि प्रधानमंत्री काकर ने सफेद झूठ बोला है।
जानकारों का कहना है, कि अगर सऊदी अरब वाकई पाकिस्तान में 25 अरब डॉलर का निवेश करता, तो फिर इस समझौते के लिए बैंड-बाजे बजाए जाते। या तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का सऊदी दौरा होता, या फिर सऊदी क्राउन प्रिंस जाते। बकायदा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बैठक होती और उस बैठक में इस निवेश की घोषणा की जाती।
लेकिन, यहां स्थिति ये है, कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से पाकिस्तान गुहार लगाता रह गया, लेकिन उन्होंने उस देश में पांव रखना भी सही नहीं समझा।
प्रधानमंत्री काकर ने अपने झूठ के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए कहा, कि सऊदी अरब ये निवेश खनन सेक्टर, कृषि और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में करेगा।
सऊदी अरब से प्रतिक्रिया नहीं
बयान के 30 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी सऊदी अरब की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है, कि सऊदी सरकार से बकायदा मेल पर इस निवेश को लेकर सवाल पूछा गया, लेकिन सऊदी की तरफ से कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
हालांकि, इसमें कोई शक नहीं है, कि सऊदी अरब बार बार पाकिस्तान को डिफॉल्ट होने से बचाता रहा है और अगर वाकई सऊदी अरब, अगले 2 साल या पांच सालों में पाकिस्तान में 25 अरब डॉलर का निवेश करने वाला है, तो ये पाकिस्तान के साथ सबसे बड़ा निवेश समझौता होगा।
लेकिन, पाकिस्तान में निवेश करने के बाद चीन के प्रोजेक्ट्स जिस तरह से रूके हुए हैं और पाकिस्तान में जिस तरह से आतंकी हमले हो रहे हैं, उसे देखते हुए इस बात की संभावना कम ही है, कि सऊदी अरब ये विशालकाय निवेश पाकिस्तान में करेगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा, कि बलूचिस्तान में 6 ट्रिलियन डॉलर के तांबे और सोने के विशाल भंडार की खोज की गई है और इसको लेकर रेको दिक परियोजना जल्द ही शुरू होने वाली है। उन्होंने सभी हितधारकों से खनिज समृद्ध क्षेत्र का पता लगाने के लिए एक मॉडल तैयार करने का आह्वान किया, ताकि दुनिया पाकिस्तान को एक अलग नजरिए से देख सके।












Click it and Unblock the Notifications