NASA Moon Image: चांद का वो हिस्सा जो दुनिया से 50 साल छुपा रहा, नासा ने पहली बार दिखाई 'असली' तस्वीर
NASA Moon Image: नासा के आर्टेमिस II मिशन ने इतिहास रच दिया है। चांद की परिक्रमा कर रहे अंतरिक्ष यात्रियों ने 'ओरिएंटल बेसिन' (Orientale Basin) की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर भेजी है। यह पहली बार है जब इंसानी आंखों ने चांद के इस छिपे हुए हिस्से को इतने करीब और पूरा देखा है।
इस मिशन में चार जांबाज अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जो दशकों बाद चांद की ओर बढ़े हैं। यह सफर न सिर्फ विज्ञान के लिए, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो हमें भविष्य की नई संभावनाओं से जोड़ती है।

NASA Artemis II Mission दशकों बाद चांद का सफर
आर्टेमिस II मिशन के जरिए इंसान 1972 के अपोलो मिशन के बाद पहली बार चांद के इतने करीब पहुंचा है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री, जेरेमी हैनसन, विक्टर ग्लोवर, रीड वाइसमैन और क्रिस्टीना कोच ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार हैं। यह यात्रा विज्ञान और तकनीक की दुनिया में एक बड़ा मील का पत्थर है। यह मिशन साबित करता है कि हम अंतरिक्ष की गहराइयों को समझने के लिए अब पहले से कहीं ज्यादा तैयार और सक्षम हैं।
History in the making
— NASA (@NASA) April 5, 2026
In this new image from our @NASAArtemis II crew, you can see Orientale basin on the right edge of the lunar disk. This mission marks the first time the entire basin has been seen with human eyes. pic.twitter.com/iqjod6gqgz
NASA 2026 Mission: इतिहास रचती नई टीम
यह मिशन सिर्फ दूरी तय करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह बदलाव का भी प्रतीक है। क्रिस्टीना कोच चांद की यात्रा करने वाली पहली महिला बनने जा रही हैं, जबकि विक्टर ग्लोवर पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री होंगे जो इस सफर पर निकले हैं। यह टीम दुनिया को संदेश दे रही है कि अंतरिक्ष अब सबके लिए खुला है। उनकी यह हिम्मत और मेहनत आने वाली पीढ़ी के वैज्ञानिकों और युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगी।
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चांद का अनसुना हिस्सा
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य चांद के उस 'दूर के हिस्से' (Far Side) की तस्वीरें लेना और उसे समझना है, जो हमें धरती से कभी दिखाई नहीं देता। ओरियन स्पेसक्राफ्ट धरती से करीब 4 लाख किलोमीटर दूर तक जाएगा, जो इंसानी उड़ान के लिए एक नया रिकॉर्ड है। वैज्ञानिकों का मानना है कि चांद के इन अनछुए हिस्सों को देखकर हमें ब्रह्मांड के कई पुराने रहस्यों को सुलझाने में मदद मिलेगी, जो अब तक हमसे छिपे थे।
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घर वापसी की तैयारी
करीब 10 दिनों की इस ऐतिहासिक यात्रा के बाद, अंतरिक्ष यात्री वापस धरती की ओर लौटेंगे। उनका यान 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंड करेगा (Splashdown)। हालांकि इस बार वे चांद की सतह पर उतरेंगे नहीं, लेकिन यह मिशन भविष्य में इंसानों के वहां बसने और लंबे समय तक रहने की नींव रख रहा है। यह सफर खत्म होने के बाद भी विज्ञान की दुनिया में नई चर्चाओं और खोजों को जन्म देता रहेगा।












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