वोदका डालकर मां ने मार डाला था बच्चे को, कोर्ट ने बेगुनाही की अपील खारिज की
नई दिल्ली। अमेरिका के वारमोंट में एक सनसनी खेज मामला सामने आया है। यहां अदालत ने 43 वर्षीय एक महिला को कोर्ट ने उसके ही 13 साल के बेटे की हत्या का दोषी माना है। महिला ने कोर्ट में बेगुनाही की अपील की थी जिसे खारिज कर दिया गया है। कोर्ट ने नवबंर 2017 में महिला को 12 साल की सजा सुनाई थी। आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि महिला ने वोदका पिलाकर अपने बेटे को मौत के घाट उतारा था। बच्चा मानसिक और शारीरिक रूप से अपाहिज था। महिला ने ये सब इसलिए किया ताकि वो अपने प्रेमी के साथ वक्त गुजार सके। महिला का नाम मेलिसा रॉबटील है।

प्रेमी ने कहा था चुप कराने को
अभियोजकों ने कहा कि रॉबिटिल और उसके प्रेमी, वाल्टर रिक्टर्स ने अपने बेटे की फीडिंग ट्यूब में वोदका डाली ताकि वह चुप रहे क्योंकि वह शोर मचा रहा था। उधम मचा रही थी। वोदका का फ्लो इतना तेज था कि वो उसके दीमाग पर असर किया और उसकी मौत हो गई।

कोर्ट में की थी बेगुनाही की अपील
रॉबिटिल ने वरमोंट सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि उसे बेगुनाह करार दिया जाए। उसने यह तर्क दिया था कि उसने शराब को घातक मकसद से नहीं बल्कि सिर्फ सुलाने के लिए दिया था। कोर्ट ने रॉबिटिल की इस दलील पर शुक्रवार को असहमति जातई । वरमोंट सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को असहमति जताई।

दीमागी बीमार था बेटा
डॉक्टरों ने बताया कि जिस समय बच्चे की मौत हुई उस समय उसका वजन सैंतालीस पाउंड था। वह मधुमेह अनिद्रा और अन्य स्थितियों के कारण द्रव असंतुलन के लिए बेहद असुरक्षित था। डॉक्टर ने स्टेशन WCAX के अनुसार, अल्कोहल की थोड़ी मात्रा भी घातक हो सकती है।












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