मालदीव से भारत वापस आएंगे इंडियन आर्मी के जवान, PM मोदी से मुलाकात के बाद नये राष्ट्रपति मुइज्जू का ऐलान
India-Maldives News: मालदीव के नये राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने रविवार को कहा है, कि भारत सरकार द्वीप राष्ट्र से अपने सैनिकों को वापस बुलाने पर सहमत हो गई है। दुबई में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू की मुलाकात के कुछ घंटों बाद नई दिल्ली में सूत्रों ने कहा, कि इस मुद्दे पर दुबई में संक्षिप्त चर्चा हुई।
भारत सरकार के सूत्रों ने कहा, कि मालदीव के राष्ट्रपति ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और भारतीय हेलीकॉप्टरों और ऑपरेशनल विमानों को कैसे रखा जाए, इस पर चर्चा की थी और दोनों ही देश एक कोर ग्रुप बनाने को लेकर सहमत हुए हैं, जो एक सेटअप होगा और जो गौर करेगा, कि हेलीकॉप्टरों का ऑपरेशन आगे कैसे होगा।

वहीं, राष्ट्रपति मुइज्जू ने माले में संवाददाताओं से कहा, कि "हमारे बीच हुई चर्चा में भारत सरकार, भारतीय सैनिकों को हटाने पर सहमत हो गई है।"
उन्होंने कहा, कि "हम विकास परियोजनाओं से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने पर भी सहमत हुए।" मुइज्जू ने COP28 जलवायु शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी से बातचीत के बाद यह टिप्पणी की है।
द्वीप राष्ट्र के पास आपातकालीन चिकित्सा निकासी और आपदा राहत कार्यों के लिए भारत द्वारा मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) को दो हेलीकॉप्टर और एक विमान प्रदान किया गया है। इन प्लेटफार्मों को संचालित करने के लिए मालदीव में 77 भारतीय सैन्यकर्मी तैनात हैं।
मुइज्जू ने सितंबर में राष्ट्रपति चुनाव जीता था और उन्होंने अपने चुनावी कैम्पेन में 'इंडिया ऑउट' कैम्पेन चलाया था, जिसका मकसद द्वीप देश से इंडियन आर्मी के 77 जवानों को बाहर निकालना था, जो मालदीव के सैनिकों को ट्रेनिंग देने के साथ साथ हेलीकॉप्टर और विमानों की देखरेख के लिए तैनात किए गये थे।
जबकि, भारत में विदेश मंत्रालय की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, जबकि एक सूत्र ने कहा, कि "हमने मालदीव में एचएडीआर (मानवीय और आपदा राहत) गतिविधियों में लगे भारतीय प्लेटफार्मों की स्थिति के बारे में रिपोर्ट देखी है। जैसा कि चर्चाओं में माना गया, भारतीय प्लेटफार्मों की निरंतर उपयोगिता को उचित परिप्रेक्ष्य से देखने की जरूरत है।
सूत्र ने कहा, कि "मालदीव पक्ष ने इन प्लेटफार्मों की उपयोगिता को स्वीकार किया है। तथ्य यह है कि यह हमारी द्विपक्षीय विकास साझेदारी का एक महत्वपूर्ण खंड है, जो दोनों पक्षों द्वारा मान्यता प्राप्त है।"
सूत्र ने कहा, कि "उन्हें कैसे चालू रखा जाए, इस पर चर्चा चल रही है। दोनों पक्ष जिस कोर ग्रुप के गठन पर सहमत हुए हैं, वह इस बात पर गौर करेगा कि इसे कैसे आगे बढ़ाया जाए।'
दुबई में मोदी-मुइज्जू की मुलाकात के बाद दोनों पक्षों ने एक कोर ग्रुप बनाने का फैसला किया।
पिछले महीने मालदीव के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद, मोहम्मद मुइज्जू ने भारत सरकार से द्वीप राष्ट्र से "अपने सैन्य कर्मियों को वापस लेने" का "औपचारिक अनुरोध" किया था।












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