चीनियों को ई-वीजा- विदेश मंत्रालय का कमजोर होमवर्क
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) चीनी नागरिकों को ई वीजा देने के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश सचिव एस जयशंकर ने शुक्रवार को अलग-अलग बयान देकर कुछ इस तरह के संकेत दिए कि भारत ने इस मसले पर सही तरह से होमवर्क नहीं किया था। मोदी ने शुक्रवार को घोषणा की कि भारत, चीनी पर्यटकों को ई-वीजा देगा। यानी उन्हें इलेक्ट्रॉनिक पर्यटक वीजा प्रदान किया जाएगा।
ठोस घोषणा नहीं
इससे पहले विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा था कि चीनी पर्यटकों को ई-वीजा देने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। सवाल उठता है कि उनकी तरफ से इस तरह का बयान कैसा आया। इसी तरह से मोदी ने या जयशंकर ने बिजनेस वीजा लेकर भारत आने के इच्छुक चीनी नागरिकों के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं की।
सुरक्षा कारण
कुछ समय पहले वन इंडिया ने खबर दी थी कि गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया कि बिजनेस वीजा पर भारत आने वाले चीनियों की भी पड़ताल जारी रहे सुरक्षा कारणों के चलते।
आसान सफर
ये बात दीगर है कि नरेन्द्र मोदी चाहते थे कि चीन के नागरिकों का भारत का सफर सरल और सुगम बनाया जाए। इससे पहले चीन के टुरिस्टों को भारत आने पर वीजा देने के सवाल पर केन्द्र में मोदी सरकार के दो विभाग आमने- सामने थे। टुरिज्म मिनिस्ट्री की चाहत थी कि चीन से आने वाले पर्यटकों को फौरन वीजा दे दिया जाए। पर गृह मंत्रालय मानता है कि ये कदम ठीक नहीं रहेगा। बेहतर होगा कि वीजा देते वक्त सख्ती बरती जाए। हरेक टुरिस्ट को वीजा ना दिया जाए।
घोषणा होनी थी
वन इंडिया ने कई हफ्ते पहले खबर दी थी कि नरेन्द्र मोदी चीन यात्रा के समय टुरिस्टों को लेकर कोई बड़ी घोषणा कर सकते है।













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