IMF ने पाकिस्तान की बढ़ाई मुश्किलें, शर्तें मानीं तो देश में दंगे न मानीं तो हो जाएगा कंगाल
पाकिस्तान ने फिर से आईएमएफ से कर्ज मांगा है, लेकिन आईएमएफ की शर्तों ने सरकार के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है। अगर वह शर्तें मानती है तो देश में महंगाई बढ़ सकती है और नहीं मानने पर देश कंगाल हो सकता है।

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भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान आजादी के बाद अपने सबसे बड़े आर्थिक संकट में फंसा हुआ है। खाने-पीने से लेकर पेट्रोल-डीजल सारी चीजों महंगी हो चुकी हैं जिससे आम आदमी का जीना मुहाल हो चुका है। पाकिस्तान के बाद विदेशी बाजार से खरीदारी करने के लिए विदेशी मुद्रा नहीं बची है और यह घटकर लगभग 3 बिलियन डॉलर पर सिमट चुका है। ऐसे में पाकिस्तान ने अपनी अर्थव्यवस्था को बचाए रखने के लिए इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी आईएमएफ से कर्ज मांगा है।
आईएमएफ की शर्तों ने बढ़ाई मुश्किलें
पाकिस्तान ने फिर से आईएमएफ से कर्ज मांगा है, लेकिन आईएमएफ की शर्तों ने वहां सरकार के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है। अगर सरकार आईएमएफ की शर्तों को मान लेती है तो देश में विद्रोह भड़क सकता है और अगर वह इन शर्तों को नहीं मानती है तो देश दिवालिया हो सकता है। आईएमएफ ने पाकिस्तान के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के एक प्रतिशत के बराबर करीब 900 अरब रुपये का बड़ा राजकोषीय घाटा तय किया है। इस पर पाकिस्तान के अधिकारियों ने आपत्ति जताई। अब मामला सुलझने के बजाय उलझता ही जा रहा है।आईएमएफ ने पाकिस्तान से साफ कर दिया है कि टैक्स बढ़ाकर, जीएसटी बढ़ाकर या फिर तेल के दाम 18 फीसदी तक बढ़ाकर जब तक वह अपना घाटा पूरा नहीं कर देता तब तक वह उसे लोन नहीं देगा। लेकिन पाकिस्तान ऐसा करता है तो देश में महंगाई में 70 से 80 प्रतिशत का इजाफा हो जाएगा। इससे तेल से लेकर आटे तक के दाम बेतरतीब तरीके से बढ़ जाएंगे।
13 फरवरी से आंदोलन की चेतावनी
पाकिस्तान के व्यापारियों ने धमकी दी है कि अगर सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शर्तों को पूरा करने के लिए नए सिरे से टैक्स लगाती है तो वह देश भर में विरोध शुरू कर देंगे। इसके साथ ही व्यापारियों ने मांग की है कि सरकार टैक्स बढ़ाने की जगह सेना के जनरलों, न्यायाधीशों और सांसदों के वेतन में कटौती करे। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के मरकजी तंजीम ताजिरन (व्यापारियों का केंद्रीय संगठन) के प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर नए टैक्स लागू किए गए तो वे 13 फरवरी से पूरे देश में एक विरोध आंदोलन शुरू करेंगे।
आगे क्या करेगी पाकिस्तान सरकार?
आईएमएफ अब तक पाकिस्तान को 22 बार लोन दे चुका है। फंड ने पाकिस्तान पर कई शर्तें थोपने के अलावे ये भी कहा है कि वह यह आश्वस्त करे कि इस कर्ज का इस्तेमाल चीनी कर्ज चुकाने में नहीं करेगा। पाकिस्तान पर 275 अरब डॉलर से ज्यादा का कर्ज है। यानी देखा जाए तो एक तरह से पाकिस्तान के हर व्यक्ति पर 2.60 लाख से ज्यादा का कर्ज है। पाकिस्तान की 75 फीसदी से ज्यादा आय कर्ज चुकाने में ही खर्च हो रही है।












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