ISIS के चंगुल से छूटी सेक्स गुलाम को UN ने दी अहम जिम्मेदारी
नई दिल्ली। खूंखार आतंकी संगठन ISIS के चंगुल में करीब तीन महीने तक 'सेक्स स्लेव' रही नादिया मुराद को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने अपना गुडविल एंबेसडर बनाया है। इस ऐलान के साथ ही साथ यूएन ने यह भी कहा कि 'नादिया अब हमारे साथ मिलकर मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के खिलाफ लड़ेंगी और इसे लेकर लोगों के बीच जागरुकता फैलाएंगी।'

जर्मनी के स्टटगार्ट में शुक्रवार को हेग अतंरराष्ट्रीय कोर्ट में मानवाधिकार की वकील क्लूनी ने नादिया को गुडविल एंबेसडर बनाने का ऐलान किया। क्लूनी ने कहा कि बहादूर नादिया के साथ मिलकर हम आंतकियों के चंगुल से यजिदी महिलाओं और बच्चों को आजाद करा सकेंगे। आपको बता दें कि नादिया मुराद वर्ष 2015 में उस वक्त सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने अपने ऊपर हुए जुल्म की इंतहा संयुक्त राष्ट्र के समक्ष सुनाई थी।
साल 2014 में जब नादिया की उम्र 21 साल थी तब उन्हें ISIS के आतंकियों ने अगवा कर लिया था। उसके बाद उन्हें तकरीबन 3 माह तक बंधक बनाकर रखा गया और रोज टॉर्चर किया गया। यूएन में नादिया ने बताया था कि उनके सामने ही उनके भाई और पिता की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद आतंकी उन्हें मोसुल शहर लेकर गए।
वहां रोज उनके साथ बलात्कार होता था। एक दिन वो भागने की कोशिश करती पकड़ी गईं थी तो आतंकियों ने उन्हें बिना कपड़ों के गार्ड के हवाले कर दिया था। नादिया ने बताया था कि उस रात उनके साथ तबतक बलात्कार किया गया जबतक वो बेहोश नहीं हो गई थीं।












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