मंकीपॉक्स वायरस कंप्यूटर और आपके कॉफी मशीन में मौजूद है, जरा बच के!

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि अब तक 92 देशों और क्षेत्रों से मंकीपॉक्स के 35,000 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिसमें पिछले सप्ताह 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ लगभग 7,500 मामले दर्ज किए गए।

न्यूयॉर्क, 20 अगस्त : मंकीपॉक्स बीमारी को लेकर एक नया अध्ययन सामने आया है, जो आपको सावधान करने वाला है। एक नए शोध से पता चला है कि, मंकीपॉक्स वायरस कंप्यूटर के माउस और आपके कॉफी मशीनों में काफी दिनों तक रह सकता है। है न चौंकाने और चिंता करने वाली बात। दरअसल, आप इससे और ज्यादा सावधान हो सकते है।

मंकीपॉक्स वायरस कहीं भी हो सकता है?

मंकीपॉक्स वायरस कहीं भी हो सकता है?

अमेरिकी रोग नियंत्रण निकाय सीडीसी द्वारा मंकीपॉक्स पर किए गए एक नए अध्ययन से अब पता चला है कि वायरस नियमित रूप से कीटाणुरहित करने के बावजूद कई दिनों तक कई सामान्य घरेलू वस्तुओं पर रह सकता है। इस अध्ययन के लिए, दो मंकीपॉक्स मरीजों को एक ही घर में रखा गया। रोगी नियमित रूप से घर में रखे वस्तुओं की सतहों को कीटाणुरहित करते थे। वे दिन में कई बार हाथ धोते थे और स्नान करते थे। इसके बाद जब शोधकर्ताओं ने घर की जांच की तो बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया।

अध्ययन से क्या पता चला

अध्ययन से क्या पता चला

शोधकर्ताओं ने पाया कि, रोगी में मंकीपॉक्स के लक्षण शुरू होने के 20 दिन बाद 70 प्रतिशत मुख्य जगहों, सामान जैसे सोफे,कंबल, कॉफी मशीन, कंप्यूटर माउस और लाइट स्विच में वायरस पाया गया। ये घर के ऐसे स्थान और वस्तुएं हैं, जहां लोग जाते ही हैं।

साफ-सफाई जरूरी

साफ-सफाई जरूरी

ब्लूमबर्ग ने बताया -हालांकि, इस अध्ययन के दौरान वस्तुओं और सतहों पर पाया गया वायरस मर चुका था। इससे संक्रमण का जोखिम कम हो जाता है। सीडीएस का कहना है कि, घर की नियमित साफ-सफाई जिससे घर के कीटाणु नाश हो जाएं, करने से वायरस के संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है।

मॉस्क पहने और उचित निर्देशों का पालन करें

मॉस्क पहने और उचित निर्देशों का पालन करें

अमेरिकी रोग नियंत्रण निकाय ने अध्ययन के बाद, मंकीपॉक्स को लेकर बताया कि, अगर आप किसी भी मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित मरीज के पास जाते हैं तो मुंह पर फिटिंग वाला मास्क अवश्य पहने। दुषित स्थानों, वस्तुओं को छूने से बचे। उचित दूरी बनाए, खाने के बर्तन,कपड़े, तौलिया, बिस्तर शेयर करने से बचे।

100 प्रतिशत प्रभावी नहीं है टीका

100 प्रतिशत प्रभावी नहीं है टीका

डब्ल्यूएचओ का साफ कहना है कि, मंकीपॉक्स के खिलाफ टीके 100 प्रतिशत प्रभावी नहीं हैं और इसीलिए लोगों को संक्रमण के अपने जोखिम को कम करना चाहिए। बता दें कि, दुनिया के 92 से अधिक देशों में मंकीपॉक्स के 35 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं। इस बीमारी से अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, लुईस ने कहा कि डब्ल्यूएचओ, मंकीपॉक्स की रोकथाम के लिए इन टीकों के लिए "100 प्रतिशत प्रभावकारिता की उम्मीद नहीं कर रहा है। वैक्सीन कोई सिल्वर बुलेट नहीं है, हर कोई ठीक होना चाहता है। हमें इस बीमारी को बढ़ने से रोकने के लिए खुद को सतर्क रखना होगा।

समलैंगिक पुरुष एक दुसरे के साथ यौन संबंध बनाने से बचे

समलैंगिक पुरुष एक दुसरे के साथ यौन संबंध बनाने से बचे

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने यह भी कहा कि एक पुरुष के दूसरे पुरुष के साथ यौन संबंध (समलैंगिक) बनाने के कारण ज्यादातर यूरोप और अमेरिका से मामले सामने आ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, अब तक 92 देशों में मंकीपॉक्स के 35,000 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें 12 मरीजों की मौत हो गई है। पिछले सप्ताह लगभग 7,500 मामले सामने आए, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है, जो कि पिछले सप्ताह की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है।

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