पाकिस्तान को मिली UNSC अध्यक्ष की कुर्सी, भारत के लिए कूटनीतिक चुनौती या मौका?
Pakistan in UN Security Council: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता पाकिस्तान को मिल गई है। वैश्विक कूटनीति के सबसे प्रभावशाली मंच पर यह भूमिका न सिर्फ पाकिस्तान के लिए अहम है, बल्कि भारत के लिए भी रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। ऐसे समय में जब दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण रिश्तों का इतिहास रहा है, यह अध्यक्षता पाकिस्तान को वैश्विक मंच से अपनी बात रखने और अंतरराष्ट्रीय एजेंडे को प्रभावित करने का मौका देती है।
अब सवाल यह है जुलाई महीने के लिए अध्यक्षता मिलने पर क्या पाकिस्तान इस भूमिका को संतुलन और संयम से निभाएगा या फिर इसका इस्तेमाल भारत विरोधी नैरेटिव को आगे बढ़ाने के लिए करेगा? भारत के लिए यह एक कूटनीतिक चुनौती भी हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी परिपक्वता साबित करने का अवसर भी। परिषद में अस्थायी सदस्य के रूप में अपने दो वर्षीय कार्यकाल के तहत पाकिस्तान ने यह जिम्मेदारी संभाली है, जो जनवरी 2025 में शुरू हुआ था।

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता की यह व्यवस्था हर महीने परिषद के 15 सदस्य देशों के बीच अंग्रेजी वर्णमाला क्रम के अनुसार घूमती है। इसी प्रक्रिया में अब जुलाई का महीना पाकिस्तान को मिला है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 में से 182 सदस्यों का समर्थन पाकर पाकिस्तान ने इस अस्थायी सीट को हासिल किया था।
दो हाई-प्रोफाइल सत्रों की मेजबानी करेगा पाकिस्तान
अध्यक्षता के इस एक महीने के कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान दो प्रमुख उच्च-स्तरीय सत्रों की मेजबानी करेगा। 22 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के ज़रिए मज़बूत करने पर बहस होगी। 24 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के बीच सहयोग बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
इन दोनों सत्रों की अध्यक्षता पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार करेंगे। इसके अलावा 23 जुलाई को फिलिस्तीन मुद्दे पर प्रस्तावित खुले बहस सत्र की भी कमान डार संभालेंगे। गौरतलब है कि साल 1952-53 से लेकर अब तक पाकिस्तान सात बार सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है।
क्या बोला पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय?
इस अवसर पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, "हम यह जिम्मेदारी पूर्ण विनम्रता और प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे। पाकिस्तान का दृष्टिकोण संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और समावेशिता के सिद्धांतों पर आधारित रहेगा।"
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद इस दौरान परिषद के सभी प्रमुख सत्रों की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने कहा कि वह मौजूदा वैश्विक अस्थिरता, बढ़ते संघर्ष और मानवीय संकटों के प्रति पूरी तरह सचेत हैं और परिषद के कामकाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करेंगे।
राजदूत इफ्तिखार पहले ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात कर जुलाई में प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी दे चुके हैं। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान हमेशा से संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देता रहा है और इसी सैद्धांतिक सोच के साथ हम सुरक्षा परिषद में सभी सदस्यों के साथ रचनात्मक सहयोग को तैयार हैं।"












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