अबतक की सबसे महंगी बीयर,4 करोड़ रुपए से ज्यादा में बिकी, क्वालिटी नहीं इतिहास से जुड़ा है मामला
पुरानी शराब की कीमतें आसमान छूती हैं। लेकिन, अमेरिका में बीयर की एक बोतल 4 करोड़ रुपए से भी ज्यादा में बिकी है। बीयर की इतनी ज्यादा कीमत आजतक नहीं सुनी गई। बड़ी बात ये है कि इस बीयर की क्वालिटी भी कुछ ऐसा नहीं है कि जो बहुत ही दुर्लभ हो। इसकी ऊंची कीमत के पीछे का कारण है, इससे जुड़ी एक ऐतिहासिक घटना जो 1852 में घटी थी। जहां तक इसकी विशेषता की बात है तो यह इस मकसद से तैयार की गई थी कि यह जमा देने वाली सर्दी में भी जमने ना पाए।

4.05 करोड़ रुपए से भी ज्यादा कीमत में बिकी एक बोतल बीयर
आमतौर पर माना जाता है कि शराब और शैंपेन महंगी होती हैं। कुछ-कुछ ब्रांड तो ऊंची कीमतों की वजहों से ही मशहूर हैं। शराब की कुछ किस्में तो बहुत ही दुर्लभ हैं, इसलिए उनकी कीमतों का अंदाजा लगाना भी मुश्किल रहता है। लेकिन, यकीन करना मुश्किल है कि बीयर की कुछ वैरायटी ब्रांड भी ऐसी हैं, जिनकी बोतलें पुरानी से पुरानी और मशहूर से मशहूर शराब की बोतल से भी महंगी हो सकती है। बीयर की कुछ बोतलों की कीमतें कल्पना से बाहर हैं। एक ऐसी ही बीयर की बोतल पर अमेरिका के एक शख्स ने 4.05 करोड़ रुपए से भी ज्यादा खर्ज किए हैं।

140 साल पुरानी है बीयर
दुनिया की सबसे महंगी बीयर का खिताब 140 साल पुरानी एक बोतल को मिला है, जिसे 'Allsopp's Arctic Ale'नाम दिया गया है। आप सोच रहे होंगे कि किसी खास विशेषता या गुणवत्ता की वजह से बीयर की एक बोतल की बोली 4 करोड़ रुपए से भी ज्यादा लगी है, जो कि अभी तक का रिकॉर्ड है। तो ऐसी बात नहीं है। अलबत्ता,इस बीयर में कुछ अलग तरह के गुण जरूर हैं, लेकिन इसकी ऊंची कीमत की वजह गुणवत्ता या विशेषता बिल्कुल नहीं है। इसके पीछे की वजह इससे जुड़ी एक ऐतिहासिक और भयानक कहानी है।

हाथ से लिखे एक नोट ने बीयर को दुर्लभ बना दिया
एंटिक ट्रेड की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के इतिहास की सबसे महंगी बीयर की बिक्री की कहानी ईबे पर शुरू हुई। यहां अमेरिका के ओकलाहोमा के एक खरीदार ने 2007 में Allsopp's Arctic Ale की एक बोतल सिर्फ 304 डॉलर में खरीदी थी। मैसाचुसेट्स के सेलर ने इसपर 19.95 डॉलर का शिपिंग चार्ज भी जोड़ा था। एंटिकट्रेडगजेट डॉट कॉम के मुताबिक बोतल पर एक पुराना और हाथ से लिखा एक लैमिनेटेड नोट था, जिसपर पर्सी जी बोल्स्टर के हस्ताक्षर थे। उसमें लिखा था कि उन्हें यह बोतल 1919 में मिली थी।

दो जहाजों के गायब होने से जुड़ी है कहानी
उस नोट में एक और चौंकाने वाली जानकारी थी। इसके अनुसार यह बीयर '1852 में एक ध्रुवीय अभियान के लिए खासतौर पर निकाली गई थी।' खरीदार को जल्द अंदाजा लग गया कि यह बीयर 1852 के उस आर्कटिक अभियान का हिस्सा था जो सर एडवर्ड बेल्चर की अगुवाई में सर जॉन फ्रैंकलिन और उनके क्रू की तलाश में निकला था। यह कहानी ये थी कि आर्कटिक सागर से होते हुए अटलांटिक और प्रशांत महासागर के बीच उत्तरी-पश्चिमी गलियारे के रास्ते दो जहाजों ने कभी नहीं लौटने वाली यात्रा की थी।

यह बीयर राहत अभियान के लिए तैयार की गई थी
दोनों जहाजों एचएमएस एरेबस और एचएमएस टेरर यात्रा पर निकले तो थे, लेकिन वापस कभी डॉक तक नहीं लौटे। क्योंकि, नाविकों को जहाज को खाली छोड़ना पड़ गया था। लेकिन, दुर्भाग्य से दो क्रू सदस्यों के बारे में कभी कोई जानकारी नहीं मिली। यह बीयर की बोतल उसी राहत अभियान के दौरान मिला जो एरेबस और टेरर और उनके क्रू को खोजने के अभियान पर निकला था।

इस बीयर में अल्कोहल की मात्रा 10% से ज्यादा
दरअसल, बेल्चर ने शराब बनाने वाली Allsopps से कहा था कि बीयर का एक ऐसा स्पेशल बैच तैयार करें, जो जमा देने वाली आर्कटिक की जलवायु के लिए उपयुक्त हो। इसलिए उस राहत अभियान वाले जहाज के लिए Allsopp ने Arctic Ale के कई सारे क्रेट तैयार किए। यह एक ऐसी बीयर है, जिसमें अल्कोहल की मात्रा (10 प्रतिशत के करीब) ज्यादा रखी गई, जो कि उसे जमने ना दे।

157 बोलियां लगीं, एक ने बाजी जीत ली
बाद में बीयर की इस बोतल पर म्यूजियम क्वालिटी का ठप्पा लगा, जिससे यह दुनिया की सबसे ऐतिहासिक और दुर्लभ बीयर बन गई। जानकारी के मुताबिक ईबे पर इसके लिए 157 बोलियां लगीं। लेकिन, अंतिम बोली 5,03,300 डॉलर की हुई। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि बीयर की वह बोतल खुली है या उसी तरह रखी हुई है। (तस्वीरें- सांकेतिक)












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