परमाणु निरस्त्रीकरण के बाद साउथ कोरिया की तरह नॉर्थ कोरिया भी बनेगा नया दोस्त- अमेरिका
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन के बीच 12 जून को मुलाकात होने वाली है। इस बीच अमेरिका के स्टेट सेक्रेटरी माइक पोंपेयो ने कहा कि अगर नॉर्थ कोरिया अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर तुरंत निर्णय लेता है, तो अमेरिकी सरकार उनके साथ काम करने के लिए तैयार हो जाएगी। पोंपेयो ने कहा कि अगर किम जोंग उन अपने परमाणु निरस्त्रीकरण पर बोल्ड निर्णय लेते हैं, तो वे उनके सहयोगी देश साउथ कोरिया की तरह ही नॉर्थ कोरिया के साथ काम करने को तेयार है।

प्योंगयांग में किम जोंग उन से मुलाकात करने के बाद पोंपेयो ने यह बात वॉशिंगटन में साउथ कोरिया के विदेश मंत्री से कही। किम जोंग उन से मुलाकात से पहले साउथ कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन 22 मई को वॉॉशिंगटन पहुंचेंगे, जहां वे डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।
किम जोंग उन से दो बार मुलाकात कर चुके पोंपेयो ने कहा कि नॉर्थ कोरियाई राष्ट्रपति कथित मानवाधिकारों के दुरुपयोग की लंबी सूची में रहने के बाद भी वे बहुत शांत है। जहां अमेरिका एक तरफ कहा रहा है कि किम के साथ बहुत ही सफल वार्ता रही और वे जल्द ही परमाणु निरस्त्रीकरण पर फैसला लेते हैं, तो वे उनके साथ काम कर सकते हैं। वहीं, दूसरी तरफ साउथ कोरियाई विदेश मंत्री कांग ने कहा है कि जब तक कोई ठोस नतीजे नहीं निकाल जाते, तब तक नॉर्थ कोरिया पर प्रतिबंध जारी रहेंगे।
सिंगापुर में अगले माह जून में डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन से मुलाकात होगी। ट्रंप पहले ही कह चुके है कि उनकी मुलाकात व्यर्थ नहीं जाएगी, इस दौरान अमेरिका किम जोंग पर परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए दबाव डालेगा।












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