अफ्रीका में भारत के 'डिफेंस ड्रीम' को तगड़ा झटका, नाइजीरिया ने सबसे बड़े दुश्मन के 'भाई' से खरीदा चॉपर्स

Nigeria India News: बोको हराम आतंकवादियों के खिलाफ अपनी लड़ाई को बढ़ावा देने के लिए नाइजीरिया की वायु सेना (NAF) ने तुर्की से दो TAI T-129 ATAK लड़ाकू हेलीकॉप्टरों का पहला बैच हासिल कर लिया है, जो भारत के लिए बहुत बड़ा झटका है। नाइजीरिया और तुर्की के बीच हुआ ये हेलीकॉप्टर सौदा, इस अफ्रीकी देश की सैन्य क्षमता को बढ़ाने का काम करेगा।

यह हेलीकॉप्टर सौदा 2021 और 2022 तक नाइजीरियाई रक्षा अधिकारियों और तुर्की के तुसास इंजन इंडस्ट्रीज (टीएआई) के बीच दो साल से चल रही बातचीत के बाद की गई है।

Nigeria Acquires turkish choppers

मिलिट्री अफ्रीका पर एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि "ये कॉन्ट्रैक्ट जुलाई 2022 में नाइजीरिया द्वारा छह TAI T-129 ATAK हेलीकॉप्टरों की खरीद के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर के तहत किए गए हैं, जिसकी अनुमानित कीमत प्रति हेलीकॉप्टर 45 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी।"

भारत से ध्रुव हेलीकॉप्टर खरीदने में दिखाई थी दिलचस्पी

नाइजीरिया ने बेहद खतरनाक आतंकी संगठन बोको हराम के खिलाफ लड़ाई में चीनी निर्मित विंग लूंग 2 मानव रहित लड़ाकू हवाई वाहनों (यूसीएवी) को भी शामिल किया है। हालांकि, इससे पहले नाइजीरिया ने भारत से ध्रुव हेलीकॉप्टर खरीदने में गहरी दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन उसने ध्रुव की जगह तुर्की से हेलीकॉप्टर खरीदा है।

नाइजीरिया ने तुर्की से जिन दो T129 ATAK हेलीकॉप्टर्स को खरीदा है, वो डबल इंजन लाइटवेट-क्लास T129 हेलीकॉप्टर है, जिसे तुर्की एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (TAI) और इटली के अगस्ता वेस्टलैंड द्वारा संयुक्त रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है। इससे पहले फिलीपींस ने भी तुर्की से इस हेलीकॉप्टर को खरीदने के लिए डील किया हुआ था और ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलीपींस को अभी तक 6 में से चार हेलीकॉप्टर मिल चुके हैं।

2018 में, पाकिस्तान ने भी AH-1F कोबरा के अपने बेड़े को बदलने के लिए T-129 हासिल करने का विकल्प चुना था। इस्लामाबाद ने 30 टी129 के लिए तुर्की की इस कंपनी के साथ 1.5 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, अमेरिका ने इंजनों के लिए निर्यात लाइसेंस जारी करने से इनकार कर दिया। लिहाजा, पाकिस्तान को तुर्की से ये हेलीकॉप्टर्स नहीं मिल पाए।

ATAK के T-8004A टर्बोशाफ्ट इंजन LHTEC T800-4A पावर प्लांट का निर्यात संस्करण हैं, जो अमेरिकी फर्म हनीवेल और ब्रिटिश रक्षा और एयरो इंजन प्राइम रोल्स-रॉयस के बीच एक ज्वाइंट वेंचर है। लेकिन, जब तुर्की ने रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदा तो अमेरिका ने तुर्की को इंजन बेचने पर रोक लगा दी।

इसके अलावा, तु्र्की की कोशिश अपने इस हेलीकॉप्टर को सऊदी अरब के साथ साथ ब्राजील और कतर को भी बेचने की है, लेकिन अभी तक बात नहीं बन पाई है। तुर्की चाहता है, कि उसकी डिफेंस इंडस्ट्री सिर्फ ड्रोन निर्माण तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि वो हेलीकॉप्टर निर्माण में भी आगे बढ़ना चाहता है, इसीलिए वो बड़े देशों के साथ हेलीकॉप्टर समझौता करना चाहता है।

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने हेलीकॉप्टर्स को बेचने के लिए नाइजीरिया का दौरा भी किया था, जब उन्हें पता चला था, कि नाइजीरिया भारत से ध्रुव हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है।

वहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाइजीरिया अभी भी भारत से तेजस मार्क-1 फाइटर जेट खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है और एक्सपर्ट्स की नजर इस बात पर है, कि क्या भारत तेजस विमान का सौदा फाइनल कर पाएगा या नहीं, क्योंकि तेजस खरीदने को लेकर दिलचस्पी तो कई देशों ने दिखाई है, लेकिन सौदा फाइनल किसी भी देश ने अभी तक नहीं किया है।

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