नॉर्थ कोरिया ने किया था WannaCry साइबर अटैक, अमेरिका का दावा
वॉशिंगटन। इस साल की शुरुआत में दुनियाभर के कंप्यूटर सिस्टम पर साइबर अटैक हुआ था, इसके पीछे नॉर्थ कोरिया की साजिश थी। ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को सार्वजनिक रूप से इस बात का खुलासा किया है कि इस साल मई में 150 देशों के 2,30,000 कंप्यूटर सिस्टम पर रैनसमवेयर वानाक्राइ साइबर अटैक हुआ था, जो नॉर्थ कोरिया के हैकर्स की हरकत थी। इस साल हुआ वानाक्राइ साइबर अटैक अब तक का सबसे बड़ा साइबर हमला था।

डोनाल्ड ट्रंप के सुरक्षा सलाहकार थॉमस पी बोसर्ट ने कहा कि बड़े स्तर पर हुआ वानाक्राइ अटैक के लिए सिर्फ नॉर्थ कोरिया जिम्मेदार है। इस साइबर अटैक की वजह से दुनिया भर के कंप्यूटर सिस्टम लॉक कर दिए गए थे, जिससे बिलियन्स डॉलर का नुकसान हुआ था। अमेरिका के वॉल स्ट्रीट जनरल से बातचीत के दौरान बोसर्ट ने कहा कि हम इन आरोपों को गंभीरता से ले रहे हैं, क्योंकि हमारे पास नॉर्थ कोरिया के खिलाफ पर्याप्त सबूत है।
इससे पहले जून में वॉशिंगटन पोस्ट ने खुलासा करते हुए कहा था कि इसके पिछे नॉर्थ कोरिया के हैकर्स का हाथ। इसके बाद ब्रिटेन सरकार ने भी अक्टूबर में इसके लिए नॉर्थ कोरिया को दोष ठहराया था। इसके बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने भी नॉर्थ कोरिया को इस अटैक के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
बता दें कि एक कंप्यूटर मालवेयर के जरिए हमला करने वालों ने लोगों के कंप्यूटर सिस्टम को लॉक कर दिए गए थे और उसके बाद उसे खोलने के लिए फिरौती की मांग की गई थी। साइबर अटैकर्स ने बिटकॉइन्स में 300 डॉलर की फिरौती की मांग की थी। इसमें फ्रांस, रूस, ब्रिटेन, स्वीडन, रूस सहित दुनिया के कई देश इससे प्रभावित हुए। भारत भी इस साइबर हमले से अछूता नहीं रहा।












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