ब्रिटेन में लाफिंग गैस हुआ बैन, भांग के बाद सबसे अधिक होती थी बिक्री, नुकसान देख सरकार ने लिया एक्शन
वहां 16 से 24 साल के युवाओं के बीच पिछले कुछ वक्त में नाइट्रस ऑक्साइड का इस्तेमाल ड्रग के तौर पर बहुत तेजी से बढ़ा है। इससे बहुत से लोगों में बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं देखी जा रही हैं। इसलिए इस पर बैन लगाया गया है।

Image: Oneindia
Laughing Gas Ban: ब्रिटेन में सुनक सरकार ने नाइट्रस ऑक्साइड जिसे लॉफिंग गैस के नाम से भी जाना जाता है, पर प्रतिबंध लगा दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक हंसाने वाली गैस नाइट्रस ऑक्साइड की नशे के रूप लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए ये फैसला किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रिटेन में भांग के बाद लॉफिंग गैस नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दूसरा सबसे बड़ा ड्रग है। लाफिंग गैस के कारण बहुत बड़ी आबादी में स्वास्थ्य समस्याएं देखी जा रही थीं, इसीलिए यूके का गृह मंत्रालय इसे बैन करने पर लम्बे समय से विचार कर रहा था।
यूके सरकार ने शुरू की नई योजना
पीएम ऋषि सुनक ने अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए सोमवार को एक नयी ''असामाजिक आचरण कार्य योजना'' की शुरुआत की है। इस योजना के तहत मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों और आपराधिक गतिविधियों के लिए सजा के वास्ते पुलिस को अतिरिक्त अधिकार दिये हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अपराधियों को उनके गलत कार्यों के लिए सजा के रूप में कूड़ा उठाने, दीवारों की सफाई करने और पुलिस कारों को धोने की सजा दी जा सकती है। इसके अलावा उन्हें उच्च दृश्यता वाले बनियान या जंपसूट पहनने के लिए भी बाध्य किया जा सकता है।
सरकार ने बताया कारण
पीएम ऋषि सुनक ने नई योजना का समर्थन करते हुए कहा, ''असामाजिक आचरण घर की तरह सुरक्षित महसूस करने के लोगों के मूल अधिकार का उल्लंघन करता है।'' इसके साथ ही ब्रिटेन की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने कहा, ''ब्रिटिश जनता अपने पड़ोस में अपराध और उपद्रवी व्यवहार से तंग आ चुकी है। ये अपराध और उपद्रवी व्यवहार लोगों को दुख पहुंचा रहे हैं।'' जिसमें नाइट्रस ऑक्साइड की बिक्री पर प्रतिबंध लगाना इसी योजना का हिस्सा है। पुलिस मंत्री क्रिस फिलिप ने कहा कि ऐसी चिंताएं थीं कि नाइट्रस ऑक्साइड का "बहुत बड़े पैमाने पर" सेवन किया जा रहा था। इसलिए लाफिंग गैस रखने को अब एक अपराध माना जाएगा।
विशेषज्ञों ने जताया विरोध
लॉफिंग गैस यानी नाइट्रस ऑक्साइड के प्रभाव से हंसने का दौरा पड़ सकता है इसलिए ब्रिटेन में इसकी खुलेआम सप्लाई बैन है, लेकिन इसके कुछ वैध इस्तेमाल के चलते यह आसानी से मिल जाती है। लेकिन अब ब्रिटेन में नाइट्रस ऑक्साइड मिलनी मुश्किल हो जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि लाफिंग गैस पर प्रतिबंध, इसे लोगों को इसका इस्तेमाल करने से नहीं रोकेगा। इससे लाफिंग गैस आपराधिक हाथों में चला जाएगा जहां से इसकी तस्करी होगी। ड्रग साइंस साइंटिफिक कमेटी का कहना है इस पर प्रतिबंध लगाने से फायदा कम, नुकसान कहीं अधिक है।
कितनी खतरनाक है ये गैस?
लाफिंग गैस सेहत के लिए खतरनाक मानी जाती हैं। इसका इस्तेमाल अस्पतालों और डेंटल क्लिनिक में एनस्थीसिया लिए भी होता है। इस गैस के इस्तेमाल से याददाश्त पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी पैदा होती हैं। इसके अधिक उपयोग से विटामिन की कमी हो सकती है जो रीढ़ की हड्डी में नसों को नुकसान पहुंचाती है। ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, ग्रेट ब्रिटेन में 2001 और 2016 के बीच नाइट्रस ऑक्साइड से जुड़ी 36 मौतें हुईं।












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