Myanmar, Thailand Earthquake: बैंकॉक में आपातकाल की घोषणा, जानिए क्या होता है स्टेट ऑफ इमरजेंसी?
Myanmar, Thailand Earthquake: थाईलैंड और म्यांमार में भूकंप ने बड़ी तबाही मचाई है। भूकंप का सबसे ज्यादा असर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में देखने को मिला है। भूकंप का केंद्र म्यांमार में था और इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 मापी गई।
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक की आबादी 1.70 करोड़ से अधिक है। यहां अधिकांश लोग ऊंची इमारतों वाले अपार्टमेंट में रहते हैं। दोपहर करीब डेढ़ बजे भूकंप आने पर इमारतों में अलार्म बजने लगे और घनी आबादी वाले मध्य बैंकॉक की ऊंची इमारतों एवं होटल से लोगों को बाहर निकाला गया।

भूकंप इतना शक्तिशाली था कि कुछ ऊंची इमारतों के अंदरूनी हिस्सों में 'स्वीमिंग पूल' में पानी में लहरें उठती दिखीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अधूरी 30 मंजिला इमारत ढहने के बाद 40 से ज्यादा मजदूर लापता हैं। मिली जानकारी के मुताबिक बैंकॉक में 3 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि म्यांमार में 25 लोगों की मौत हो चुकी है। बैंकॉक के एक इमारत में 81 लोगों के दबने की खबर सामने आ रही है। भारतीय दूतावास ने नंबर जारी किया है।
पीएम मोदी ने X पर किया पोस्ट
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट करते हुए लिखा- म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। इस संबंध में, हमने अपने अधिकारियों से तैयार रहने को कहा है। साथ ही विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के संपर्क में रहने को कहा है।
बैंकॉक और म्यांमार में गंभीर स्थिति को देखते हुए आपातकाल घोषित कर दिया गया है। म्यांमार के छह क्षेत्रों और राज्यों में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। वहीं भूकंप के झटकों के बाद बैंकॉक में बिगड़ते हालात को देख प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा ने राजधानी में आपतकाल घोषणा कर दी है। आइए जानते है स्टेट इमरजेंसी क्या है और यह कब लगाई जाती है।
स्टेट ऑफ इमरजेंसी क्या है?
बैंकॉक में स्टेट ऑफ इमरजेंसी प्राकृतिक आपदा (भूकंप, बाढ़, सुनामी आदि) के बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर लगाई जाती है। सरकार के प्रशासनिक तंत्र के विफल होने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अगर पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर्याप्त नहीं होते तो भी आपतकाल लगाई जाती है। स्टेट ऑफ इमरजेंसी लागू होने पर सरकार को विशेष अधिकार मिल जाते हैं। सेना और अन्य बलों को तैनात किया जा सकता है। राहत और बचाव कार्यों को तेज किया जाता है। मीडिया और इंटरनेट पर कुछ प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। अगर आवश्यक हो तो नागरिकों के आवागमन पर रोक लगाई जा सकती है।
स्टेट ऑफ इमरजेंसी लागू होने पर थाई सेना और रेस्क्यू टीमें बचाव कार्य में लगाई जाती हैं। राष्ट्रीय आपदा चेतावनी केंद्र (NDWC) स्थिति की निगरानी करता है। बैंकॉक में 2010 में राजनीतिक अशांति के कारण इमरजेंसी लागू की गई थी। उसके बाद 2020 में COVID-19 महामारी के दौरान भी इमरजेंसी घोषित की गई थी। भूकंप के बाद बैंकॉक में स्टेट ऑफ इमरजेंसी तभी लगाई जाती है जब प्रशासन स्थिति को संभालने में विफल हो। आमतौर पर सरकार आपदा प्रबंधन कानूनों के तहत राहत कार्य करती है और सेना या अंतरराष्ट्रीय मदद की सहायता से हालात को नियंत्रित करती है।












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