अमेरिका में डेल्टा के मुकाबले ओमिक्रॉन से हो रही हैं ज्यादा मौतें, अभी भी जारी है वायरस का आतंक
अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि,'ये वायरस किस तरह से रिएक्ट करता है, इसको लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है'।
वॉशिंगटन, जनवरी 29: पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों ने दावा किया, कि कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले ओमिक्रॉन वेरिएंट कम खतरनाक है, लेकिन अमेरिका में डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले ओमिक्रॉन वेरिएंट से ज्यादा लोगों की जान गई है। अमेरिका में अभी भी दैनिक मृत्युदर पूरी दुनिया के मुकाबले काफी ज्यादा है और वायरस का कहर अभी भी अमेरिका में कम नहीं हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि, अमेरिका में अभी कई और हफ्तों तक हजारों लोगों की मौत कोरोना वायरस से होने वाली है।

अमेरिका में ओमिक्रॉन का कहर
अमेरिका में कोरोना वायरस से दैनिक मत्युदर का औसत पिछले एक हफ्ते में पिछले साल नवंबर महीने में हुई मौत के औसत को पाक कर गया है और गुरुवार को अमेरिका में 2267 लोगों की मौत कोरोना वायरस से हुई है और पिछले साल सितंबर महीने में अमेरिका में दैनिक मौतों का औसत 2100 था और उस वक्त लोगों की मौत के पीछे डेल्टा वेरिएंट जिम्मेदार था, जबकि इस वक्त अमेरिका में होने वाली मौतों के लिए ओमिक्रॉन वेरिएंट जिम्मेदार है। अमेरिका के कोने-कोने तक ओमिक्रॉन वायरस फैला हुआ है और भले ही ओमिक्रॉन ज्यादातर लोगों को गंभीर तौर पर बीमार नहीं कर रहा है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं, कि लोग मर नहीं रहे हैं। अमेरिका में असल में काफी ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं और ज्यादा लोगों की मौत हो रही है।

एक लाख से ज्यादा होंगी मौतें
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रोफेसर एंड्रयू नोयमर ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा है कि, 'ओमिक्रॉन से कम से कम एक लाख से ज्यादा लोगों की मौत होगी'। उन्होंने कहा कि, जब देश में ओमिक्रॉन का कहर कम होगा और नये मामलों की संख्या में कमी आनी शुरू हो जाएगी, उसके बाद ही इस बात पर स्टडी हो पाएगी, कि हम मौतों को रोकने के लिए क्या कर सकते थे और कितने लोगों की हम जान बचा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ओमिक्रॉन के लक्षण अकसर कमजोर होते हैं और ज्यादा घातक लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, लेकिन उन लोगों के लिए ओमिक्रॉन घातक बन जाता है, जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी ज्यादा समस्याएं हैं और जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के निदेशक डॉ. रोशेल वालेंस्की ने कहा कि, "ये कमजोर है, इसका मतलब ये नहीं, कि लोग लापरवाह हो जाएं।"

स्वस्थ लोगों की भी हो रही है मौतें
अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि, 'ये वायरस किस तरह से रिएक्ट करता है, इसको लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है'। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चक कुलोटा नाम के एक शख्स का उदाहरण दिया गया, जिसकी उम्र 50 साल थी। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि, चक कुलोटा एक स्वस्थ आदमी था और अपना व्यवसाय कर रहा था, लेकिन इस दौरान वो ओमिक्रॉन के संपर्क में आ गया और उसकी मौत हो गई। लिहाजा, स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि, लोगों को किसी भी हाल में सतर्कता कम नहीं करनी चाहिए और लापरवाह नहीं होना चाहिए।

कंसास शहर का बुरा हाल
अमेरिका के कंसास में ओमिक्रॉन वेरिएंट का कहर काफी ज्यादा है और एक शहरी अस्पताल में इसी महीने 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और अभी भी अस्पताल में 200 से ज्यादा कोरोना संक्रमित गंभीर स्थिति में हैं। कैनसस सिटी स्थिति कैनसस में यूनिवर्सिटी के अस्पताल में एक मुर्दाघर का वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें रेफ्रिजरेटर में रखे गये शवों को दिखाया गया है। वीडियों में कई सारे शवों को अलग अलग पैकेट में बंद देखा जा सकता है और उन पैकेट्स पर कोविड लिखा हुआ है। इस वीडियो को पोस्ट करने के पीछे अमेरिकी लोगों को सतर्क करना था, खासकर ऐसे लोगों को, जो अभी भी वैक्सीन नहीं ले रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने वीडियो में कहा कि, 'हमारी समस्याएं वास्तवित हैं'।

हर राज्य में बिगड़ सकती है स्थिति
रिपोर्ट में कहा गया है कि, आने वाले हफ्तों में अमेरिका के करीब करीब हर राज्य में तेजी से कोरोना संक्रमण का रफ्तार बढ़ सकता है और मौतों की संख्या में और भी तेजी आ सकती है। वहीं, कोविड पूर्वानुमान में कहा गया है कि, न्यू जर्सी, पेंसिल्वेनिया, आयोवा, मैरीलैंड, अलास्का और जॉर्जिया सहित कुछ राज्यों में रोजाना होने वाली मौते पहले ही चरम पर पहुंच चुकी हैं, लिहाजा इन राज्यों में मौतों की संख्या में अब कमी आ सकती है, लेकिन दूसरे राज्यों में स्थिति तेजी से बिगड़ने की तरफ है। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अस्पताल में हर उम्र के लोग भर्ती के लिए आ रहे हैं, हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने आने वाले हफ्तों में मौतों की संख्या में कमी आने की उम्मीद जताई है।












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