‘प्रेम की अमर औषधि’ पीयो, महान किम ने प्यार भरा तोहफा भेजा है, उत्तर कोरिया में ऐसे हो रहा वैक्सीनेशन

उत्तर कोरिया के एक गुमनाम अधिकारी ने रेडियो स्टेशन को बताया कि, "जब सैनिकों को चीन से टीकों का इंजेक्शन लगाया जाता है, तो वे जोरदार राजनीतिक प्रचार संदेश चलाते हैं।

प्योंगयोंग, मई 29: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन ने घोषित किया है कि कोरोनोवायरस टीकाकरण उनके द्वारा उपहार में दी गई "प्यार की अमर औषधि" है, और प्यार की अमर औषधि पीने के बाद लोग कोरोना महामारी से बच जाएंगे। उत्तर कोरिया में कोरोना वायरस वैक्सीन इसी नाम से बांटा जा रहा है और लोगों से कहा जा रहा है, कि महान नेता किम जोंग उन ने जनता के लिए 'प्रेम की अमर औषधि' भिजवाया है।

‘प्रेम की अमर औषधि’

‘प्रेम की अमर औषधि’

उत्तर कोरिया में टीकाकरण स्थलों और गाड़ियों के माध्यम से लाउडस्पीकरों के लिए जरिए विचित्र दावे किए जा रहे हैं। रेडियो फ्री एशिया (आरएफए) ने बताया कि, पूर्वी एशियाई देश, जो बेहद गोपनीय है और दुनिया के बाकी हिस्सों से कोविड की वजह से पूरी तरह से कटा हुआ है, वो कोविड वैक्सीन वितरण में पहले देश के सैनिकों को प्राथमिकता दे रहा है। आपको बता दें कि, पिछले एक महीने से उत्तर कोरिया कोविड महामारी से बुरी तरह से प्रभावित है और लाखों लोग कोविड संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, उत्तर कोरिया में चीनी वैक्सीन बांटे जा रहे हैं।

वैक्सीन वितरण में राजनीतिक स्टंट

वैक्सीन वितरण में राजनीतिक स्टंट

उत्तर कोरिया के एक गुमनाम अधिकारी ने रेडियो स्टेशन को बताया कि, "जब सैनिकों को चीन से टीकों का इंजेक्शन लगाया जाता है, तो वे जोरदार राजनीतिक प्रचार संदेश चलाते हैं। उत्तर कोरिया में जब किसी को वैक्सीन की डोज दी जाती है, तो उसे बताया जाता है, कि एक महान राजा की कृपा से उनका प्यार प्रजा में बांटा जा रहा है और ये वैक्सीन प्यार का टीकाकरण है। हालांकि, उत्तर कोरिया में भले ही वैक्सीन को लेकर अलग अलग तरह से प्रचार किया जा रहा हो और सनकी तानाशाह किम जोंग उम को 'महानतम' बताया जा रहा हो, लेकिन हकीकत ये है, कि उत्तर कोरिया में वैक्सीन काफी कम मात्रा में हैं और हजारों लोग गंभीर बीमार हैं, जबकि कोविड के लक्षण लाखों लोगों में हैं और देश में ना कोविड टेस्ट करने के सामान हैं और ना ही दवाईयां।

अभी तक है सिर्फ 69 मौतें

अभी तक है सिर्फ 69 मौतें

उत्तर कोरिया के एक और सूत्र ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि, टीकाकरण स्थलों पर जो प्रसार वाहन हैं, उनपर 'प्रेम की अमर औषधि' लिखा हुआ है और देश में कई जगहों पर इस नाम के बैनर पोस्टर लगे हुए हैं। हालांकि, उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने अभी तक कोविड से सिर्फ 69 लोगों की मौत होने की बात स्वीकार की है। इसके साथ ही उत्तर कोरिया अभी तक इस वायरस को 'बुखार' के तौर पर संदर्भित कर रहा है और बेहद खराब परीक्षण सेटअप की वजह से देश में कोरोना टेस्ट काफी कम किया जा रहा है। जिसकी वजह से हजारों लोगों का सही इलाज नहीं हो पा रहा है।

उत्तर कोरिया में कोरोना का कहर 

उत्तर कोरिया में कोरोना का कहर 

आपको बता दें कि, इस महीने की शुरुआत में किम जोंग-उन ने पहली बार स्वीकार किया था कि कोरोना महामारी उत्तर कोरिया तक पहुंच गई है। पहले, वह डींग मारते थे कि उनके देश के सख्त "क्वारंटाइन " ने तब मजबूती से काम किया था जब दुनिया के बाकी देश अपनी सुरक्षा में नाकाम हो गये थे। लेकिन, अब कोरोना वायरस ने उत्तर कोरिया की हालत खराब कर दी है और देश में चूंकी कभी भी अस्पतालों के निर्माण या स्वास्थ्य व्यवस्था के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया, लिहाजा अब देश की जनता एक सनकी तानाशाह की करतूतों की सजा भुगत रही है। सबसे हैरानी की बात ये है, कि उत्तर कोरिया में जिन लोगों की कोविड से मौत हो रही है। उनकी मौत रहस्यमयी बुखार से कहकर उसे कोविड की लिस्ट में नहीं डाला जाता है।

उत्तर कोरिया दवा की भारी किल्लत

उत्तर कोरिया दवा की भारी किल्लत

बीबीसी लगातार उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी पर नजर रखे हुआ है और उत्तर कोरिया की स्थिति की बारीकि से निगरानी कर रहा है। बीबीसी ने पिछले हफ्ते अपनी रिपोर्ट में कहा है कि, उत्तर कोरिया में सरकारी अखबार में लोगों को गर्म काढ़ा, अदरक डालकर चाय पीने के लिए कहा गया है। ये सलाह उन लोगों को दी गई है, जो ज्यादा बीमार नहीं हैं। हालांकि, अब पूरी दुनिया में साबित हो चुका है, कि इन घरेलू उपचार से खांसी और गले में खराश और सूजन से तो राहत मिल सकती है, लेकिन इससे वायरस का इलाज नहीं होता है। वहीं, नॉर्थ कोरिया के सरकारी अखबार ने लोगों को पानी में नमक डालकर गरारा करने के लिए कहा है, और इसके लिए राजधानी प्योंगयोंग में हजारों टन नमक भिजवाया गया है।

गरारे करें, गर्म पानी पीएं

गरारे करें, गर्म पानी पीएं

बीबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि, एक उत्तर कोरियाई दंपति का मीडिया द्वारा साक्षात्कार लिया गया था, जिसमें लोगों को सलाह दी गई थी कि जब वे उठें और बिस्तर पर जाएं तो खारे पानी से गरारे करें। उत्तर कोरिया के लोगों को बताया गया है कि, इस बात के काफी प्रमाण हैं कि, गर्म पानी में नमक डालकर गरारा करने से कोविड संक्रमण का खतरा कम हो जाता है और कोविड फैलने का खतरा भी कम हो जाता है, क्योंकि कोविड महामारी नाक और मुंह से फैलती है।

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