बराक ओबामा को ISIS के खिलाफ लड़ाई में चाहिए मोदी का साथ
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा जिन्होंने आईएसआईएस के खात्मे की कसम खाई है, उन्हें अब इसे खत्म करने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जरूरत है।

मोदी से जुड़ी ओाबामा की उम्मीदें
सीरिया और इराक में अपनी पकड़ मजबूत बना चुके आईएसआईएस के खिलाफ लड़ाई में ओबामा ने मोदी से समर्थन की उम्मीद की हुई है।
अब तक ओबामा को दुनिया के 40 देशों का समर्थन मिल चुका है। इन सभी देशों ने अमेरिका की अगुवाई में आईएसआईएस को खत्म करने के लिए शुरू किए गए अभियान को अपना समर्थन दिया है।
गौरतलब है कि अमेरिका और उसके साझीदारों की ओर से सोमवार को सीरिया पर आईएसआईएस के खिलाफ हवाई हमले शुरू किए गए हैं। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों और ओबामा दोनों की ओर से ही कहा गया है कि
यह किसी तरह का मिलिट्री गठबंधन नहीं है और कोई भी देश इस अभियान में अमेरिका को अपने तरीके से समर्थन दे सकता है।
व्हाइट हाउस ने टिप्पणी से किया इंकार
नरेंद्र मोदी और ओबामा के बीच 29 सितंबर को व्हाइट हाउस में मुलाकात होने वाली है।
इस बात की पूरी संभावना है कि जब बराक ओबामा, मोदी से 30 सितंबर को अपने ओवल ऑफिस में मुलाकात करेंगे तो वह इस मुद्दे पर मोदी से जरूर बात करेंगे।
मोदी और ओबामा की मुलाकात की तैयारियों में व्यस्त अमेरिकी अधिकारी इस बात से पूरी तरह से वाकिफ हैं कि दोनों नेताओं के बीच आईएसआईएस एक अहम मुद्दे की तरह होगा।
ओबामा जिन्होंने अभी तक दुनियाभर के सभी नेताओं के सामने इस आतंकी संगठन को खत्म करने में उनकी मदद करने की अपील की है, मोदी के सामने भी उनके समर्थन की मांग करेंगे।
हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से इस पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया गया है।
व्हाइट हाउस की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता कैटलिन हेडेन की ओर से कहा गया है, 'इस लड़ाई में सभी देशों की अपनी-अपनी जिम्मेदारी है। इसके अलावा मैं किसी भी तरह की कोई भी टिप्पणी नहीं कर सकता हूं।'












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