नैन्सी का चीन को कड़ा संदेश, अमेरिका हर स्तर पर ताइवान का देगा साथ , मंडरा रहे फाइटर जेट
नैन्सी पेलोसी चीन की धमकी को दरकिनार कर मंगलवार रात ताइवान पहुंचीं। इसको लेकर चीन अमेरिका से खासा नाराज नजर आ रहा है। साथ ही चीन और अमेरिका के बीच ताइवान की आजादी के मुद्दे पर तानातनी और ज्यादा बढ़
ताइपे, 3 अगस्त : चीन की धमकी के बावजूद अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने ताइवान का दौरा किया। उन्होंने इस दौरान संसद को संबोधित किया और बीजिंग को प्रभावित करने वाले द्वीप की यात्रा के दौरान ताइवान के राष्ट्रपति के साथ-साथ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
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नैन्सी ने संसद को संबोधित किया
नैन्सी पेलोसी ने ताइवान की संसद को संबोधित करते हुए कहा, अमेरिका दुनिया के सबसे स्वतंत्र समाजों में से एक होने के लिए ताइवान की सराहना करता है। उन्होंने आगे कहा कि, चीन के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए अमेरिकी चिप उद्योग को मजबूत करने के उद्देश्य से नया अमेरिकी कानून यूएस-ताइवान आर्थिक सहयोग के लिए अधिक अवसर प्रदान करता है।

राष्ट्रपति से मुलाकात
इस दौरान नैन्सी ने ताइवान के राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन और अन्य सांसदों के साथ मुलाकात की। पेलोसी ने राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन को उनके नेतृत्व के लिए धन्यवाद दिया और अंतर-संसदीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। नैंसी पेलोसी ने कहा कि ताइवान बढ़ता हुआ लोकतंत्र है और ताइवान ने विश्व के सामने यह साबित कर दिया है कि आशा, निडरता और दृढ़ संकल्प होने से चुनौतियों के बावजूद शांतिपूर्ण और बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। नैन्सी ने आगे कहा, आज हम ये संदेश लेकर यहां आए हैं कि ताइवान के साथ अमेरिका की एकजुटता महत्वपूर्ण है।'

राष्ट्रपति ने जताया आभार
पेलोसी से मुलाकात के बाद ताइवान की राष्ट्रपति त्सी-इंग-वेन ने उनका आभार जताया है।उन्होंने पेलोसी को ताइवान का सच्चा दोस्त बताया है। उन्होंने ताइवान-अमेरिका के रिश्तों में सुधार लाने के लिए काम कर रहे प्रतिनिधिमंडल को धन्यवाद दिया। इस दौरान उन्होंने पेलोसी के 1999 के ताइवान दौरे को भी याद किया।

ताइवान की कहानी दुनिया के लिए प्रेरणादायक
नैन्सी पेलोसी ने कहा कि, दुनिया में स्वतंत्रता चाहने वाले हर व्यक्ति के लिए ताइवान की कहानी प्रेरणादायक है। यहां का लोकतंत्र महिला राष्ट्रपति के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह वादा करता है कि वह हमेशा ताइवान के साथ खड़ा रहेगा। मौजूदा समय में दुनिया लोकतंत्र और तानाशाही के बीच चुनाव करने की चुनौती का सामना कर रही है। वहीं अमेरिका ताइवान के साथ ही पूरे विश्व में लोकतंत्र की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प है।

चीन से बिना डरे ताइवान पहुंचीं नैन्सी
अमेरिकी संसद की स्पीकर नैन्सी पेलोसी चीन की धमकी को दरकिनार कर मंगलवार रात ताइवान पहुंचीं। इसको लेकर चीन अमेरिका से खासा नाराज नजर आ रहा है। साथ ही चीन और अमेरिका के बीच ताइवान की आजादी के मुद्दे पर तानातनी और ज्यादा बढ़ गई। नैन्सी ने इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए ताइवान की सरकार और जनता से कहा कि उनकी यह यात्रा मानवाधिकारों की रक्षा, अनुचित व्यापार परंपराओं का विरोध और सुरक्षा को लेकर है।

अमेरिका चीन के आगे नहीं झुकेगा
बता दें कि, पिछले 25 साल में इस स्वतंत्र द्वीप की यात्रा करने वाली नैन्सी पेलोसी अमेरिका की पहली बड़ी नेता हैं। उनकी यात्रा के विरोध में चीन ने ताइवान में अपने लड़ाकू विमान उड़ाकर अमेरिका को ताकत दिखाने का प्रयास किया, लेकिन अमेरिका जैसे महाशक्ति देश ने चीन की इस धमकी को नजरअंदाज कर दिया।

चीन कर रहा कड़ी निंदा
वहीं, चीन नैन्सी की ताइवान यात्रा की कड़े शब्दों में निंदा की। इस दौरान उसने अपनी सैन्य ताकत भी दिखाई। इतना ही नहीं बीजिंग में अमेरिकी राजदूत को भी तलब किया गया। चीन ताइवान से इतना नाराज हो गया है कि उसने कई कृषि आयातों को निलंबित करने के घोषणा कर दी है।












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