तो क्या NASA के वैज्ञानिकों ने खोज ली है नई 'पृथ्वी'? इस ग्रह के बादल में पानी होने की ज्यादा उम्मीद

वॉशिंगटन, 11 जून। ब्रह्मांड में एक नई 'पृथ्वी' की खोज की आस में दुनियाभर के वैज्ञानिक अंतरिक्ष की खाक छान रहे हैं। सालों की मेहनत और उम्दा दर्जे की तकनीक के बावजूद भी आज तक किसी भी ग्रह के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता है वह इंसानों के रहने के लायक है। हालांकि नासा के वैज्ञानिकों द्वारा की गई एक खोज के मुताबिक अगर उनकी आशंका सच साबित होती है तो जल्द ही इंसान किसी और ग्रह पर भी रहने जा सकता है।

ग्रह पर पानी के बादल मिलने की उम्मीद

ग्रह पर पानी के बादल मिलने की उम्मीद

दरअसल, नासा के वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसे ग्रह की खोज की है जहां पानी मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि TOI-1231 b नामक इस इस ग्रह के बादलों में नमी हो सकती है, अब तक किए गए शोध से यह नेप्च्यून जैसे ग्रह प्रतीत होता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबित नासा और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू मेक्सिको के वैज्ञानिकों ने मिलकर इस नई 'पृथ्वी' की खोज की है।

पृथ्वी जितना ही है ग्रह का तापमान

पृथ्वी जितना ही है ग्रह का तापमान

हालांकि इसके बारे में अभी बहुत सी जानकारी मिलना बाकी है। नासा के वैज्ञानिकों ने बताया कि इस ग्रह को TOI-1231b नाम दिया गया है, पृथ्वी से इसकी दूरी लगभग 90 प्रकाश वर्ष दूर है। ग्रह पर मौजूदा तापमान की बात करें तो TOI-1231b 57°C तक गर्म है। यह ग्रह रेड ड्वार्फ स्टार की परिक्रमा करता है। यह एक्सोप्लैनेट 24 दिनों में अपने तारे की परिक्रमा पूरी करता है।

इस तारे की परिक्रमा करता है नया ग्रह

इस तारे की परिक्रमा करता है नया ग्रह

नासा के वैज्ञानिकों ने बताया कि TOI-1231b जिस तारे की परिक्रमा करता है वह हमारे सूर्य से बिल्कुल अलग है। यह एक लाल या एम-टाइप के बौने तारे जैसा है। वैज्ञानिकों ने इस तारे को एलएनटीटी 24399 नाम दिया है, जि इंसानों के रहने लायक बिल्कुल नहीं है। हालांकि TOI-1231b नाम के ग्रह की खोज के बाद अब उसको लेकर विस्तृत अध्ययन किया जा गया है। न्यू मैक्सिको विश्वविद्यालय के भौतिकी और खगोल विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डायना ड्रैगोमिर ने इस स्टडी को लिखा है।

अपने तारे के काफी करीब है यह ग्रह

अपने तारे के काफी करीब है यह ग्रह

डायना ड्रैगोमिर कहती है, 'पृथ्वी के मुकाबले खोजा गया नया ग्रह टीओआई 1231 बी अपने तारे के आठ गुना करीब है, लेकिन इसका तापमान हमारी धरती जितना ही है। ठंडे और कम चमकीले तारे के इतने करीब होने के बाद भी ग्रह का तापमान नहीं बढ़ा। अगर यह ग्रह हमारे सूर्य के इतना करीब होता तो इसका हाल भी हमारे शुक्र ग्रह जैसा ही होता। टीओआई 1231 बी का आकार पृथ्वी से काफी बड़ा और नेप्च्यून से छोटा है।'

पृथ्वी की तरह नहीं होंगे चट्टान

पृथ्वी की तरह नहीं होंगे चट्टान

डायना ड्रैगोमिर आगे बताती हैं, 'टीओआई 1231 बी की खोज के बाद से ही वैज्ञानिक काफी उत्साहित हैं, अगर ग्रह पर सच में पानी वाले बादल पाए जाते हैं तो यह सदी की सबसे बड़ी खोज होगी।' वैज्ञानिकों के मुताबिक इस ग्रह का घनत्व कम है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह पृथ्वी की तरह चट्टानी ग्रह की बजाए एग गैसीय ग्रह है। लेकिन वैज्ञानिक अभी तक ग्रह या उसके वायुमंडल की संरचना के बारे में निश्चित रूप से नहीं जानते हैं।

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