भारत के सबसे बड़े दुश्मन की हालत खस्ता, ज्यादातर पनडुब्बियां खराब, सिर्फ 2 के भरोसे है नौसेना
नई दिल्ली, 12 अगस्त: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था लंबे वक्त से चौपट है। जिसका सीधा असर उसके रक्षा क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। मौजूदा वक्त में पाकिस्तानी नौसेना की हालत बहुत ज्यादा खराब है। इसकी वजह है उसकी पुरानी पनडुब्बियां, जो अब समुद्र में चलने योग्य नहीं रह गई हैं। ऐसे में उनको अपग्रेड या फिर रिपेयर किया जा रहा है।

भारत की तुलना में बहुत कम
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा वक्त में पाकिस्तानी नौसेना की 5 में से 3 पनडुब्बियों को तकनीकी खामी या फिर मिडलाइफ रिफिट की आवश्यकता के चलते ड्यूटी से हटा दिया गया है। ऐसे में सिर्फ 2 ही पनडुब्बियां सक्रिय रूप से ड्यूटी पर हैं। वहीं दूसरी ओर भारतीय नौसेना इससे काफी ज्यादा मजबूत है, जहां उसके पास अभी 15 परंपरागत पनडुब्बी और दो परमाणु पनडुब्बियां हैं। ये सब सक्रिय भूमिका में समुद्री सीमा की रखवाली कर रहीं। इसके अलावा 24 पनडुब्बियों को खरीदने की योजना बनाई जा रही है।

अगले साल तक यही हालत
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि पाकिस्तान में एगोस्टा श्रेणी की पांच पनडुब्बियों में से 3 की मरम्मत की जा रही है। ऐसे में अगले साल के मध्य तक एक अगोस्टा 90बी और एक अगोस्टा 70 से ही पाक नौसेना को काम चलाना पड़ेगा। अभी तक जो पीएनएस हुरमत पाकिस्तानी समुद्री सीमा की रखवाली कर रही थी, उसके इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सपोर्ट मेजर्स सिस्टम में दिक्कत आ गई है। जिस वजह से उसका चलना मुश्किल है।

कोरोना की वजह से देरी
वहीं अगोस्टा 90बी श्रेणी पीएनएस साद ड्राई डॉक पर है। पाकिस्तान इस साल अप्रैल से इसकी मरम्मत कर रहा, जिसमें अभी तीन साल का वक्त लगेगा। इसके अलावा पीएनएस खालिद जो अगोस्टा 90बी पनडुब्बी थी, उसकी भी मरम्मत चल रही है। उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द ही वो पानी में होगी, लेकिन कोरोना की वजह से अभी उसको अपग्रेड करने में वक्त लगेगा।

वादे से मुकरा चीन
वहीं चीन ने भी 8 पनडुब्बियां देने का वादा किया था, जो अभी तक नहीं मिलीं। साथ ही चीन ने साफ किया है कि आने वाले कुछ वक्त तक वो एक भी पनडुब्बी पाकिस्तान को नहीं देगा। ऐसे में उसे अभी सिर्फ पीएनएस हशमत और पीएनएस हमजा से काम चलाना पड़ रहा है।

युद्धपोतों का हाल भी बुरा
पाकिस्तान के पनडुब्बी बेड़े की तरह युद्धपोतों का भी हाल खराब है। पड़ोसी देश की नौसेना के पास दो गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर थे, जिसमें से एक पीएनएस खैबर खराब हो गई है। उसके बाद पाक के पास पीएनएस सैफ और पीएनएस जुल्फिकार बचे, लेकिन उनके पास सीमित वायु रक्षा क्षमता है। पाकिस्तानी नौसेना के अधिकारी जुल्फिकार के रडार में भी दिक्कत की बात कह चुके हैं।












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