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दुनिया की सबसे हैवी सिक्योरिटी में किम, जहां परिंदा तो दूर चींटी भी नहीं दाखिल हो सकती

By Amit J
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    नई दिल्ली। नॉर्थ कोरियाई सु्प्रीम लीडर किम जोंग उन पहली बार बॉर्डर क्रॉस कर साउथ कोरिया के राष्ट्रपति से मुलाकात की। किम जोंग उन ने शुक्रवार को ना सिर्फ परमाणु निरस्त्रीकरण समझौते पर हस्ताक्षर कर एक ऐतिहासिक संदेश दिया, बल्कि कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता की पहल करते हुए एक अद्भुत इतिहास भी लिखा। इसके अलावा किम जोंग उन ने दुनिया भर में अपनी हैवी सिक्योरिटी के लिए भी शुर्खियां बटोरी। सबसे ज्यादा हैरान करने वाला तो यह था कि बुलैट प्रुफ कार में बैठे किम जोंग उन को उनके 12 बॉडी गार्ड ने घेर रखा था।

    वेल ट्रेंड बॉडी गार्ड्स

    वेल ट्रेंड बॉडी गार्ड्स

    किम की सिक्योरिटी में लगे लगभग एक ही हाइट के बॉडी गार्ड्स एकदम फिट और मार्शल आर्ट्स स्किल सिखे होते हैं। साउथ कोरियाई राष्ट्रपति मून जे इन से मुलाकात के वक्त दुनिया की सबसे ज्यादा आर्म्ड फोर्स वाली बॉर्डर डीएमजे पर किम की बुलेट प्रूफ कार को 12 बॉडी गार्ड्स ने घेर रखा था। सभी बॉडी गार्ड्स ने नेवी ब्लू शूट, व्हाइट शर्ट और डार्क ब्लू लाइनिंग टाई के पहन रखी थी। किम जब अपनी कार से उतरी, तब उसी वक्त उन वेल ट्रेंड बॉडी गार्ड्स ने अपने लीडर को घेर दिया और वी शेप बनाकर चलते रहे।

    किम की सुरक्षा में चींटी भी घुस नहीं सकती

    किम की सुरक्षा में चींटी भी घुस नहीं सकती

    नॉर्थ कोरिया दुनिया के सबसे कड़े नियंत्रित समाजों में से एक है, लेकिन उनके नेता के लिए सिक्योरिटी गार्ड ने एक लोहे का कवच बना रखा है, जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता। किम से मिलने से पहले किसी भी विदेशी को हैवी सिक्योरिटी प्रोसेस से होकर गुजरना होता है। यहां तक कि सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान और फोन भी जमा कराना होता है। किम जोंग इल (किम के पिता) के सिक्योरिटी गार्ड रह चुके और नॉर्थ कोरिया छोड़ चुके री योंग गुक ने 2013 में बताया था कि यहां के सुप्रीम लीडर के लिए सिक्योरिटी गार्ड की 6 अलग-अलग लेयर होती है। उन्होंने कहा,"यह दुनिया की सबसे सख्त सुरक्षा में से एक है, जहां एक चींटी के लिए घुसना मुश्किल होगा।'

    दुनिया की सबसे खतरनाक सीमा है DMZ

    दुनिया की सबसे खतरनाक सीमा है DMZ

    कोरियन मिलिटैराइज्ड जोन (डीएमजे) जमीन की एक पट्टी है जो कोरियाई प्रायद्वीप को बांटती है। इसके एक तरफ दक्षिण कोरिया है और दूसरी तरफ उत्तर कोरिया है। यह पट्टी लगभग 250 किलोमीटर लंबी है और लगभग चार किलोमीटर चौड़ी है। 1953 में उत्तर कोरिया, चीन और संयुक्त राष्ट्र के बीच हुए समझौते के बाद डीएमजेड अस्तित्व में आया। डीएमजे के दोनों तरफ भारी सैन्य जमावड़ा रहता है और इस इलाके में ना सिर्फ कंटीली तारें लगी हैं, बल्कि वहां बहुत सी बारूदी सुरंगें भी बिछाई गई हैं। निगरानी के लिए बहुत सारे कैमरे भी लगे हैं। डीएमजे को दुनिया की सबसे खतरनाक सीमाओं में गिना जाता है, जिसके आरपार जाना लगभग ना मुमकिन है। इस इलाके में हल्की सी हलचल पर ही गोलियां की तड़ातड़ शुरू हो जाती है।

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    English summary
    Kim Jong Un's security: 'not even an ant can pass through

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