Pahalgam Attack: भारत की सख्ती से थर्राया पाकिस्तान, पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड दुनिया के सामने गिड़गिड़ाया
Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह से सख्त एक्शन लिया है, उससे पाकिस्तान अब घुटनों पर आने लगा है। एक ओर जहां आतंकी संगठन TRF ने हमले की जिम्मेदारी ली है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान और लश्कर-ए-तैयबा इससे पल्ला झाड़ने में लगे हैं। पाकिस्तान की झुंझलाहट और झूठे दावों से यह जाहिर हो रहा है कि वह दबाव में है और भारत की कूटनीति ने उसे घुटनों पर ला दिया है। इस हमले का मास्टरमाइंड सैफुल्लाह खालिद कसूरी सामने आया है, जो पाकिस्तान में बैठकर आतंकी साजिशें रचता है। भारत के सख्त कदमों से उसकी हालत पतली हो गई है।

भारत पाकिस्तान को बर्बाद करना चाहता है: कसूरी (Saifullah Kasuri VIDEO)
भारत के सख्त एक्शन से घबराए लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी उर्फ सैफुल्लाह खालिद ने एक वीडियो जारी कर हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया और दुनिया से भारत के खिलाफ गुहार लगाई। उसने कहा, "भारत पाकिस्तान का पानी रोककर हमें बर्बाद करना चाहता है।" लेकिन उसकी ये सफाई किसी के गले नहीं उतर रही। उसने वीडियो में भारतीय मीडिया पर आरोप लगाया कि वे पाकिस्तान और उसे 'बिना सबूत' बदनाम कर रहे हैं। भारत खुद इस हमले के पीछे है, यह पूरी तरह से एक नाटक है।
यूजर्स का गुस्सा फूटा: "अब बारी हमारी, जवाब होगा बेदर्द!"
खालिद के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारतीयों का गुस्सा फूट पड़ा। एक यूजर ने लिखा, "जैसे तुमने द्विवेदी को उसकी बीवी के सामने मारा, वैसे ही भारतीय फौज तुम्हारे सिर में गोली मारेगी। इस बार जवाब ऐसा होगा कि शायद आखिरी बार हो!" दूसरे ने लिखा, "पिछले 12 महीने से तुम्हारे खौफ का इंतजार था। अब तुम्हें पता चल जाएगा कि भारत कितना बेदर्द हो सकता है!"
भारत के एक्शन के बाद पाकिस्तान की सिट्टी-पिट्टी गुम
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए दिल दहला देने वाले आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। बैसरन घाटी में लश्कर-ए-तैयबा के छद्म संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ) ने इस हमले को अंजाम दिया, जिसमें 28 लोगों की जान चली गई और 17 से ज्यादा लोग घायल हुए। सूत्रों के मुताबिक, हमले में चार आतंकियों ने हिस्सा लिया, जिनमें दो पाकिस्तानी और दो स्थानीय थे। इनमें से एक आतंकी आदिल गुरी की पहचान हो चुकी है, जो 2018 में पाकिस्तान से लौटा था।
हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली, लेकिन भारत की जवाबी कार्रवाई ने पाकिस्तान को बैकफुट पर ला दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में बड़े फैसले लिए गए। भारत ने 1960 के सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया, अटारी बॉर्डर बंद कर दिया और पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया। इसके अलावा, पाकिस्तानी दूतावास को बंद करने और राजनयिकों को बाहर निकालने का फरमान जारी हुआ।












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