नशे की लत के चलते जेल की हवा खाने वाले शख्स के करोड़पति बनने की कहानी
सनलाइफ ऑर्गेनिक्स की शुरुआत के साथ वह लोगों के बीच प्यार, स्वास्थ्य और प्रेरणा के मंत्र के साथ जाना चाहता था। अब ये तीन शब्द भी ब्रांड की पहचान बन चुके हैं।
नई दिल्ली। नशे की लत की वजह से जेल में सजा भुगत चुका एक बेघर शख्स जब बाहर आया तो ऐसा कारनामा किया कि करोड़पति बन गया। हेरोइन के नशे में चूर रहने वाले और कमजोर कद-काठी के इस शख्स की कहानी कई लोगों के लिए प्रेरणा बन सकती है।

खुद की जिंदगी से दूसरों की जिंदगी बचाने तक का सफर
करीब 13 साल पहले खलील रफती नाम का ये शख्स बेरोजगार और बेघर था। लॉस एंजेलिस के कुख्यात नशेबाज इलाकों में मिलने वाले खलील को हेरोइन की बुरी लत थी। जेल से बाहर आकर उसने कड़ी मेहनत की और सन लाइफ ऑर्गेनिक्स का मालिक बन गया। आज की तारीख में वह करोड़पति है। लॉस एंजेलिस की छह अलग-अलग लोकेशन में उसकी चेन काम कर रही है।
जूस बार के कस्टमर अब कई नामी लोग और कंपनियां भी हो चुकी हैं। इसकी ड्रिंक्स 'द इलिक्सर ऑफ लाइफ' और 'द हैप्पी' काफी चर्चित हैं। अब 46 साल के हो चुके खलील ने जूस का साम्राज्य इसलिए खड़ा किया क्योंकि वह मानता है कि उसकी जिंदगी बचाने में इनका बड़ा योगदान है।

नशे ने चौपट कर दिया था करियर
जब खलील लॉस एंजेलिस आया तो उसे सारी चीजें उससे भी ज्यादा आसान लग रही थीं, जितना उसने सोचा था। बचपन में यौन उत्पीड़न का शिकार हुए खलील ने ओहियो से लॉस एंजेलिस तक लगातार सफर किया और कामयाबी की ओर बढ़ा। शुरुआत में उसने हॉलीवुड में बिजनेस की शुरुआत की और स्पोर्ट्स कारों की डीटेलिंग करने लगा। उसके क्लाइंट्स में एलिजाबेथ टेलर से लेकर कई और बड़ी हस्तियां शामिल थीं। लेकिन काम के साथ नशे की भी लत ने उसे गलत रास्ते पर मोड़ दिया।

जेल में रहकर सीखा सबक
साल 2001 में एक हाउस पार्टी के दौरान उसने जमकर हेरोइन का नशा किया और ओवरडोज ले लिया। वह बाथरूम के दरवाजे के पीछे ड्रग्स ले रहा था, तभी वहां चली एक गोली से वह बाल-बाल बचा था। 2003 में वह इसी लत के चलते कुछ दिन लॉस एंजेलिस काउंटी जेल में भी रहा। यह उसकी जिंदगी का अहम मोड़ था। जेल में रहकर वह एक बार फिर नई जिंदगी शुरू करने के लिए तैयार हो गया। उसने हेल्थ पर ध्यान देना शुरू कर दिया। लेकिन असली बदलाव तब आया जब एक दोस्त ने उसे जूस और सुपरफूड्स चेन के बारे में बताया।

मरीजों के लिए बनाने लगा ड्रिंक
2007 में उसने मलिबू में उसने रिविएरा रिकवरी सेंटर में मरीजों और स्टाफ के लिए जूस बनाना शुरू किया। यहां उसने एक घर लिया था। यहां उसने सनलाइफ की सिग्नेचर ड्रिंक वॉल्वेरीन तैयार की। यह ड्रिंक एक तरह की एनर्जी ड्रिंक थी जो मरीजों के लिए ताकत का काम करती थी। मरीजों के लिए बनाई जाने वाली ड्रिंक्स का असर ऐसा हुआ कि दूसरों की भी चाहत बढ़ने लगी। लोगों के बीच बढ़ती जूस की लोकप्रियता ने उसे सनलाइफ आर्गेनिक्स की शुरुआत के लिए प्रेरित किया।

ये है कंपनी का मूल मंत्र
सनलाइफ ऑर्गेनिक्स की शुरुआत के साथ वह लोगों के बीच प्यार, स्वास्थ्य और प्रेरणा के मंत्र के साथ जाना चाहता था। अब ये तीन शब्द भी ब्रांड की पहचान बन चुके हैं। ये कोट जैकेट और शर्ट में लिखे जा रहे हैं और उन्हें बेचा जा रहा है। खलील की इस कंपनी में 32 तरह के जूस, प्रोटीन शेक और कॉफी आदि प्रोडक्ट उपलब्ध हैं।
अपनी कंपनी के लिए स्टाफ सेलेक्शन करते वक्त भी वह सिर्फ जरूरतमंदों को ही चुनता है। ऐसे लोग जो बेहतर जिंदगी की तलाश में हैं और मौके नहीं मिल रहे, उन्हें वह अपने साथ रख लेता है।












Click it and Unblock the Notifications