Hwasan-31: किम जोंग उन ने दुनिया को पहली बार दिखाए अपने परमाणु हथियार, अमेरिका तक मचा सकता है तबाही
किम जोंग उन ने कहा कि परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ाने के पीछे केवल खुद को सुरक्षित रखना ही हमारा मकसद है। किम ने कहा कि उनका मकसद दुनिया में हो रही किसी भी जंग से सतर्क रहना है।

File Image
उत्तर कोरिया ने पहली बार दुनिया के सामने अपने परमाणु हथियारों को पेश किया है। किम जोंग उन ने मंगलवार को अपनी सरकारी मीडिया एजेंसी KCNA के माध्यम से इन परमाणु हथियारों की तस्वीरें जारी की हैं। तस्वीरों में तानाशाह किम जोंग उन को छोटे परमाणु वारहेड्स के साथ देखा जा सकता है, जिसके बारे में उत्तर कोरिया दावा करती है कि ये कम दूरी को भेदने में सक्षम हैं। उत्तर कोरिया लंबे समय से ये दावा करता रहा है कि उसके पास सामरिक परमाणु हथियार हैं, जो दक्षिण कोरिया में लक्ष्यों को भेदने में सक्षम हैं।
अमेरिका तक मचा सकता है तबाही
स्टेट मीडिया के मुताबिक उत्तर कोरिया ने अपने शस्त्रागार को बढ़ाने के लिए और भी खतरनाक परमाणु हथियार बनाने की बात कही है। उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु हथियारों को हवासैन-31 नाम दिया है। तस्वीरों में किम जोंग उन के परमाणु हथियार संस्थान का दौरा करने के दौरान उन्हें हवासैन-31 के साथ देखा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है हवासैन-31 भले ही छोटा है फिर भी इसे इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों पर लगाकर अमेरिका और साउथ कोरिया में तबाही मचाई जा सकती है। हालांकि जब तक उत्तर कोरिया इनका परीक्षण नहीं करता, फिलहाल ये सत्यापित करना असंभव है कि ये हथियार कितने कारगर हैं।
किम जोंग के दौर में 80 परीक्षण
उत्तर कोरिया ने इन हथियारों का प्रदर्शन हाल ही में अपनी सबसे शक्तिशाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) लॉन्च करने के बाद किया है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ये ICBM अमेरिका की सीमा तक पहुंचने में सक्षम है। 2011 के अंत में किम जोंग उन के उत्तर कोरिया की बागडोर संभालने के बाद से यह देश अपने परमाणु हथियारों को लगातार बढ़ा रहा है। वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार, उत्तर कोरिया द्वारा 110 से अधिक मिसाइल लॉन्च और परमाणु परीक्षण किए गए हैं, जिनमें से 80 से अधिक किम के शासन में किए गए हैं।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने उत्तर कोरिया को परमाणु मुक्त करने की अपनी कोशिशों को जारी रखने की बात कही है। आपको बता दें कि हाल ही में अमेरिका का वॉर शिप मिलिट्री ड्रिल्स के लिए साउथ कोरिया आया हुआ है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी मरीन ने दक्षिण कोरिया की फौज के साथ बुधवार को पोहांग में बहुत बड़े पैमाने पर संयुक्त लैंडिंग एक्सरसाइज किया है। 2018 के बाद से दक्षिण कोरिया में होने वाला ये अपनी तरह का पहला युद्धाभ्यास है। ट्रेनिंग में करीब 30 नौसैनिक जहाजों, 70 विमानों और 50 बख्तरबंद गाड़ियों ने हिस्सा लिया।












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