पाकिस्तान में रहने वाले चीन के एक-एक मजदूर को मिलेगी स्पेशल सुरक्षा, विदेश मंत्री और ISI चीफ को फटकार

पाकिस्तान में रहने वाले चीनी नागरिकों के लिए इमरान सरकार ने नई सिक्योरिटी पॉलिसी को लागू किया है, जिसके तहत पाकिस्तान में रहने वाले एक एक चीन के लोगों को स्पेशल सिक्योरिटी दी जाएगी।

इस्लामाबाद/बीजिंग, जुलाई 26: दासू बस आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने घोषणा की है कि पाकिस्तान में रहने वाले एक एक चीनी नागरिकों को स्पेशल सुरक्षा दी जाएगी। इमरान खान सरकार ने चीनी नागरिकों को स्पेशल सुरक्षा देने की घोषणा तब की है, जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और आईएसआई चीफ को चीन ने बीजिंग में बुलाकर जमकर फटकारा है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी विदेश मंत्री और आईएसआई चीफ ने चीनी नागरिकों की मौत को लेकर अपनी दलील देने की कोशिश की, जिसे चीन ने नकार दिया ।

चीनी नागरिकों की स्पेशल सुरक्षा

चीनी नागरिकों की स्पेशल सुरक्षा

पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के कोहिस्तान जिले में दासू हाइड्रोपॉवर प्लांट का निर्माण हो रहा है, जो चायना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा है, उसका काम फिलहाल चीन ने रोक दिया है और इस प्रोजेक्ट में काम करने वाले सभी पाकिस्तानियों को चीन ने तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है, वहीं चीन ने पाकिस्तानी जांच रिपोर्ट को खारिज करते हुए अपनी जांच टीम पाकिस्तान में भेजी है, वहीं पाकिस्तानी विदेश मंत्री और आईएसआई चीफ को फौरन बीजिंग आने के लिए कहा था। पाकिस्तानी अखबार के मुताबिक, बीजिंग में पाकिस्तानी विदेश मंत्री से पूछा गया कि दासू डैम आतंकी हमले में पाकिस्तान ने अभी तक आरोपियों को क्यों नहीं पकड़ा है और भविष्य में चीनी नागरिकों पर होने वाले हमले को रोकने के लिए पाकिस्तान क्या कर रहा है ?

सुरक्षा सुनिश्चित करने की चेतावनी

सुरक्षा सुनिश्चित करने की चेतावनी

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट ने सूत्रों के हवाले से छापा है कि चीन ने पाकिस्तान को सख्त लहजे में हर एक चीनी नागरिकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने को कहा है। चीन ने कहा है कि पाकिस्तान में रहने वाले एक एक चीनी नागरिक, चाहे वो सीपीईसी प्रोजेक्ट से जुड़े हों या ना हों, उनके लिए पाकिस्तान में स्पेशल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, जिसके लिए पाकिस्तान तैयार हो गया है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने अखबार को बताया कि ''पाकिस्तान में रहने वाले हर एक निवेशक, अधिकारी कर्मचारी या फिर वो मजदूर ही क्यों ना हों और वो चाहें सीपीईसी से जुड़े हों या ना हों, उन्हें स्पेशल सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।

किस तरह की सुरक्षा होगी?

किस तरह की सुरक्षा होगी?

सीपीईसी प्रोजेक्ट में काम करने वाले हर एक चीनी अधिकारी या मजदूर को पाकिस्तान में स्पेशल सुरक्षा मिलती है। जिसमें एक दरोगा स्तर के अधिकारियों की टीमें लगातार चीनी अधिकारियों और मजदूरों के साथ रहती है। लेकिन अब अब दसू की घटना के बाद अब उन सभी परियोजनाओं के लिए समान सुरक्षा उपाय किए जाएंगे, जिनमें चीनी कंपनियां और उनके नागरिक शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि कुरैशी ने चीनी अधिकारियों को आश्वासन दिया है कि पाकिस्तान, सीपीईसी और अन्य परियोजनाओं पर काम कर रहे अपने नागरिकों को व्यापक सुरक्षा मुहैया कराएगा। विदेश मंत्री कुरैशी और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच बातचीत के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने कोहिस्तान बस हमले के दोषियों को बेनकाब करने और उन्हें "सजा" देने की कसम खाई है।

पाकिस्तान से बेहद नाराज है चीन

पाकिस्तान से बेहद नाराज है चीन

दरअसल, दासू बस हमले के बाद चीन ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री को बीजिंग तलब कर लिया। पाकिस्तान की तरफ से पहले बस हमले को एक्सीडेंट बताया गया था, लेकिन चीन के गुस्सा दिखाने के फौरन बाद पाकिस्तान ने बस हादसे को हमला कहना शुरू कर दिया और अब पाकिस्तान ने कसम खाकर कहा है कि वो दासू बस हमले में शामिल दोषियों को सजा दिलवाएगा। आपको बता दें कि 14 जुलाई को दासू बस हादसे में 9 चीनी इंजीनियर समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाच चीन ने पाकिस्तान पर मिसाइल छोड़ने तक की धमकी दी थी।

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