पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने चुकाई शहबाज के 'नमक का कर्ज', इमरान खान से मिलने से किया इनकार
आर्मी चीफ आसिम मुनीर की नियुक्ति शहबाज शरीफ ने ही की थी और उन्हें आर्मी चीफ बनाने के लिए उनके कार्यकाल को एक्सटेंशन भी दिया गया था।

Pakistan News: पाकिस्तान की राजनीति में उठापटक जारी है और इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को देश के आर्मी चीफ ने जोर का झटका दिया है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने इमरान खान के मिलने के अनुरोध को ठुकरा दिया है। जबकि, इससे पहले इमरान खान की पार्टी के वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी, जो देश के सूचना मंत्री रह चुके हैं, उन्होंने दावा किया था, कि इमरान खान की तरफ से आर्मी चीफ को मिलने का अनुरोध भेजा ही नहीं गया था।

आर्मी चीफ ने दिया जोर का झटका
फवाद चौधरी के इस दावे के बावजूद, कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के साथ बैठक नहीं करना चाहते, जियो न्यूज के एंकर शाहजेब खानजादा ने सूत्रों का हवाला देते हुए दावा किया है, कि पूर्व प्रधानमंत्री ने वास्तव में सेना प्रमुख को एक संदेश भेजा था, लेकिन सेना प्रमुख ने उनके मिलने के अनुरोध ठुकरा दिया। जियो न्यूज के कार्यक्रम "आज शाहजेब खानजादा के साथ" के एंकर ने कहा, कि जनरल आसिम ने सोमवार रात उनसे मुलाकात करने वाले कारोबारियों को बताया, कि पीटीआई प्रमुख इमरान खान ने उन्हें एक संदेश भेजा है जिसमें मुलाकात का अनुरोध किया गया था।

आर्मी चीफ ने मिलने से किया इनकार
एंकर शाहजेब ने अनाम सूत्रों के हवाले से कहा, कि जनरल आसिम ने पीटीआई प्रमुख को बताया, कि सेना प्रमुख के तौर पर उनका काम राजनेताओं से मिलना नहीं है। सूत्रों ने एंकर को बताया, कि "जनरल आसिम ने जोर देकर कहा, कि सेना न तो राजनीति में हस्तक्षेप करेगी और न ही इसमें कोई भूमिका निभाएगी।" सेना प्रमुख ने कहा, कि वह राजनीतिक मामलों में दखल नहीं देंगे और राजनीतिक नेतृत्व को ही अपने मुद्दों को सुलझाना चाहिए। वहीं, कार्यक्रम में बोलते हुए, वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने कहा, कि राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने जनरल आसिम मुनीर और इमरान खान के बीच एक बैठक की व्यवस्था करने की कोशिश की थी। मीर ने कहा, कि सेना प्रमुख ने राष्ट्रपति से कहा था, कि वह राजनीति से दूर रहना चाहते हैं।
फवाद चौधरी ने बोला झूठ?
वहीं, एक दिन पहले, फवाद चौधरी ने दावा किया था, कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने जनरल आसिम मुनीर से मिलने के लिए व्यक्तिगत रूप से या अपने "प्रतिनिधियों" के माध्यम से "कभी कोई अनुरोध नहीं किया"। पूर्व सूचना मंत्री ने ट्वीट किया था, कि "इमरान खान ने कभी भी सेना प्रमुख या उनके किसी प्रतिनिधि से मिलने का अनुरोध नहीं किया, इसी तरह राष्ट्रपति ने शाहबाज शरीफ से मिलने के लिए सेना प्रमुख के किसी भी सुझाव के साथ पीटीआई के अध्यक्ष से कभी संपर्क नहीं किया, इस संबंध में अटकलें निराधार हैं।" फवाद चौधरी का ये ट्वीट पत्रकार कामरान खान के इन दावों के जवाब में आया था, कि सेना प्रमुख ने एक बैठक में व्यापारिक नेताओं से कहा था, कि वह यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं, कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और इमरान खान देश के संकट को हल करने के लिए एक-दूसरे से मिलें। पत्रकार ने यह भी दावा किया, कि इमरान खान सेना प्रमुख से ही मिलने की जिद पर अड़े थे।

'सबसे खराब दौर में पाकिस्तान'
वहीं, द न्यूज के मुताबिक, सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने देश के शीर्ष 10 व्यापारियों के साथ बैठक में वित्त मंत्री इशाक डार की उपस्थिति में उन्हें आश्वासन दिया, कि डिफ़ॉल्ट खतरा खत्म हो गया है और "सबसे बुरा हमारे पीछे है" फिर भी पाकिस्तान प्रबल राष्ट्र के तौर पर सामने आएगा। सेना की मीडिया शाखा, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने हालांकि, अभी तक इस बैठक पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों ने कहा, कि सेना प्रमुख पूरी बैठक के दौरान आशान्वित थे, और उन्हें विश्वास था, कि मौजूदा आर्थिक कठिनाइयों को दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने व्यवसायियों से दृढ़ और आत्मविश्वास से भरे रहने को कहा है। आपको बता दें, कि आर्मी चीफ आसिम मुनीर की नियुक्ति शहबाज शरीफ ने ही की थी और वो शरीफ परिवार के काफी करीबी माने जाते हैं।












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