पाकिस्तान में 24 घंटे बाद भी सैन्य छावनी पर आतंकियों का कब्जा, घुटनों पर शहबाज सरकार, कई मरे
तहरीक-ए-तालिबन पाकिस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, जिसने पिछले हफ्ते ही पाकिस्तान सरकार से युद्धविराम खत्म कर दिया था। टीटीपी ने पूरे देश में सैन्य धमाके करने का आदेश दिया है।

Pakistan News: आतंकवादियों की परवरिश करने वाला पाकिस्तान अब खुद आतंक की खाई में गिर गया है और आतंकवादियों ने पाकिस्तान सरकार की नाक में दम कर रखा है। डॉन न्यूज के मुताबिक, करीब 24 घंटे बीत जाने के बाद भी खैबर पख्तूनख्वा में बन्नू काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) को पाकिस्तान सरकार आतंकियों के कब्जे से आजाद नहीं करवा पाई है। बन्नू काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट एक सैन्य छावनी में स्थिति है और रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 25 आतंकवादियों ने आर्मी सेंटर पर कब्जा कर रखा है। आतंकियों के कब्जे में कई सैन्य अधिकारी हैं, वहीं अभी तक चार पुलिसवालों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

आतंकियों के कब्जे में सैन्य सेंटर
डॉन के मुताबिक, रविवार को ही तहरी-ए-तालिबान पाकिस्तान के आतंकियों ने सीटीडी पर कब्जा कर लिया। डॉन ने कहा है कि, सीटीडी में करीब 25 आतंकवादियों से पूछताछ की जा रही थी, लेकिन आतंकवादियों ने पुलिसवालों के हथियार छीन लिए और सैन्य सेंटर को अपने कब्जे में ले लिया। इन आतंकियों ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें एक पुलिस अधिकारी जख्मी हालत में दिख रहे हैं और आतंकियों ने अफगानिस्तान सीमा के अंदर हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित छोड़ने की मांग रखी है। वहीं, बन्नू में सोमवार को स्थिति काफी तनावपूर्ण है और पूरे बाजार को बंद करा दिया गया है।

'गलती से लिया अफगानिस्तान का नाम'
सेना के जवानों और पुलिस की टीम ने पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी है और शहर के निवासियों को घर के ही अंदर रहने को कहा है। प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है। आतंकवादी समूह के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि, उसके सदस्यों ने सीटीडी कर्मचारियों और सुरक्षा अधिकारियों को बंधक बना लिया है। हालांकि, आतंकी संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि, पिछले वीडियो में उसके 'दोस्तों' ने गलती से अफगानिस्तान का नाम ले लिया था। टीटीपी के प्रवक्ता ने आगे कहा कि, उसने रात भर सरकारी अधिकारियों से बात की है और उन्हें आदेश दिया गया है, कि वो आर्मी सेंटर के अंदर मौजूद उनके सभी दोस्तों को "दक्षिण या उत्तरी वज़ीरिस्तान में छोड़ दिया जाए।" इसके साथ ही टीटीपी ने कहा है, कि सरकार की तरफ से अभी तक सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। आपको बता दें कि, टीटीपी ने युद्धविराम का समझौता तोड़ दिया है और पूरे पाकिस्तान में हमले करने की घोषणा की है।
घुटनों पर शहबाज सरकार
पाकिस्तान सरकार पिछले 24 घंटे में भी अपने आर्मी सेंटर को आतंकियों के कब्जे से आजाद नहीं करवा पाई है और सूत्रों ने कहा है, कि सरकार को डर है, कि अगर आर्मी के ऑपरेशन में आतंकी मारे गये, तो फिर टीटीपी पूरे देश में खूनी खेल खेल सकता है। वहीं, खबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री ने चार पुलिस वालों की हत्या की पुष्टि करते हुए कहा कि, मृतकों में एक बड़ा अधिकारी भी शामिल है। आपको बता दें कि, खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में इमरान खान की पार्टी पीटीआई सत्ता में है और इमरान खान एक के बाद एक ट्वीट कर शहबाज सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने इस आतंकी हमले को शहबाज सरकार की नाकामयाबी करार दिया है। इमरान खान ने कहा कि, 'हमारी अर्थव्यवस्था को धरातल पर उतारने के अलावा, यह आयातित सरकार पाकिस्तान में आतंकवाद में 50 फीसदी वृद्धि से निपटने में नाकाम रही है, जिसमें चमन से लेकर स्वात, लक्की मरवत और बन्नू तक की आतंकी घटनाएं शामिल हैं।' इमरान खान ने भी कहा कि, "वे (शहबाज शरीफ) एक 'दोस्ताना' अफगान सरकार के सुरक्षा बलों द्वारा अंतरराष्ट्रीय पाक-अफगान सीमा से हमलों से निपटने में भी विफल रहे हैं" ।
आर्मी सेंटर पर कैसे हुआ हमला?
वहीं, इमरान खान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए योजना मंत्री अहसान इकबाल ने कहा कि, केपी में कानून व्यवस्था की स्थिति प्रांतीय सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि, "केपी सीटीडी एक किराए के भवन में है, यहां तक कि ग्रेड-20 के एक अधिकारी को भी सीटीडी पुलिस उप महानिरीक्षक के रूप में तैनात नहीं किया गया है। पीटीआई अपनी कमियों और आपराधिक लापरवाही को छुपाने के लिए हमेशा लंगड़ा होने का बहाना बनाती है।' वहीं, स्थानीय पुलिस के मुताबिक, रविवार को केपी पुलिस आर्मी सेंटर के अंदर करीब 25 आतंकियों से पूछताछ कर रही थी और उसी दौरान आतंकियों ने पुलिस जवानों को बंधतक बना लिया। अब सभी पुलिसवाले एक लॉकअप में बंद हैं, जबकि आतंकियों के कब्जे में सैन्य सेंटर है। इससे पहले, सूत्रों ने कहा था कि, आतंकवादियों के साथ बातचीत चल रही है, जबकि एक ऑपरेशन के लिए पाकिस्तानी सेना और पुलिस के कमांडो तैनात किए गए थे। वहीं, बन्नू के एक निवासी ने कहा कि छावनी क्षेत्र में गोलियों और विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। लेकिन, खबर लिखे जाने तक आर्मी सेंटर आतंकियों के ही कब्जे में था। वहीं, डॉन के मुताबिक, सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है, कि आतंकियों से पूछताछ नहीं हो रही थी, बल्कि बाहर से आतंकियों ने हमला किया है। लिहाजा, कहना मुश्किल है, कि आर्मी सेंटर को कब तक आतंकियों से मुक्त किया जा सकता है।












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