• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

America: 70 साल बाद किसी महिला को मौत की सज़ा, जहर का इंजेक्शन देकर किया अमल

|

US Excute First woan in 70 Years: वाशिंगटन डीसी। अमेरिकी में 7 दशक में पहली बार मौत की सज़ा पाई महिला कैदी की सज़ा पर अमल किया गया है। अमेरिकी महिला लीजा मोंटगोमरी (Lisa Montgomery) ने बच्चा चुराने के लिए एक गर्भवती महिला की हत्या कर दी थी। मोंटगोमरी को जहर का इंजेक्शन देकर मौत दी गई।

Lisa Montgomery

अमेरिका के न्याय विभाग ने बताया कि लीजा को इंडियाना में स्थानीय समय के अनुसार सुबह के 1.31 बजे मृत घोषित किया गया। लीजा को एक केंद्रीय ज्यूरी ने एकमत से मौत की सजा की अनुशंसा की थी जिसे मिसौरी के पश्चिमी जिले की जिला अदालत ने लागू किया था। मोंटगोमरी की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद अमल में लाया गया।

पहले मंगलवार को शाम छह बजे मौत की सजा पर इंडियाना के टेरे हाउते में मोंटगोमरी की मौत की सज़ा पर अमल किया जाना था लेकिन अमेरिका 8वीं सर्किल कोर्ट ने रोक दिया था। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कुछ घंटे पहले ही मोंटगोमरी की मौत की सजा पर अमल किए जाने का रास्ता साफ कर दिया जिसके बाद बुधवार को मोंटगोमरी को मौत की सज़ा दी गई।

मोंटगोमरी की सजा को रोकने के लिए उनके वकीलों ने कई संघीय अदालतों में फैसले को चुनौती दी थी। लीजा के वकील ने इस फैसले को सत्ता की ताकत का शातिर, गैरकानूनी और गैरजरूरी प्रदर्शन बताया।

बचाव पक्ष ने किया विरोध

बचाव पक्ष के वकीलों ने हालांकि उनके अपराध को कम करके बताने की कोशिश नहीं की। बचाव पक्ष का कहना था कि मोंटगोमरी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उन्हें मौत की सज़ा नहीं दी चाहिए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया और सज़ा पर अमल किए जाने को मंजूरी दे दी।

मोंटगोमरी ने 2004 में एक 23 वर्षीय गर्भवती महिला की हत्या कर दी थी। ऐसा उन्होंने उसका बच्चा चुराने के लिए किया था। वकील हेनरी ने कहा कि "एक असफल प्रशासन ने आज की रात अपनी खून की प्यास का पूर्ण प्रदर्शन किया। लीजा मोंटगोमरी की मौत में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों को शर्म करनी चाहिए।"

वो अपराध जिसने हिला दिया था

मोंटगोमरी के अपराध ने अमेरिका को हिला दिया था। मोंटगोमरी को बच्चा नहीं हो रहा था जिसके बाद उन्होंने सावधानी से अपना शिकार चुना जो कि एक 23 वर्षीय डॉग ब्रीडर (बेचने के लिए कुत्तों को पालने वाली) महिला थी। लीजा कुत्ते का बच्चा खरीदने के लिए उसके घर में गई और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद लीजा ने महिला का पेट फाड़कर उसके पेट से बच्चा निकाल लिया। 2007 में लीजा को अपहरण और हत्या का दोषी पाया गया और बाद में उन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई।

लीजा के वकीलों का कहना था कि उसके साथ बचपन में दुर्व्यवहार हुआ है और वह गंभीर मानसिक समस्या से जूझ रही है। उसे पता भी नहीं है कि उसकी सज़ा का क्या मतलब है । जो कि सज़ा के लिए सबसे जरूरी शर्त है।

ट्रंप प्रशासन ने कई मौत की सज़ा को दी मंजूरी

सोमवार को एक संघीय अदालत ने बचाव पक्ष को मोंटगोमरी के जीवन के बारे में संक्षिप्त रूपरेखा पेश करने को कहा जिसके उनकी मानसिक स्थिति का आकलन किया जा सके इसके लिए कोर्ट ने मौत की सज़ा पर अमल रोकने का आदेश दिया था। लेकिन अपील कोर्ट ने ये फैसला पलट दिया और इस पर निर्णय सुप्रीम कोर्ट के ऊपर छोड़ दिया। इसमें कहा गया कि मौत की सज़ा पर अमल किया जा सकता है।

ट्रम्प, अपने कई रूढ़िवादी साथियों की तरह, मृत्युदंड के प्रबल समर्थक हैं और उन्होंने मॉन्टगोमेरी के समर्थकों द्वारा क्षमादान के लिए भेजी गई याचिका को नजरअंदाज कर दिया था। एक तरफ जहां दुनिया भर में मृत्युदंड के फैसलों में कमी आई है वहीं ट्रम्प प्रशासन ने 17 साल के बाद पिछली जुलाई में मौत की सज़ा पर फिर से अमल शुरू किया था और अब तक कई लोगों को मौत की सज़ा दी जा चुकी है।

ये भी पढें- ट्रंप के कार्यकाल खत्म होने के पहले दी गई मौत की सजा, 130 साल की परंपरा टूटी

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
capital punishment us executes first woman in 70 year
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X