मोसाद ने ईरान में घुसकर आतंकी को किया किडनैप, साइप्रस में यूहदियों की होने वाली थी हत्या, निकला पाक कनेक्शन
इजरायल की जासूसी एजेंसी मोसाद के बारे में कहा जाता है कि ये अपने दुश्मनों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढकर मार देते हैं। मोसाद ने दूसरे देशों में जाकर ऐसे ऑपरेशन किए भी हैं और अपने दुश्मनों को मार गिराया है।
वहीं अब मोसाद ने एक और ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है जिसकी खूब चर्चा हो रही है। मोसाद ने साइप्रस में इजरायली कारोबारियों पर हमला करने की कथित ईरानी साजिश को विफल करने का दावा किया है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक मोसाद ने ईरान के अंदर घुसकर आतंकी हमले की कोशिश करने वाले मास्टरमाइंड को पकड़ा और उसका अपहरण कर लिया। इस मास्टरमाइंड की पहचान युसेफ शाहबाजी अब्बासलिलु के रूप में हुई है।
शाहबाजी अब्बासलिलु ने पूछेताछ के दौरान यहूदियों की हत्या की साजिश में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि कैसे उसने इसे अंजाम देने की कोशिश की। अब्बासलिलु ने कहा कि उसे ईरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड के उच्चअधिकारियों से निर्देश और हथियार प्राप्त हुए। उसने पूछताछ के दौरान इससे जुड़े कुछ वीडियो मीडिया के साथ साझा किए गए।
अब्बासलिलु ने पूछताछ के दौरान ये बताया कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI भी शामिल था। अब्बासलिलु ने अपने हैंडलर का नाम हसन शौशतारी जादेह बताया जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की विदेशी खुफिया शाखा का एक जाना-माना चेहरा है।
अब्बासलिलु ने उनके बारे में बात करते हुए कहा कि वह भरोसेमंद पाकिस्तानी है, जिन्होंने मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण गतिविधि को अंजाम दिया था। अब्बासलिलु ने कहा कि शौशतारी के साथ उसने साइप्रस में प्रवेश की योजना बनाई। शौशतारी ने उसे बताया कि उसे उत्तरी साइप्रस से प्रवेश करना चाहिए, जहां उनके कुछ लोग हैं जो उसे वहां से दक्षिणी साइप्रस भेज सकते हैं।
अब्बासलिलु ने कहा कि उसने अपने आकाओं से प्राप्त हथियार को एक झाड़ी के नीचे दबा दिया था। उसने आगे कहा कि उसे उसका टार्गेट एक व्हाट्सएप इंटरफेस के जरिए मिला जो उसे आईआरजीसी इंटेलिजेंस संगठन से प्राप्त हुआ था।
इसके बाद अब्बासलिलु ने अपने टार्गेट का पीछा करना शुरू कर दिया। उसने उसकी तस्वीरें लीं औरे हत्या की तैयारी की। उसने कहा कि मेरी योजना यह थी कि अगर वह शांत और खाली सड़क जा रहा है तो मैं उसे हथियार से मार डालेंगा।
इसी बीच उसके आकाओं को पता चल गया कि पुलिस उसके पीछे है। इसके बाद अब्बासलिलु से आकाओं ने हथियार छुपाने, सभी उपकरणों को फेंकने के लिए कहे। इस वीडियो में उसका ईरान लौटने का बोर्डिंग पास भी दिखाया गया है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि मोसाद के द्वारा पूछताछ के बाद अब्बासलिलु का क्या हुआ। साइप्रस, तुर्की, जॉर्जिया और ग्रीस में इजरायलियों पर हमला करने के ईरानी प्रयासों को हाल ही में विफल कर दिया गया है। मोसाद ने अपने बयान में कहा कि वह दुनिया भर में यहूदियों और इजरायलियों को नुकसान रोकने के लिए निर्णायक रूप से कार्य करना जारी रखेगा।












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