जस्टिन ट्रूडो की छीछालेदर कराने के बाद अब पलटा न्यूजीलैंड.. खालिस्तान पर किया था भारत का समर्थन
India-New Zealand-Canada Row: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड का लिंक भारत से जोड़ा था और उसके बाद शुरू हुआ विवाद, 6 महीने बीत जाने के बाद भी थमा नहीं है।
जस्टिन ट्रूडो ने दावा किया था, कि वैंकूवर में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे नई दिल्ली का हाथ था। हालांकि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच अभी भी खींचतान चल रही है, लेकिन न्यूजीलैंड के उप प्रधान मंत्री विंस्टन पीटर के बयान ने इसे नया तूल दे दिया है।

न्यूजीलैंड के उप प्रधान मंत्री विंस्टन पीटर ने भारत के पक्ष में बयान दिया और चूंकी न्यूजीलैंड फाइव आइज का अहम सदस्य देश है, लिहाजा जस्टिन ट्रूडो की जमकर छीछालेदर होने लगी थी। उन्होंने जस्टिन ट्रूडो के आरोपों पर सवाल उठाए थे और कहा था, कि कनाडा ने अभी तक एक भी सबूत पेश नहीं किए हैं, जिससे भारत की संलिप्तता साबित होती हो।
न्यूजीलैंड ने किया था भारत का समर्थन
अपनी हालिया भारत यात्रा के दौरान, न्यूजीलैंड के डिप्टी-प्रधानमंत्री विंस्टन पीटर, जो विदेश मंत्री का कार्यभार भी संभाल रहे हैं, उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में जोर देकर कहा था, कि कनाडा, जो "फाइव आइज़" का भागीदार भी है, उसने अपने दावों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत साझा नहीं किए हैं।
उन्होंने कहा था, कि "उस वक्त हमारी पुरानी सरकार इस मामले को हैंडल कर रही थी, लेकिन देखिए, जब आप फाइव आइज से मिली जानकारियों को सुन रहे होते हैं, तो आप कहते कुछ नहीं हैं, सिर्फ सुनते हैं। आप नहीं जानते, कि उन जानकारियों की वैल्यू कितनी है, या वो जानकारी कितनी कीमती है, या फिर उसकी क्वालिटी क्या है, लेकिन उन जानकारियों को लेकर आप खुश होते हैं। लेकिन, आप नहीं जानते, कि उन जानकारियों में सच्चाई कितनी है, क्या उन जानकारियों में पर्याप्त भौतिक मूल्य होगा या नहीं, लेकिन बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी जो मायने रखती है... इसे मुख्य रूप से पिछली सरकार द्वारा नियंत्रित किया गया था।"
उन्होंने आगे सवाल उठाते हुए कहा, कि "एक प्रशिक्षित वकील के तौर पर मैं पूछता हूं, कि आखिर सबूत कहां हैं? केस कहां है? अभी तक जो जांच की गई है, वो कहां है? अभी तक हमारे पास ऐसा कुछ भी नहीं आया है।"
आपको बता दें, कि "द फाइव आइज़" एक एंग्लोस्फियर खुफिया गठबंधन है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं और ये देश एक दूसरे के साथ गोपनीय खुफिया जानकारियां साझा करते हैं। कनाडा का कहना है, कि निज्जर हत्याकांड में कथित भारत की भूमिका को लेकर फाइज आइज के ही एक सदस्य ने उसे जानकारी दी थी। माना जाता है, कि वो देश अमेरिका है।

क्या पलट गया है न्यूजीलैंड?
न्यूजीलैंड के शीर्ष मंत्री के बयान से कनाडा में विवाद खड़ा हो गया है। वहीं, ताजा विवाद के बीच वेलिंगटन ने स्पष्टीकरण जारी किया है। न्यूजीलैंड का बचाव करने की कोशिश करने वाले एक अधिकारी ने कहा, कि मामले की जांच पूरी होने तक मंत्री की टिप्पणियों को अन्यथा नहीं लिया जाना चाहिए।
पीटर्स के कार्यालय के वरिष्ठ प्रेस सचिव जॉन टुलोच ने द ग्लोब एंड मेल को एक ईमेल बयान में कहा, कि "आरोपों पर न्यूजीलैंड की स्थिति अपरिवर्तित बनी हुई है - अगर वे सही साबित होते हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय होगा।"
हरदीप सिंह निज्जर विवाद क्या है?
गौरतलब है, कि भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक निज्जर को 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात लोगों ने गोली मार दी थी। हत्या के लगभग तीन महीने बाद, ट्रूडो अचानक कनाडाई संसद में उपस्थित हुए और सिख अलगाववादी नेता की हत्या में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया, जिसे भारत ने निराधार और प्रेरित बताकर खारिज कर दिया था।












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