Middle East War: सऊदी में US एंबेसी पर ईरानी ड्रोन अटैक, अमेरिका ने नागरिकों से कहा- इसी वक्त अरब देश छोड़े
US citizens leave Middle East: मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव अब सीधे अंतरराष्ट्रीय ठिकानों तक पहुंच गया है। सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाते हुए ईरान ने ड्रोन हमला किया, जबकि जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर जोरदार बमबारी की। इस घटनाक्रम से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ईरान द्वारा अमेरिकी दूतावासों और सैन्य ठिकानों पर किए जा रहे ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच जो बाइडन-ट्रंप प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा Evacuation Order जारी किया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय (State Department) ने अपने नागरिकों को 15 देशों से तुरंत निकल जाने की सख्त हिदायत दी है।

Middle East war list of countries: अभी निकलें वरना देर हो जाएगी: अमेरिका
अमेरिकी विदेश विभाग में कांसुलर मामलों की सहायक सचिव मोरा नामदार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक आपातकालीन पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो और स्टेट डिपार्टमेंट सभी अमेरिकी नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे सुरक्षा जोखिमों के कारण उपलब्ध कमर्शियल उड़ानों के जरिए नीचे दिए गए देशों को तुरंत (DEPART NOW) छोड़ दें।
इन 15 देशों को छोड़ने का आदेश जिसमें- बहरीन, मिस्र (Egypt), ईरान, इराक, इजरायल, फिलिस्तीन (गाजा और वेस्ट बैंक), जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और यमन।
दूतावासों पर हमला: कुवैत और रियाद में धुआं और आग
यह चेतावनी तब आई है जब ईरान ने 'बदले की कार्रवाई' के तहत खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। सोमवार को कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास के पास ईरानी हमले के बाद धुएं का गुबार देखा गया। दूतावास ने नागरिकों को 'शेल्टर इन प्लेस' का निर्देश दिया है। 2 मार्च को तड़के सऊदी रक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की कि रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले से इमारत में आग लग गई और काफी नुकसान हुआ है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य ऑपरेशन में तेहरान में खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान ने 'महायुद्ध' का रास्ता चुन लिया है। ईरान ने न केवल इजरायल पर मिसाइलें दागी हैं, बल्कि उन सभी खाड़ी देशों (कतर, यूएई, बहरीन) को भी चेतावनी दी है जहाँ अमेरिकी सैन्य बेस मौजूद हैं। ईरान का दावा है कि ये देश अमेरिका की 'मदद' कर रहे हैं।
अमेरिकी नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
यदि आप इनमें से किसी देश में फंसे हैं और कमर्शियल माध्यमों से निकलने में मदद चाहते हैं, तो इन नंबरों पर 24/7 संपर्क करें:
विदेश से कॉल करें: +1-202-501-4444
अमेरिका/कनाडा से कॉल करें: +1-888-407-4747
दिल्ली से लेकर ढाका तक हाई अलर्ट
ईरान-अमेरिका युद्ध का असर अब दक्षिण एशिया पर भी पड़ रहा है। लश्कर-ए-तैयबा की धमकियों और धार्मिक स्थलों पर प्रोटेस्ट के खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया है। नेपाल के काठमांडू में युवाओं के विरोध प्रदर्शनों ने दक्षिण एशियाई लोकतंत्रों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भी एडवाइजरी जारी कर भारतीयों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित रहने को कहा है। एक साथ 15 देशों से नागरिकों को निकालने का आदेश इस बात का संकेत है कि अमेरिका आने वाले घंटों में ईरान पर और भी विनाशकारी हमलों की योजना बना रहा है। खाड़ी देशों का एयरस्पेस कभी भी पूरी तरह बंद हो सकता है, जिससे वहां फंसे लाखों विदेशी नागरिकों की जान खतरे में पड़ सकती है।












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