फ्रांस के सबसे बड़े हवाई अड्डे पर नमाज पढ़ने जुटे दर्जनों लोग, 10 मिनट तक पढ़ी नमाज, मचा हंगामा
फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक हवाई अड्डे पर मुस्लिमों के नमाज पढ़ने से विवाद शुरू हो गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से प्रसारित एक तस्वीर में दर्जनों यात्रियों को जॉर्डन की उड़ान से पहले टर्मिनल 2बी में प्रार्थना करते देखा गया है। कई लोगों ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
मामला पेरिस के चार्स दी गॉल एयरपोर्ट के प्रस्थान हॉल का है जहां जॉर्डन की उड़ान से पहले दर्जनों लोग एकत्र हुए और सबने साथ बैठकर उड़ान से पहले नमाज पढ़ी। यह प्रार्थना फ्रांस के सबसे बड़े एयरपोर्ट टर्मिनल 2 में की गई। यहां एकसाथ करीब 30 लोगों ने हिस्सा लिया।

एएफपी के मुताबिक करीब 10 मिनट तक नमाज पढ़ी गई। रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस में सभी धर्मों के लोगों के लिए निजी तौर पर प्रार्थना करने के लिए हवाई अड्डे पर विशेष बंद क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं। इसके बावजूद लोगों ने वेटिंग रूम में ही नमाज पढ़ी।
नवाज पढ़ने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस पर फ्रांस के पूर्व मंत्री ने इस तरह जुटकर नमाज पड़ने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा इबादत करने के लिए के लिए मस्जिदें मौजूद हैं, फिर एयरपोर्ट पर नमाज पढ़ने का क्या तुक बनता है। उन्होंने सीमा पुलिस को इस चीजों पर रोक लगाने और अपनी चौकसी बढ़ाने का निर्देश दिया।
विवाद को बढ़ता देख हवाई अड्डे का संचालन करने वाली संस्था एडीपी के सीईओ ऑगस्टिन डी रोमानेट ने बयान जारी करते हुए इस घटना की निंदा की है। बयान में रोमानेट ने इस घटना को 'अफसोसजनक' बताया है।
वहीं, फ्रांस के परिवहन मंत्री क्लेमेंट ब्यून ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा है कि एयरपोर्ट अधिकारियों ने इस तरह की स्थितियों को संभालने का वादा किया है।
इस तस्वीर को फ्रांस के पूर्व मंत्री ने नोएल लेनॉय ने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए तंज कसा है। उन्होंने कैप्शन में लिखा, एयरोपोर्ट्स डी पेरिस के सीईओ क्या कर रहे हैं, जब उनका एयरपोर्ट एक प्रार्थनास्थल में बदल गया? क्या यह बदलाव आधिकारिक है?
फ्रांस के सांसद एस्ट्रिड पैनोस्यन बेवेट ने कहा, 'एयरपोर्ट पर विशेष प्रार्थनास्थल उपलब्ध है।' फ्रांस के परिवहन मंत्री क्लेमेंट ब्यून ने एक्स पर कहा कि हवाई अड्डे के अधिकारी नियमों को लागू करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
पेरिस एयरपोर्ट पर नमाज अदा करने की घटना ऐसे समय में सामने आई है जब इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष की वजह से फ्रांस में तनाव चरम पर है। फ्रांस में बड़ी संख्या में मुस्लिम और यहूदी लोग रहते हैं। यही कारण है कि फ्रांस की सरकार इस घटना को बहुत ही गंभीरता से ले रही है।
आपको बता दें कि, फ्रांस एक धर्मनिरपेक्ष देश है। लेकिन एयरपोर्ट, स्कूल और सार्वजनिक जगहों पर धार्मिक आस्था का प्रदर्शन करना मना है। देश में सभी धर्मों के लोगों को निजी तौर पर प्रार्थना करने के लिए विशेष रूप से निर्दिष्ट क्षेत्र उपलब्ध कराए गए हैं।












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